भारत-इंडोनेशिया के बीच 20 समझौते, ब्रह्मोस मिसाइल डील पर लगी मुहर; वीडियो में देंखे इंडोनेशिया बनेगा तीसरा खरीदार
भारत और इंडोनेशिया के बीच मंगलवार को राजधानी जकार्ता में कई अहम समझौतों पर हस्ताक्षर हुए। दोनों देशों ने रक्षा, तकनीक, डिजिटल सहयोग और रणनीतिक साझेदारी को मजबूत करने के लिए कुल 20 समझौते किए। इनमें सबसे महत्वपूर्ण समझौता ब्रह्मोस मिसाइल को लेकर रहा। लंबे समय से चल रही बातचीत के बाद अब इंडोनेशिया भारत से ब्रह्मोस मिसाइल की अतिरिक्त यूनिट खरीदेगा।
इस समझौते के साथ इंडोनेशिया ब्रह्मोस मिसाइल खरीदने वाला दुनिया का तीसरा देश बन गया है। इससे पहले फिलीपींस और वियतनाम भारत से ब्रह्मोस मिसाइल खरीदने का फैसला कर चुके हैं।
चार महीने की बातचीत के बाद हुई डील
ब्रह्मोस मिसाइल सौदे को लेकर भारत और इंडोनेशिया के बीच पिछले चार महीनों से बातचीत चल रही थी। दोनों देशों के बीच बढ़ते रक्षा सहयोग के बीच इस डील को रणनीतिक रूप से बेहद अहम माना जा रहा है।
ब्रह्मोस एक सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल है, जिसे भारत और रूस के संयुक्त उपक्रम BrahMos Aerospace ने विकसित किया है। यह मिसाइल जमीन, समुद्र और हवा से लॉन्च की जा सकती है और इसकी तेज रफ्तार इसे आधुनिक युद्ध प्रणाली में महत्वपूर्ण हथियार बनाती है।
ऑपरेशन सिंदूर में इस्तेमाल 'अस्त्र' मिसाइल भी खरीदेगा इंडोनेशिया
रक्षा सहयोग को आगे बढ़ाते हुए इंडोनेशिया ने भारत की अस्त्र मिसाइल खरीदने का भी फैसला किया है। यह वही एयर-टू-एयर मिसाइल है, जिसका इस्तेमाल ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारतीय सशस्त्र बलों ने किया था।
इस सौदे से दोनों देशों के बीच सैन्य तकनीक और रक्षा साझेदारी को और मजबूती मिलने की उम्मीद है। भारत लगातार अपने स्वदेशी रक्षा उत्पादों को मित्र देशों तक पहुंचाने की दिशा में काम कर रहा है।
EVM तकनीक में भी करेगा भारत सहयोग
रक्षा क्षेत्र के अलावा भारत और इंडोनेशिया के बीच डिजिटल और चुनावी तकनीक को लेकर भी समझौता हुआ है। भारत इंडोनेशिया के लिए इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (EVM) विकसित करने में मदद करेगा।
यह सहयोग भारत की चुनावी तकनीक और डिजिटल सिस्टम के अनुभव को साझा करने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।
राष्ट्रपति प्रबोवो ने पीएम को दिया सर्वोच्च सम्मान
इंडोनेशिया दौरे के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को इंडोनेशिया के राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो ने देश का सर्वोच्च सम्मान प्रदान किया।
सम्मान मिलने के बाद प्रधानमंत्री मोदी ने इसे अपने लिए गर्व और सौभाग्य का क्षण बताया। उन्होंने कहा कि भारत और इंडोनेशिया के बीच संबंध सदियों पुराने हैं और दोनों देश भविष्य में भी मिलकर आगे बढ़ेंगे।
इंडोनेशियाई संसद को किया संबोधित
सम्मान समारोह के बाद प्रधानमंत्री मोदी ने इंडोनेशिया की संसद को संबोधित किया। अपने भाषण में उन्होंने दोनों देशों के ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और रणनीतिक संबंधों का जिक्र किया।
उन्होंने कहा कि भारत और इंडोनेशिया के बीच सहयोग केवल सरकारों तक सीमित नहीं है, बल्कि दोनों देशों के लोगों के बीच भी गहरे संबंध हैं। उन्होंने रक्षा, व्यापार, डिजिटल तकनीक और क्षेत्रीय सुरक्षा के क्षेत्र में साझेदारी बढ़ाने पर जोर दिया।
भारत-इंडोनेशिया के बीच हुए ये समझौते हिंद-प्रशांत क्षेत्र में दोनों देशों की बढ़ती रणनीतिक साझेदारी को दर्शाते हैं। रक्षा क्षेत्र में ब्रह्मोस और अस्त्र मिसाइल सौदों को इस दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है।