भारत बनेगा सेमीकंडक्टर हब! PM मोदी ने SEMICON India 2026 का किया उद्घाटन, बोले- चिप सेक्टर में एक साथ कई मोर्चों पर काम
भारत को वैश्विक सेमीकंडक्टर हब बनाने की दिशा में सरकार ने एक और बड़ा कदम उठाया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को नई दिल्ली के यशोभूमि में SEMICON India 2026 के पांचवें संस्करण का उद्घाटन किया। 17 से 19 सितंबर तक चलने वाले इस कार्यक्रम में दुनिया भर की 600 से ज्यादा कंपनियां और 50 से अधिक देशों के प्रतिनिधि हिस्सा ले रहे हैं।
भारत पर बढ़ रहा दुनिया का भरोसा
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि एक तरफ भारत की अर्थव्यवस्था तेजी से आगे बढ़ रही है, वहीं दूसरी तरफ दुनिया का भारत पर भरोसा भी बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि भारत में तैयार और पैकेज की जा रही सेमीकंडक्टर चिप्स अब देश और वैश्विक बाजारों तक पहुंचने लगी हैं।
प्रधानमंत्री ने सेमीकंडक्टर उद्योग की जटिलता का जिक्र करते हुए कहा कि यह ऐसा क्षेत्र नहीं है जहां केवल फैक्ट्री लगाकर काम पूरा हो जाए। इस क्षेत्र में तकनीकी क्षमता और विशेषज्ञता विकसित करने में दशकों का समय लग सकता है। इसके बावजूद भारत ने चिप डिजाइन, मैन्युफैक्चरिंग, उपकरण निर्माण और टेस्टिंग जैसी क्षमताओं पर एक साथ काम शुरू किया है।
चिप डिजाइन से लेकर मैन्युफैक्चरिंग तक पर जोर
भारत की सेमीकंडक्टर रणनीति केवल चिप बनाने तक सीमित नहीं है। सरकार डिजाइन, फैब्रिकेशन, पैकेजिंग, उपकरण, रिसर्च और कुशल मानव संसाधन समेत पूरे इकोसिस्टम को विकसित करने पर जोर दे रही है। SEMICON India 2026 का फोकस भी इसी एंड-टू-एंड इकोसिस्टम को मजबूत करने पर है।सरकार के अनुसार, सेमीकंडक्टर क्षेत्र में अब तक 12 परियोजनाओं को मंजूरी दी जा चुकी है और कुछ परियोजनाओं में व्यावसायिक उत्पादन शुरू हो चुका है। हालांकि, भारत में बड़े पैमाने की सिलिकॉन फैब से चिप उत्पादन अभी शुरुआती चरण में है।
सेमीकंडक्टर की कमी से बढ़ी चुनौती
दरअसल, पिछले कुछ समय में वैश्विक स्तर पर सेमीकंडक्टर चिप्स की मांग बढ़ी है। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, इलेक्ट्रॉनिक्स, ऑटोमोबाइल और स्मार्ट डिवाइस जैसे क्षेत्रों में चिप की जरूरत लगातार बढ़ रही है। आपूर्ति में उतार-चढ़ाव का असर इलेक्ट्रॉनिक उत्पादों और वाहनों की लागत पर भी पड़ा है।मोबाइल फोन से लेकर कार तक लगभग हर आधुनिक इलेक्ट्रॉनिक सिस्टम में सेमीकंडक्टर महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। इसलिए चिप सप्लाई को लेकर किसी भी तरह की बाधा का असर पूरी सप्लाई चेन पर पड़ सकता है।
विदेशी कंपनियां भी कर रहीं निवेश
भारत के बढ़ते सेमीकंडक्टर इकोसिस्टम में विदेशी कंपनियों की दिलचस्पी भी बढ़ी है। SEMICON India 2026 के दौरान अमेरिकी सेमीकंडक्टर उपकरण कंपनी Applied Materials ने भारत में अगले दशक में 5 अरब डॉलर निवेश करने की योजना की घोषणा की है। कंपनी का निवेश रिसर्च, सप्लाई चेन और कर्मचारियों की क्षमता बढ़ाने जैसे क्षेत्रों में किया जाएगा।
सरकार का लक्ष्य चिप डिजाइन से लेकर निर्माण, पैकेजिंग और उपकरणों तक एक मजबूत घरेलू सप्लाई चेन तैयार करना है। इससे भारत की इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग क्षमता बढ़ाने और वैश्विक सेमीकंडक्टर सप्लाई चेन में देश की भूमिका मजबूत करने की कोशिश की जा रही है।SEMICON India 2026 को इसी व्यापक रणनीति के अहम मंच के तौर पर देखा जा रहा है, जहां भारत घरेलू क्षमता विकसित करने के साथ-साथ वैश्विक कंपनियों के साथ साझेदारी और निवेश को भी बढ़ावा दे रहा है।