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ज्ञानेश कुमार के खिलाफ INDIA ब्लॉक का राष्ट्रपति भवन तक मार्च, वीडियो में जाने राहुल-प्रियंका के साथ ममता बनर्जी भी हुईं शामिल

 

INDIA ब्लॉक के सांसदों ने मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के खिलाफ अपना विरोध तेज कर दिया है। संसद के सेंट्रल हॉल में बैठक समाप्त होने के बाद राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और अन्य विपक्षी सांसद राष्ट्रपति भवन की ओर मार्च के लिए रवाना हुए। इस विरोध प्रदर्शन में पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी भी शामिल हुईं। बताया जा रहा है कि ज्ञानेश कुमार के खिलाफ जारी विरोध प्रदर्शन में ममता बनर्जी की यह पहली भागीदारी है।

विपक्षी नेताओं का उद्देश्य राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मुलाकात कर उन्हें अपनी मांगों से अवगत कराना है। INDIA ब्लॉक के नेता राष्ट्रपति को एक पत्र सौंपकर ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग उठाएंगे। विपक्षी दलों का आरोप है कि चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली को लेकर गंभीर सवाल हैं और इन मुद्दों पर उचित कार्रवाई की आवश्यकता है।

सेंट्रल हॉल में हुई विपक्षी सांसदों की बैठक

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राष्ट्रपति भवन की ओर मार्च निकालने से पहले INDIA ब्लॉक के सांसदों ने संसद के सेंट्रल हॉल में बैठक की। इस बैठक में आगे की रणनीति और विरोध प्रदर्शन को लेकर चर्चा की गई। बैठक के दौरान राहुल गांधी ने देश के पहले प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू के 14 अगस्त 1947 को दिए गए भाषण को भी पढ़ा।विपक्षी सांसदों ने इस कार्यक्रम के जरिए लोकतंत्र और संवैधानिक संस्थाओं की भूमिका से जुड़े मुद्दों को सामने रखने का प्रयास किया। इसके बाद सांसद राष्ट्रपति भवन की ओर मार्च के लिए रवाना हुए, जहां वे राष्ट्रपति से मुलाकात कर अपनी मांगों वाला पत्र सौंपना चाहते हैं।

चार दिनों में तीसरी बार निकाला मार्च

ज्ञानेश कुमार के खिलाफ INDIA ब्लॉक के सांसदों का यह विरोध पिछले कुछ दिनों से लगातार जारी है। विपक्षी सांसदों ने चार दिनों के भीतर तीसरी बार मार्च निकालकर अपना विरोध दर्ज कराया है।इससे पहले 6 अक्टूबर को विपक्षी दलों ने 'सेव डेमोक्रेसी मार्च' आयोजित किया था। इसके बाद 7 अक्टूबर को सांसद जंतर-मंतर पर प्रदर्शन करने के लिए निकले, लेकिन उन्हें रास्ते में ही रोक दिया गया। इसके बाद 8 अक्टूबर को विपक्षी नेताओं ने कनॉट प्लेस से राजघाट तक मार्च निकाला था।लगातार हो रहे इन प्रदर्शनों से स्पष्ट है कि विपक्षी दल इस मुद्दे को राजनीतिक और सार्वजनिक स्तर पर उठाने की रणनीति अपना रहे हैं। विपक्षी नेताओं का प्रयास है कि उनकी मांगों पर संबंधित संवैधानिक पदाधिकारियों का ध्यान आकर्षित किया जाए।

राष्ट्रपति से मुलाकात पर टिकी नजरें

अब सभी की नजरें INDIA ब्लॉक के नेताओं और राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के बीच होने वाली मुलाकात पर टिकी हैं। विपक्षी सांसदों की ओर से ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग वाला पत्र सौंपे जाने की योजना है।इस घटनाक्रम के बीच चुनाव आयोग की भूमिका, उसकी कार्यप्रणाली और विपक्ष की मांगों को लेकर राजनीतिक बहस तेज होने की संभावना है। हालांकि, राष्ट्रपति से मुलाकात के बाद विपक्षी नेताओं की ओर से क्या प्रतिक्रिया दी जाती है और उनकी मांगों पर आगे क्या कदम उठाए जाते हैं, यह देखना महत्वपूर्ण होगा।