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आईआईटी मद्रास फैकल्टी एसोसिएशन ने आईआईटी बॉम्बे छात्र की मौत पर जताया दुख, निष्पक्ष जांच की अपील

 

नई दिल्ली, 21 सितंबर (आईएएनएस)। आईआईटी मद्रास फैकल्टी एसोसिएशन ने आईआईटी बॉम्बे के एक छात्र की मौत पर गहरा दुख जताते हुए मामले की निष्पक्ष, पारदर्शी और समयबद्ध जांच कराने की मांग की है। एसोसिएशन ने कहा कि जांच पूरी होने से पहले किसी व्यक्ति को सार्वजनिक रूप से या मीडिया में जिम्मेदार ठहराना उचित नहीं है।

जारी बयान में एसोसिएशन ने कहा कि 18 सितंबर को आईआईटी बॉम्बे के एक युवा छात्र की मौत पूरे शैक्षणिक समुदाय के लिए गहरी क्षति है। संगठन ने छात्र के माता-पिता और परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए उसके दोस्तों, सहपाठियों और आईआईटी बॉम्बे के छात्र समुदाय के साथ एकजुटता जताई।

बयान में कहा गया कि ऐसे दुखद समय में घटना की परिस्थितियों की जांच स्थापित संस्थागत प्रक्रिया और कानून के तहत निष्पक्ष तरीके से होनी चाहिए। एसोसिएशन ने आईआईटी बॉम्बे फैकल्टी फोरम के उस बयान का भी उल्लेख किया, जिसमें कहा गया था कि प्रोफेसर सूर्यनारायण डूला ने पाठ्यक्रम प्रशिक्षक और परीक्षा निरीक्षक के रूप में संस्थान की सीनेट द्वारा स्वीकृत शैक्षणिक प्रक्रियाओं के अनुरूप काम किया।

आईआईटी मद्रास फैकल्टी एसोसिएशन ने कहा कि आईआईटी प्रणाली के शिक्षकों की जिम्मेदारी परीक्षाओं की निष्पक्षता और शुचिता बनाए रखना है और उन्हें संस्थागत नियमों का पालन करते हुए बिना किसी व्यक्तिगत बदनामी के डर के अपना दायित्व निभाने में सक्षम होना चाहिए।

एसोसिएशन ने तीन प्रमुख मांगें रखीं। पहली, घटना की जांच संबंधित संस्थागत और कानूनी प्राधिकरण निष्पक्ष, पारदर्शी और तय समय सीमा के भीतर करें तथा छात्र और उसके परिवार की गरिमा का पूरा सम्मान किया जाए। दूसरी, जांच पूरी होने से पहले किसी व्यक्ति को सार्वजनिक रूप से या मीडिया में दोषी न ठहराया जाए, क्योंकि समय से पहले निकाले गए निष्कर्ष, मीडिया ट्रायल और सोशल मीडिया पर अटकलें सभी संबंधित पक्षों को नुकसान पहुंचाती हैं। तीसरी, जांच में यह भी देखा जाए कि शैक्षणिक कदाचार से जुड़े मामलों में मौजूदा संस्थागत प्रक्रियाएं छात्रों को तनावपूर्ण परिस्थितियों में पर्याप्त परामर्श, सहयोग और सुरक्षा उपलब्ध कराती हैं या नहीं।

एसोसिएशन ने छात्रों, शिक्षकों, प्रशासन, मीडिया और आम जनता से संयम और संवेदनशीलता बरतने की अपील करते हुए कहा कि तथ्यों को स्थापित करने का काम जांच प्रक्रिया पर छोड़ देना चाहिए।

आईआईटी मद्रास फैकल्टी एसोसिएशन के अध्यक्ष प्रो. एथायराजा मणि ने बयान में कहा कि संगठन आईआईटी बॉम्बे के अपने सहयोगी शिक्षक के साथ-साथ सभी छात्रों और उनके परिवारों के साथ भी एकजुटता से खड़ा है, क्योंकि संस्थानों की नींव छात्रों के विश्वास और उनके कल्याण पर टिकी है।

--आईएएनएस

डीएससी