आईआईटी दिल्ली और फ्रांस की सोरबोन यूनिवर्सिटी ने शुरू किया संयुक्त पीजी व रिसर्च प्रोग्राम
नई दिल्ली, 26 जून (आईएएनएस) आईआईटी दिल्ली व फ्रांस की सोरबोन यूनिवर्सिटी छात्रों को एक खास संयुक्त पीजी व रिसर्च प्रोग्राम ऑफर कर रहे हैं। वर्ष 2026 से ही जैविक विज्ञान में यह संयुक्त पीजी कार्यक्रम और संयुक्त शोध उपाधि कार्यक्रम शुरू किए जाएंगे। इससे दोनों देशों के विद्यार्थियों और शोधार्थियों को विश्वस्तरीय शिक्षा, आधुनिक शोध सुविधाओं और अंतरराष्ट्रीय अनुभव का लाभ मिलेगा। साथ ही विद्यार्थी दोनों संस्थानों में आ-जा सकते हैं।
दरअसल, भारत और फ्रांस के बीच शिक्षा, अनुसंधान और नवाचार के क्षेत्र में सहयोग लगातार मजबूत हो रहा है। इसी कड़ी में आईआईटी दिल्ली और फ्रांस के प्रतिष्ठित सोरबोन विश्वविद्यालय ने अपनी रणनीतिक साझेदारी को और व्यापक बनाने की घोषणा की है। दोनों संस्थान अब उन्नत अनुसंधान, शैक्षणिक कार्यक्रमों, छात्र एवं शिक्षकों के आदान-प्रदान तथा नवाचार के नए क्षेत्रों में मिलकर काम करेंगे। इस साझेदारी की मजबूत नींव पहले से स्थापित भारत-फ्रांस एकीकृत स्वास्थ्य परिसर ने रखी है।
अब दोनों संस्थान स्वास्थ्य क्षेत्र से आगे बढ़ते हुए पदार्थ विज्ञान, कृत्रिम बुद्धिमत्ता, सूचना विज्ञान, संगणक विज्ञान, रोबोटिकी और अन्य बहुविषयक क्षेत्रों में भी सहयोग बढ़ाने जा रहे हैं। जून 2026 में आईआईटी दिल्ली के निदेशक प्रोफेसर रंगन बनर्जी के नेतृत्व में एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल ने फ्रांस का दौरा किया है। इस दौरान दोनों संस्थानों के बीच कई महत्वपूर्ण बैठकों का आयोजन हुआ, जिनमें भविष्य के सहयोग और संयुक्त अनुसंधान की नई संभावनाओं पर चर्चा की गई।
प्रोफेसर रंगन बनर्जी ने कहना है कि स्वास्थ्य क्षेत्र में दोनों संस्थानों की साझेदारी अत्यंत सफल रही है। संयुक्त पीजी और शोध कार्यक्रमों के साथ विद्यार्थियों के दो-तरफा आदान-प्रदान की व्यवस्था भी शुरू हो चुकी है। अब एआई, टिकाऊ प्रौद्योगिकी, पदार्थ विज्ञान और रोबोटिकी जैसे उभरते क्षेत्रों में सहयोग से ऐसा वातावरण तैयार होगा जो उत्कृष्ट अनुसंधान, प्रतिभा विकास और समाज के लिए उपयोगी नवाचारों को बढ़ावा देगा। यह पहल भारत और फ्रांस के बीच बढ़ती रणनीतिक साझेदारी का भी महत्वपूर्ण हिस्सा है। दोनों देशों ने शिक्षा, अनुसंधान, स्वास्थ्य, नवाचार और डिजिटल प्रौद्योगिकी को सहयोग के प्रमुख स्तंभों के रूप में चिन्हित किया है।
उन्होंने कहा कि इस साझेदारी का उद्देश्य केवल वैज्ञानिक उपलब्धियां हासिल करना नहीं, बल्कि दोनों देशों के लोगों के बीच संपर्क बढ़ाना और दीर्घकालिक वैज्ञानिक सहयोग को मजबूत करना भी है। भारत-फ्रांस एकीकृत स्वास्थ्य परिसर इस सहयोग का प्रमुख केंद्र है। यह मंच इंजीनियरिंग, चिकित्सा, जीवन विज्ञान, सामाजिक विज्ञान और डिजिटल तकनीकों के विशेषज्ञों को एक साथ लाकर स्वास्थ्य संबंधी चुनौतियों के समाधान पर काम करता है। इसके माध्यम से संयुक्त शोध परियोजनाएं, छात्र प्रशिक्षण, शिक्षक एवं छात्र आदान-प्रदान, कार्यशालाएं और वैज्ञानिक संवाद जैसी अनेक गतिविधियां सफलतापूर्वक संचालित की जा चुकी हैं।
इस साझेदारी की बढ़ती महत्ता को फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने भी रेखांकित किया है। उन्होंने हाल ही में आयोजित ‘भारत इनोवेट्स 2026’ कार्यक्रम में अपने संबोधन के दौरान आईआईटी दिल्ली और सोरबोन विश्वविद्यालय के सहयोग को भारत-फ्रांस वैज्ञानिक एवं शैक्षणिक संबंधों की एक प्रमुख उपलब्धि बताया।
विशेषज्ञों का मानना है कि संयुक्त डिग्री कार्यक्रमों, साझा अनुसंधान परियोजनाओं, आधुनिक प्रयोगशाला सुविधाओं के उपयोग और विद्यार्थियों के अंतरराष्ट्रीय अनुभव के माध्यम से यह साझेदारी आने वाले वर्षों में वैश्विक शिक्षा और अनुसंधान जगत में एक नई मिसाल स्थापित कर सकती है। यह पहल ज्ञान, विज्ञान और नवाचार के माध्यम से भारत और फ्रांस के संबंधों को और अधिक गहराई प्रदान करेगी।
--आईएएनएस
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