इंडिया ब्लॉक की रैली फ्लॉप, 10 लाख की भीड़ जुटाने का दावा करने वाले हजारों में सिमट गए: संजय सेठ
रांची, 2 नवंबर (आईएएनएस)। दिल्ली के रामलीला मैदान में रविवार को हुई इंडिया गठबंधन की रैली पर केंद्रीय रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ ने निशाना साधा है। रांची में एक कार्यक्रम के दौरान मीडिया से बात करते हुए उन्होंने इस रैली को पूरी तरह से फ्लॉप बताया। उन्होंने कहा कि बड़े-बड़े दावे किए गए थे, लेकिन मैदान में हकीकत कुछ और ही थी।
संजय सेठ ने कहा, "पूरे ब्लॉक में कुर्सियां खाली पड़ी थीं। ये वही कहावत है कि सिर्फ बड़े-बड़े बोल। 10 लाख की भीड़ जुटाने का तामझाम दिखाया गया, लेकिन वहां कुछ हजार लोग ही मौजूद थे। सभी मीडिया कर्मियों ने दिखाया कि कैसे आधा मैदान खाली था। इसका साफ मतलब है कि जनता ने खाली कुर्सियों के जरिए इस गठबंधन को नकार दिया।"
केंद्रीय मंत्री ने आगे कहा कि जनता ने उन लोगों को नकारा है, जो देश के विरोधी हैं, जो भारत के विकास के विरोधी हैं। उन्होंने कहा, "नकारा किसको? उनको जो भीड़तंत्र के सहारे देश को अशांत करना चाहते हैं, देश में अराजकता और हिंसा फैलाना चाहते हैं। और ये सब सिर्फ इसलिए कि मैं, मेरी मां, मेरी पत्नी, मेरी बहन का नाम चलता रहे। लेकिन अब ये चलने वाला नहीं है।"
उन्होंने कहा कि आज पूरा देश प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ खड़ा है। देश पीएम मोदी के विकास के साथ खड़ा है। तभी तो कल जनता ने इस गठबंधन को, जो चोर-चोर मौसेरे भाई जैसा है, पूरी तरह से नकार दिया। जो देश के साथ खड़ा होगा और देश के विकास के साथ खड़ा होगा, जनता उसी का साथ देगी। आज 140 करोड़ देशवासी प्रधानमंत्री मोदी के साथ खड़े हैं।
संजय सेठ ने वर्ल्ड बैंक की हालिया रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा, "वर्ल्ड बैंक ने स्वीकार किया है कि भारत में 50 करोड़ लोगों को गरीबी रेखा से बाहर निकालकर मध्यम वर्ग में शामिल किया गया है। ये बहुत बड़ी उपलब्धि है। ये हम नहीं कह रहे हैं, न ही हमारा कोई प्रवक्ता कह रहा है। ये वर्ल्ड बैंक की रिपोर्ट है।"
कांग्रेस पार्टी पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने हमेशा 'गरीबी हटाओ' का नारा दिया, लेकिन 50 साल तक देश पर शासन करने के बाद भी गरीबी नहीं हटी। उनका काम सिर्फ इंपोर्ट करने तक सीमित रहा, लेकिन पीएम मोदी ने करके दिखाया है कि कैसे 50 करोड़ लोगों को गरीबी रेखा से बाहर लाया जा सकता है। वर्ल्ड बैंक ने अपनी रिपोर्ट में यह भी कहा कि लगभग साढ़े 13 करोड़ लोगों के लिए रोजगार पैदा हुआ है, जिसमें महिलाओं के लिए भी रोजगार के अवसर बने हैं।
उन्होंने बताया कि वर्ल्ड बैंक ने इस बात का भी उल्लेख किया है कि 50 करोड़ लोग गरीबी रेखा से बाहर क्यों आए। इसके पीछे गरीब कल्याण योजना के तहत मुफ्त राशन वितरण, आयुष्मान भारत योजना के तहत 5 लाख रुपए तक का मुफ्त इलाज, जनधन योजना और किसान सम्मान निधि जैसी योजनाएं हैं। इन्हीं कारणों से देश के 50 करोड़ लोग गरीबी रेखा से बाहर आकर मध्यम वर्ग में शामिल हो गए हैं। यह बात वर्ल्ड बैंक ने कही है और यह सत्य है, जिसे हम रोज अपनी आंखों से देख रहे हैं।
विपक्ष द्वारा प्रधानमंत्री मोदी के खिलाफ की जा रही बयानबाजी पर पलटवार करते हुए संजय सेठ ने कहा कि पिछले 25-26 सालों का इतिहास देख लीजिए। अगर किसी ने भ्रष्टाचार का एक पैसा भी खाया होगा तो पीएम मोदी एक-एक पैसे का हिसाब लेंगे।
उन्होंने कहा, "राहुल गांधी के बारे में क्या ही बोलना। आप आम लोगों से बात करके देख लीजिए, राहुल गांधी को लेकर लोगों की क्या धारणा है। देश की जनता उन्हें गंभीरता से नहीं लेती है। वह एक झूठ बोलने वाली मशीन हैं, मैं-मैं करने वाली मशीन हैं और भारत का विरोध करने वाली मशीन हैं। पता नहीं क्यों, लेकिन देश की जनता उन्हें गंभीरता से नहीं लेती।"
उन्होंने कहा कि देश की जनता विकास के साथ खड़ी है, देश की जनता रिजल्ट देने वालों के साथ खड़ी है। आज गांव-गांव में गरीबों को आयुष्मान कार्ड के जरिए 5 लाख रुपए तक का मुफ्त इलाज मिल रहा है, गरीबों की सेवा हो रही है और इसका आशीर्वाद पीएम मोदी को मिल रहा है।
उन्होंने कहा, "50-60 साल तक जिन गांवों में लोगों ने बिजली नहीं देखी थी, उन लाखों गांवों में विद्युतीकरण हो गया है। गांव-गांव में सड़कें पहुंचीं। आज 82 करोड़ लोगों को मुफ्त राशन मिल रहा है। 55 करोड़ लोगों के जनधन खाते खुले हैं। यही तो मोदी सरकार है।"
उन्होंने कहा कि विपक्षी दल खिसियानी बिल्ली खंभा नोचे की तरह व्यवहार कर रहे हैं और मुंगेरीलाल के हसीन सपने देख रहे हैं। उनके सपने कभी साकार नहीं होंगे। ये पीएम मोदी हैं और 2029 में दो तिहाई बहुमत से फिर से सत्ता में आएंगे।
--आईएएनएस
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