आमने-सामने आए भारत और पाकिस्तान! इशाक डार के सामने राजनाथ सिंह का कड़ा रुख, जानें SCO में क्या-क्या हुआ
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने आतंकवाद के मुद्दे पर एक बार फिर सख्त रुख अपनाते हुए कहा है कि आतंकवाद को किसी भी परिस्थिति में सही नहीं ठहराया जा सकता। उन्होंने स्पष्ट किया कि आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में दोहरे मापदंडों की कोई जगह नहीं होनी चाहिए। उनका यह बयान ताजिकिस्तान की राजधानी दुशान्बे में मंगलवार, 20 अक्टूबर 2026 को आयोजित शंघाई सहयोग संगठन (SCO) की काउंसिल ऑफ हेड्स ऑफ गवर्नमेंट की बैठक के दौरान आया।बैठक में पाकिस्तान के विदेश मंत्री और उप-प्रधानमंत्री इशाक डार भी मौजूद थे। राजनाथ सिंह ने आतंकवाद को विकास के रास्ते में बड़ी बाधा बताते हुए कहा कि यह न केवल लोगों की जान लेता है, बल्कि निवेश, व्यापार और आर्थिक प्रगति को भी नुकसान पहुंचाता है।
इशाक डार के सामने राजनाथ सिंह का आतंकवाद पर कड़ा संदेश
राजनाथ सिंह ने अपने संबोधन में कहा कि आतंकवाद समाजों को कट्टरपंथ की ओर धकेलता है और युवाओं को उन अवसरों से वंचित कर देता है, जिनके वे हकदार हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि आतंकवाद को किसी भी आधार पर जायज नहीं ठहराया जा सकता।रक्षा मंत्री ने कहा कि आतंकवाद से निपटने के लिए सभी देशों को समान दृष्टिकोण अपनाना होगा। आतंकवादियों को आर्थिक सहायता देने, उन्हें समर्थन देने या सुरक्षित पनाहगाह उपलब्ध कराने वालों के लिए कोई जगह नहीं होनी चाहिए।
बैठक के दौरान पाकिस्तान के विदेश मंत्री इशाक डार भी उसी मेज पर मौजूद थे। पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय की ओर से साझा किए गए वीडियो में दोनों नेताओं को बैठक में बैठे देखा जा सकता है। राजनाथ सिंह का यह बयान आतंकवाद के खिलाफ भारत के लगातार सख्त रुख को दर्शाता है।
आतंकवाद का पूरा इकोसिस्टम खत्म करने की जरूरत: PM मोदी
इससे पहले सितंबर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी SCO की बैठक के दौरान आतंकवाद के पूरे नेटवर्क को खत्म करने की जरूरत पर जोर दिया था।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा था कि आतंकवाद के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई के लिए केवल आतंकियों पर कार्रवाई करना पर्याप्त नहीं है, बल्कि आतंकवाद की फंडिंग, युवाओं की भर्ती, कट्टरपंथ को बढ़ावा देने और आतंकियों को सुरक्षित ठिकाने उपलब्ध कराने वाले पूरे इकोसिस्टम को नष्ट करना जरूरी है।
उस बैठक में पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ, चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग, रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान सहित कई देशों के नेता शामिल हुए थे।
पाकिस्तान पर भारत लगातार उठाता रहा है सवाल
भारत लंबे समय से पाकिस्तान की सरकार और सेना पर आतंकवादियों को समर्थन और सुरक्षित ठिकाने उपलब्ध कराने के आरोप लगाता रहा है। पाकिस्तान इन आरोपों को लेकर अपना अलग पक्ष रखता रहा है।
अप्रैल 2025 में जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले में 26 लोगों की मौत हो गई थी। इसके बाद भारत ने मई 2025 में ऑपरेशन सिंदूर शुरू किया, जिसके दौरान पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले क्षेत्र में आतंकी ठिकानों को निशाना बनाने की जानकारी भारत ने दी थी। इसके बाद दोनों देशों के बीच सैन्य तनाव भी बढ़ा।
PM मोदी का पाकिस्तान पर तीखा तंज
सैन्य संघर्ष के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आतंकवाद और पर्यटन को लेकर पाकिस्तान पर निशाना साधा था। उन्होंने कहा था कि भारत पर्यटन को बढ़ावा देता है, जबकि पाकिस्तान आतंकवाद को बढ़ावा देने वाली गतिविधियों से जुड़ा रहा है। प्रधानमंत्री ने इसे क्षेत्रीय शांति और वैश्विक सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा बताया था।
SCO की बैठक में आतंकवाद बना अहम मुद्दा
SCO सदस्य देशों के बीच सुरक्षा, आर्थिक सहयोग और क्षेत्रीय स्थिरता जैसे मुद्दों पर चर्चा होती रही है। भारत का कहना है कि आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में सभी देशों को एकजुट होकर कार्रवाई करनी चाहिए और किसी भी देश को आतंकवाद के मामले में दोहरा रवैया नहीं अपनाना चाहिए।राजनाथ सिंह का दुशान्बे में दिया गया बयान इसी संदेश को दोहराता है कि आतंकवाद के खिलाफ कार्रवाई केवल बयानबाजी तक सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि आतंकियों को मिलने वाली आर्थिक मदद, समर्थन और सुरक्षित ठिकानों के खिलाफ भी ठोस कदम उठाए जाने चाहिए।