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इमरान खान को देश छोड़ना पड़ेगा, विदेशी नागरिक भारत के आंदोलन में नहीं ले सकता हिस्सा: एनडीए

 

नई दिल्ली, 16 अक्टूबर (आईएएनएस)। मुंबई में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ हुए विरोध प्रदर्शन में शामिल अभिनेता इमरान खान को पुलिस और फॉरेनर्स रीजनल रजिस्ट्रेशन ऑफिस (एफआरआरओ) की ओर से भारत छोड़ने का नोटिस जारी किया है। इस नोटिस को सत्ता पक्ष ने सही बताते हुए कहा कि इमरान खान को देश में रहने का कोई अधिकार नहीं है।

भाजपा विधायक अतुल भातखलकर ने समाचार एजेंसी आईएएनएस से बातचीत में कहा, "जो व्यक्ति इस देश का नागरिक नहीं है, उसे यहां के विरोध प्रदर्शनों में शामिल होने का कोई अधिकार नहीं है। इमरान खान इस देश के नागरिक नहीं हैं, फिर भी वे यहां आकर भारत के मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ विरोध प्रदर्शन और धरना दे रहे हैं। इससे साफ पता चलता है कि इन सभी गतिविधियों के पीछे विदेशी ताकतों का हाथ है।"

भाजपा प्रवक्ता प्रतुल शाह देव ने अभिनेता इमरान खान को नोटिस दिए जाने पर कहा, "इमरान खान पहले अमेरिका के नागरिक हैं। वह भारत में सिर्फ एक वर्क परमिट पर काम कर रहे थे। अमेरिका का नागरिक भारत में प्रदर्शन में हिस्सा ले रहा है। उन्होंने भारत की नागरिकता क्यों नहीं ली? आप फिल्मों में काम करने के लिए आ जाते हैं।"

उन्होंने कहा, "कानून के तहत भारत में विदेशी नागरिक प्रदर्शन नहीं कर सकता। इमरान खान को तुरंत भारत छोड़ देना चाहिए। इसके साथ इमरान के उन रिश्तेदार और उनकी पत्नी को अपने साथ ले जाना चाहिए, जिन्हें भारत में डर लगता है।"

भाजपा सांसद राहुल सिन्हा ने कहा, "विदेशी नागरिक को भारत में चल रहे आंदोलन में नहीं हिस्सा लेना चाहिए। इमरान खान को तो देश छोड़ना ही पड़ेगा, इसलिए मुंबई पुलिस ने देश छोड़ने का नोटिस देकर सही किया।"

भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता गुरु प्रकाश ने कहा, "इमरान खान भारतीय नागरिक नहीं है। अगर वह वीजा पर आकर भारत में गैर कानूनी काम करेंगे तो कानूनी कार्रवाई तो होगी ही।"

जेडीयू नेता श्याम रजक ने कहा, "भारत संविधान के हिसाब से चल रहा है। संविधान के अनुसार देश की गतिविधियों में वही हिस्सा ले सकता है, जो देश का नागरिक है। दूसरे के लोग भारत में शिक्षा, पर्यटन या अन्य काम के लिए आते हैं। यहां आंदोलन के लिए आने की इजाजत नहीं है। इमरान खान जैसे लोगों को भारत में रहने का कोई अधिकार नहीं है।"

जेडीयू प्रवक्ता राजीव रंजन प्रसाद ने कहा, "अभिनेता इमरान खान के पास दूसरे देश की नागरिकता है। विदेशी नागरिक भारत के आंदोलन में हिस्सा नहीं ले सकते। पुलिस और प्रशासन द्वारा तय सीमा के अंदर इमरान खान को देश छोड़ना होगा।

रायपुर में भाजपा सांसद साक्षी महाराज ने कहा, "भारत में दो बहुत अहम मुद्दे थे। एक भव्य राम मंदिर बना, लेकिन कोई अप्रिय घटना नहीं हुई। दूसरा मुद्दा कश्मीर से अनुच्छेद 370 को हटाना था। लोग कहते थे कि इससे खून-खराबा होगा, लेकिन तब भी कुछ बुरा नहीं हुआ। लेकिन जिस दिन यह पता चला कि पीएम मोदी संसद में एफसीआरए संशोधन बिल लाने वाले हैं तो सभी देश-विरोधी तत्व एक साथ आ गए। एफसीआरए के जरिए भारत में 30,000 करोड़ रुपए से ज्यादा की रकम आती है, जिसका इस्तेमाल देश के इस्लामीकरण और ईसाईकरण के लिए किया जा रहा है। इन विरोध-प्रदर्शनों को विदेशों से फंडिंग मिल रही है। ये विदेशी ताकतें नहीं चाहती हैं कि 'विकसित भारत 2047' का सपना सच हो। यह देश के खिलाफ एक विरोध है। वे देश को तोड़ना चाहते हैं, लेकिन जब तक हमारे पास पीएम मोदी और गृह मंत्री अमित शाह हैं, तब तक देश को कोई खतरा नहीं है।"

जम्मू-कश्मीर के पूर्व पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) एस.पी. वैद ने कहा, "इमरान भारतीय नागरिक नहीं हैं, वह अमेरिकी नागरिक हैं। इसलिए, जो व्यक्ति भारतीय नागरिक या निवासी नहीं है, वह राजनीतिक विरोध-प्रदर्शनों में हिस्सा नहीं ले सकता। यह इस देश का कानून है। यही वजह है कि उन्हें देश छोड़ने के लिए कहा गया है। मुझे लगता है कि यह सही फैसला है। अगर आपने ध्यान दिया हो तो ध्रुव राठी भी भारतीय नागरिक नहीं हैं, इसलिए वह भी राजनीतिक विरोध-प्रदर्शनों में हिस्सा नहीं ले सकते। इन दोनों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।"

दरअसल, 10 अक्टूबर को मुंबई के अगस्त क्रांति मैदान में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ हुए विरोध प्रदर्शन में अभिनेता इमरान खान भी आम नागरिक के तौर पर शामिल हुए थे। प्रदर्शन के दौरान मुंबई पुलिस ने उन्हें कुछ समय के लिए हिरासत में भी लिया था।

प्रदर्शन में शामिल होने के बाद भाजपा नेता किरीट सोमैया ने मुंबई पुलिस में इमरान खान के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई। इसके बाद, भारत सरकार की एजेंसी एफआरआरओ और मुंबई पुलिस ने आव्रजन और विदेशी अधिनियम के उल्लंघन के तहत उन्हें देश छोड़ने का नोटिस दिया। इमरान को 28 अक्टूबर तक देश छोड़ने को कहा गया है।

--आईएएनएस

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