इमरान खान को लेकर पीटीआई के रवैए से नाखुश बहन अलीमा, पूछा कहां हैं पार्टी नेतृत्व
इस्लामाबाद, 25 फरवरी (आईएएनएस)। पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान के इलाज का मसला अब पक्ष विपक्ष का ही नहीं रह गया है बल्कि परिवार और पार्टी भीतर के असंतोष का भी मामला बन गया है। पाकिस्तान-तहरीक-ए-इंसाफ के संस्थापक इमरान खान की बहन अलीमा खानम ने पार्टी नेतृत्व पर ही सवाल खड़े किए हैं। बुधवार को पूर्व प्रधानमंत्री के मेडिकल ट्रीटमेंट को लेकर किए गए फैसलों पर पार्टी नेतृत्व की कड़ी आलोचना की।
अलीमा ने मीडिया के सामने अपना दर्द और आक्रोश जाहिर किया। उनके साथ दोनों बहनें उज्मा और नौरीन खानम भी मौजूद थीं। यह प्रेस कॉन्फ्रेंस इमरान खान के एक दिन पहले हुए फॉलोअप ट्रीटमेंट को लेकर मचे बवाल के बीच की गई। हालांकि, उनकी पार्टी (पीटीआई) ने इस प्रक्रिया को लेकर बरती जा रही 'सीक्रेसी' और परिवार के सदस्यों को इससे पूरी तरह बाखबर न रखने पर ऐतराज जताया था।
विपक्ष ने भी बार-बार मांग की है कि जेल में बंद इमरान के केस की जल्द सुनवाई की जाए।
प्रमुख मीडिया हाउस डॉन ने कहा कि मीडिया से बात करते हुए, अलीमा ने कहा कि पीटीआई संस्थापक की सेहत फिलहाल परिवार की सबसे बड़ी चिंता का विषय है। उन्होंने कहा कि उनके इलाज का कोई भी फैसला उनकी इजाजत के बिना नहीं लिया जाना चाहिए।
इमरान की हेल्थ के बारे में 17 फरवरी को गृहमंत्री मोहसिन नकवी के बयान का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि मंत्री ने सबके सामने दावा किया था कि इमरान को मेडिकल ट्रीटमेंट मिला था, लेकिन पार्टी नेतृत्व उस इलाज के नेचर को कन्फर्म नहीं कर सका।
अपने बयान में, नकवी ने अलीमा पर यह भी आरोप लगाया था कि वह अपने जेल में बंद भाई की सेहत संबंधी दिक्कतों का राजनीतिक फायदे के लिए इस्तेमाल कर रही हैं।
अलीमा ने पूछा, “कोई भी इस बात से इनकार या कन्फर्म क्यों नहीं करता कि कौन सा ट्रीटमेंट किया गया था?”
उन्होंने आरोप लगाया कि परिवार ने जिन चिकित्सकों की फेहरिस्त दी उनसे संपर्क नहीं किया गया और इलाज उस अस्पताल में नहीं कराया गया जिसकी हमने मांग उठाई थी।
जियो न्यूज के अनुसार, अलीमा खान ने इस्लामाबाद हाई कोर्ट (आईएचसी) के बाहर पत्रकारों से बात करते हुए कहा, "बैरिस्टर गौहर अली खान, लतीफ खोसा, और बैरिस्टर अली जफर कहां गायब हैं, और वे केस क्यों नहीं लड़ रहे हैं?" बता दें, यह सभी पीटीआई से संबंधित हैं।
इमरान की बहनें इमरान खान से जुड़े केस का अपडेट लेने आईएचसी पहुंची थीं। खैबर पख्तूनख्वा के चीफ मिनिस्टर सोहेल अफरीदी भी हाई कोर्ट पहुंचे और चीफ जस्टिस सरफराज डोगर से मिलने की कोशिश की।
--आईएएनएस
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