इलैयाराजा को सुप्रीम कोर्ट से झटका, 'एन इनिया पोन निलावे' के कॉपीराइट मामले में सारेगामा के पक्ष में फैसला बरकरार
नई दिल्ली, 1 अक्तूबर (आईएएनएस)। संगीतकार इलैयाराजा और म्यूजिक कंपनी सारेगामा इंडिया के बीच चल रहे कॉपीराइट विवाद में सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को इलैयाराजा को राहत देने से इनकार कर दिया। अदालत ने दिल्ली हाईकोर्ट के उस फैसले के खिलाफ इलैयाराजा की अपील पर दखल देने से इनकार किया, जिसमें 'एन इनिया पोन निलावे' गाने के कॉपीराइट को लेकर सारेगामा के पक्ष में फैसला दिया गया था। यह गाना 1981 में आई तमिल फिल्म 'मूडू पनी' का है और इसे के.जे. येसुदास ने गाया था।
मामला दरअसल इस बात को लेकर था कि गाने के अलग-अलग हिस्सों- धुन, लिरिक्स और साउंड रिकॉर्डिंग पर किसका कॉपीराइट है। दिल्ली हाईकोर्ट ने मई 2026 में साफ किया था कि इलैयाराजा को गाने की म्यूजिकल कंपोजिशन पर कॉपीराइट हासिल है लेकिन वह गाने के लिरिक्स या उसकी साउंड रिकॉर्डिंग पर अधिकार का दावा नहीं कर सकते।
यह पूरा विवाद तब सामने आया जब फिल्म 'अघथिया' में 'एन इनिया पोन निलावे' का रीक्रिएटेड वर्जन इस्तेमाल किया गया। इसे लेकर सारेगामा ने आपत्ति जताई थी। कंपनी का कहना था कि उसके पास मूल फिल्म 'मूडू पनी' की साउंड रिकॉर्डिंग के अधिकार हैं। दूसरी तरफ इलैयाराजा की ओर से इस गाने को लेकर लाइसेंस दिए जाने की बात सामने आई। इसी के बाद कॉपीराइट को लेकर कानूनी लड़ाई शुरू हुई।
दिल्ली हाईकोर्ट ने अपने फैसले में कॉपीराइट के तीन अलग हिस्सों- म्यूजिकल कंपोजिशन, लिरिक्स और साउंड रिकॉर्डिंग के बीच अंतर किया। हाईकोर्ट ने कहा कि इलैयाराजा गाने के संगीत के कंपोजर होने के नाते उसकी म्यूजिकल कंपोजिशन पर अधिकार रखते हैं। हालांकि, फिल्म में इस्तेमाल हुई साउंड रिकॉर्डिंग पर उनका अधिकार नहीं है। हाईकोर्ट ने कहा कि 25 फरवरी 1980 के एक एग्रीमेंट के जरिए 'मूडू पनी' में मौजूद साउंड रिकॉर्डिंग के कॉपीराइट मूल कंपनी से सारेगामा के पास चले गए थे।
दिल्ली हाईकोर्ट ने कहा कि इलैयाराजा के पास अपनी म्यूजिकल कंपोजिशन से जुड़े कुछ अधिकार बने रहते हैं लेकिन वे अधिकार लिरिक्स या साउंड रिकॉर्डिंग तक नहीं जाते। ऐसे में वह उस फिल्म में रिकॉर्ड किए गए गाने की मूल रिकॉर्डिंग को अपनी संपत्ति बताकर किसी दूसरे पक्ष को अधिकार नहीं दे सकते।
इससे पहले जनवरी 2025 में दिल्ली हाईकोर्ट की सिंगल बेंच ने सारेगामा के पक्ष में अंतरिम राहत दी थी। इसके बाद इलैयाराजा ने इस आदेश को चुनौती दी थी। मई 2026 में डिविजन बेंच ने भी सिंगल बेंच के फैसले को बरकरार रखा था। इसके बाद इलैयाराजा ने फैसले की समीक्षा की मांग की लेकिन 26 मई को दिल्ली हाईकोर्ट ने उनकी रिव्यू याचिका भी खारिज कर दी। इसके बाद उन्होंने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया। सुप्रीम कोर्ट ने इस गाने को लेकर दिल्ली हाईकोर्ट का फैसला बरकरार रखा है।
--आईएएनएस
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