×

अवैध पटाखा फैक्ट्री के मालिक नौशाद का एनकाउंटर, वीडियो में देंखे पैर में लगी गोली; 8 बच्चों समेत 11 मृतकों का आज पोस्टमॉर्टम

 

उत्तर प्रदेश के प्रयागराज-कौशांबी बॉर्डर पर सोमवार को अवैध पटाखा फैक्ट्री में हुए भीषण विस्फोट के मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। फैक्ट्री के मालिक नौशाद को मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया गया है। पुलिस के मुताबिक, मंगलवार तड़के करीब 4 बजे सैयद सरावां इलाके में पुलिस और नौशाद के बीच मुठभेड़ हुई। इस दौरान उसके पैर में गोली लगी, जिसके बाद उसे गिरफ्तार कर इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया।बताया जा रहा है कि विस्फोट के बाद नौशाद शहर से बाहर भागने की कोशिश में था। पुलिस को उसके सैयद सरावां इलाके में होने की सूचना मिली थी। घेराबंदी के दौरान उसने पुलिस टीम पर फायरिंग की, जिसके बाद जवाबी कार्रवाई में उसके पैर में गोली लगी। पुलिस ने मौके से उसे गिरफ्तार कर लिया।

<a style="border: 0px; overflow: hidden" href=https://youtube.com/embed/t8CwxyejsVg?autoplay=1&mute=1><img src=https://img.youtube.com/vi/t8CwxyejsVg/hqdefault.jpg alt=""><span><div class="youtube_play"></div></span></a>" style="border: 0px; overflow: hidden;" width="640">

8 बच्चों समेत 11 लोगों की मौत

सोमवार को अवैध पटाखा फैक्ट्री में हुए विस्फोट ने कई परिवारों को तबाह कर दिया। हादसे में 8 बच्चों समेत कुल 11 लोगों की मौत हुई है। मृतकों के शवों का आज पोस्टमॉर्टम किया जाएगा। मृतकों के परिजन पोस्टमॉर्टम हाउस पहुंच चुके हैं और अपनों के शवों का इंतजार कर रहे हैं।विस्फोट इतना भीषण था कि आसपास के इलाके में अफरा-तफरी मच गई। घटना के बाद पुलिस और प्रशासन की टीमें मौके पर पहुंचीं और राहत एवं बचाव अभियान चलाया गया।

नौशाद समेत 6 लोगों पर केस

पुलिस ने इस मामले में फैक्ट्री मालिक नौशाद, उसकी पत्नी शबाना, बेटे समेत परिवार के 6 लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया है। पुलिस ने नौशाद की पत्नी शबाना को हिरासत में लिया है और उससे पूछताछ की जा रही है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि अवैध पटाखा फैक्ट्री किस तरह संचालित हो रही थी और इसमें कौन-कौन लोग शामिल थे।

400 मीटर दूर बने गोदाम पर चला बुलडोजर

हादसे के बाद प्रशासन ने अवैध निर्माण के खिलाफ भी कार्रवाई शुरू कर दी है। बताया गया कि रविवार रात करीब साढ़े 7 बजे फैक्ट्री से लगभग 400 मीटर दूर बनाए गए गोदाम को बुलडोजर से ढहा दिया गया था। प्रशासन अब फैक्ट्री और उससे जुड़े अन्य ठिकानों की भी जांच कर रहा है।

तीन पुलिसकर्मी लाइन अटैच, दो सिपाही सस्पेंड

अवैध पटाखा फैक्ट्री लंबे समय से चल रही थी या नहीं और स्थानीय स्तर पर इसकी जानकारी पुलिस को थी या नहीं, इसे लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। मामले में पुलिस विभाग ने कार्रवाई करते हुए थाना प्रभारी विकास सिंह समेत तीन पुलिसकर्मियों को लाइन अटैच कर दिया है। इसके अलावा दो सिपाहियों को निलंबित किया गया है।पुलिस और प्रशासन की इस कार्रवाई के बाद अब यह जांच का विषय है कि इतनी संवेदनशील जगह पर अवैध पटाखा फैक्ट्री कैसे संचालित हो रही थी और सुरक्षा नियमों की अनदेखी क्यों की गई।

धमाके की वजह अब तक साफ नहीं

फैक्ट्री में विस्फोट आखिर किस वजह से हुआ, यह अभी तक स्पष्ट नहीं हो पाया है। जांच एजेंसियां घटनास्थल से साक्ष्य जुटा रही हैं। शुरुआती तौर पर एक महिला ने दावा किया था कि बिजली का खंभा गिरने के बाद फैक्ट्री में रखे बारूद में तेज धमाका हुआ। हालांकि, पुलिस ने अभी इस वजह की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है।

एयरफोर्स स्टेशन से सिर्फ 2 किलोमीटर दूर थी फैक्ट्री

इस मामले ने सुरक्षा को लेकर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। जिस फैक्ट्री में विस्फोट हुआ, वह प्रयागराज के मनौरी एयरफोर्स स्टेशन से करीब 2 किलोमीटर दूर बताई जा रही है। ऐसे संवेदनशील इलाके के आसपास अवैध रूप से विस्फोटक सामग्री और पटाखों का निर्माण होना प्रशासनिक निगरानी पर सवाल खड़े करता है।फिलहाल पुलिस नौशाद से पूछताछ कर रही है। जांच में यह पता लगाने की कोशिश होगी कि फैक्ट्री कब से संचालित थी, बारूद और पटाखा बनाने की सामग्री कहां से लाई जाती थी और इस पूरे नेटवर्क में और कौन-कौन लोग शामिल थे। वहीं, पोस्टमॉर्टम के बाद मृतकों के शव परिजनों को सौंपे जाएंगे। हादसे के बाद इलाके में शोक और तनाव का माहौल बना हुआ है।