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मनीषा कायंदे का इंडी गठबंधन पर तंज, बोलीं- राजनीतिक लाभ के लिए एकजुट होते हैं विपक्षी दल

 

मुंबई, 30 सितंबर (आईएएनएस)। इंडी गठबंधन की बैठक को लेकर शिवसेना नेता मनीषा कायंदे ने विपक्षी दलों पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि गठबंधन में शामिल नेता अपने राजनीतिक हितों को साधने के लिए एकजुट होते हैं। उन्होंने कहा कि इन दलों के पास देशहित से जुड़ा कोई स्पष्ट एजेंडा नहीं है और उनका मुख्य उद्देश्य अपनी पार्टी और राजनीतिक अस्तित्व को बचाए रखना है।

शिवसेना नेता मनीषा कायंदे ने समाचार एजेंसी आईएएनएस से बातचीत करते हुए कहा कि विपक्षी दलों का गठबंधन अवसर के अनुसार बनता और टूटता रहता है।

उन्होंने उद्धव ठाकरे की पार्टी का जिक्र करते हुए कहा कि उसका राजनीतिक अस्तित्व कमजोर हो रहा है और इसी वजह से वह कभी इंडी गठबंधन के साथ दिखाई देती है तो कभी उससे दूरी बना लेती है। उन्होंने यह भी कहा कि गठबंधन की बैठक में अब ऑनलाइन जुड़ने की बात हो रही है।

अखिलेश यादव को लेकर कायंदे ने कहा कि उत्तर प्रदेश में अपनी राजनीतिक स्थिति बनाए रखने के लिए वह परिस्थितियों के अनुसार गठबंधन में शामिल होते हैं या उससे दूरी बना लेते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्षी दलों का एकजुट होना केवल राजनीतिक लाभ और मीडिया कवरेज तक सीमित रहता है।

उद्धव ठाकरे और राज ठाकरे के बीच बढ़ती नजदीकी पर भी कायंदे ने टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि दोनों नेताओं के पास समय है, लेकिन उसका इस्तेमाल पार्टी के विस्तार या देशहित के कार्यों के लिए करने के बजाय वे मुद्दों के आधार पर साथ आते हैं। किसी मुद्दे पर साथ आना, मीडिया में तस्वीरें खिंचवाना और फिर कुछ समय बाद उस मुद्दे को भूल जाना उनकी राजनीति का हिस्सा बन गया है।

वहीं, शिवसेना (यूबीटी) नेता की हत्या के मामले में कायंदे ने कहा कि उनकी पार्टी किसी की मौत पर राजनीति नहीं करना चाहती। उन्होंने कहा कि पुलिस को मामले की पूरी जांच करनी चाहिए और यह पता लगाना चाहिए कि फायरिंग के पीछे कौन लोग थे तथा उनका मकसद क्या था। उन्होंने कहा कि पुलिस की रिपोर्ट आने से पहले इस घटना पर राजनीतिक बयानबाजी करना उचित नहीं होगा।

शिवाजी पार्क में प्रस्तावित कार्यक्रम को लेकर भी कायंदे ने विरोध जताया। उन्होंने कहा कि पुलिस ने अनुमति नहीं दी है और कानून-व्यवस्था बनाए रखना पुलिस की जिम्मेदारी है।

कायंदे ने आरोप लगाया कि पिछली बार भी वहां विवादित गतिविधियां हुई थीं और नेताओं के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणियां की गई थीं। किसी भी राजनीतिक कार्यक्रम के नाम पर ऐसी गतिविधियों को बढ़ावा नहीं दिया जाना चाहिए और पुलिस को नियमों के अनुसार कार्रवाई करनी चाहिए।

--आईएएनएस

एसएके/डीकेपी