☰
×

आईआईटी बॉम्बे छात्र साहिल वाकोडे के माता-पिता का अनशन पांचवें दिन भी जारी, प्रकाश आंबेडकर ने की मुलाकात

 

मुंबई, 1 अक्टूबर (आईएएनएस)। आईआईटी बॉम्बे के छात्र साहिल वाकोडे की मौत के मामले में न्याय और आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर उनके माता-पिता मुंबई के आजाद मैदान में अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठे हैं। गुरुवार को उनके अनशन का पांचवां दिन रहा। इस दौरान वंचित बहुजन आघाडी के अध्यक्ष प्रकाश आंबेडकर ने आजाद मैदान पहुंचकर साहिल के माता-पिता से मुलाकात की।

चित बहुजन आघाडी के अध्यक्ष प्रकाश आंबेडकर ने साहिल के माता-पिता से मुलाकात के बाद कहा कि आईआईटी बॉम्बे के होनहार छात्र साहिल वाकोडे की मौत के मामले में परिवार न्याय की मांग कर रहा है।साहिल के माता-पिता अपने बेटे को न्याय दिलाने के लिए अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठे हैं और वह इसी सिलसिले में प्रदर्शन स्थल पर पहुंचे थे।

आंबेडकर ने कहा कि साहिल के पिछले परीक्षाओं के अकादमिक रिकॉर्ड से पता चलता है कि वह एक होनहार छात्र थे। उन्होंने कहा कि उन्होंने इस मामले को लेकर वकीलों से भी विस्तार से जानकारी ली है। आंबेडकर ने पुलिस जांच पर सवाल उठाते हुए इसे निराशाजनक बताया। मामले में जिन लोगों पर आरोप लगाए जा रहे हैं, उन्हें अभी तक पूछताछ के लिए नहीं बुलाया गया है और न ही अदालत के सामने पेश किया गया है।

आंबेडकर ने यह भी कहा कि इस मामले की जांच इस पहलू से भी होनी चाहिए कि क्या इसमें मुख्यमंत्री की कोई भूमिका है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के निर्देश के बिना पुलिस इस तरह की जांच नहीं कर सकती।

साहिल के पिता रवींद्र वाकोडे ने कहा कि उन्हें सरकार की ओर से समर्थन मिल रहा है और सरकार के लोग लगातार उनसे मिलने के लिए यहां आ रहे हैं। उन्होंने कहा कि सरकार के लोगों को भी इस बात का एहसास है कि उनके बच्चे के साथ क्या हुआ है। उन्हें पूरा विश्वास है कि उनके बेटे को इंसाफ मिलेगा। उन्होंने अपने समर्थन में खड़े लोगों का आभार जताते हुए कहा कि जिस तरह से लोग उनके परिवार के साथ खड़े हैं, वह उनके लिए गर्व की बात है।

उन्होंने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि लोग आगे भी इसी तरह उनका समर्थन करते रहेंगे। रवींद्र वाकोडे ने स्पष्ट किया कि जब तक उनके बेटे को न्याय नहीं मिल जाता, तब तक वह अनशन पर बैठे रहेंगे और अपना संघर्ष जारी रखेंगे।

साहिल के पिता के वकील निखिल कांबले ने अनशन और प्रदर्शन की अनुमति को लेकर भी जानकारी दी। उन्होंने कहा कि परिवार ने निर्देश दिया था कि आंदोलन के लिए आवश्यक सभी अनुमतियां उचित नियम-कायदों का पालन करते हुए ली जाएं। उनके मुताबिक, हाईकोर्ट के दिशा-निर्देशों और महाराष्ट्र सरकार के नियमों के अनुसार अनुमति के लिए आवेदन किया गया था।

कांबले ने कहा कि जिन गतिविधियों के लिए अनुमति मांगी गई थी, उनके लिए अनुमति मिल गई थी। उन्होंने बताया कि गांधी जयंती के बाद शनिवार और रविवार होने के कारण इन तीन दिन सरकारी नियमों के अनुसार अनुमति मिलने में समस्या हो सकती है।

वकील निखिल कांबले ने कहा कि परिवार की सुरक्षा को लेकर एक दिन पहले पुलिस कमिश्नर को पत्र लिखा गया था। उन्होंने बताया कि परिवार की ओर से सुरक्षा की मांग इसलिए की गई है, क्योंकि मामले में दोनों आरोपी अभी गिरफ्तार नहीं हुए हैं। वकील के मुताबिक, ऐसी स्थिति में परिवार को आरोपियों की ओर से खतरा होने की आशंका है।

कांबले ने कहा कि सुरक्षा को लेकर अभी तक पुलिस कमिश्नर की ओर से परिवार को कोई संवाद या सूचना नहीं मिली है। उन्होंने पुलिस से परिवार की सुरक्षा की मांग पर उचित कार्रवाई की अपेक्षा जताई।

साहिल के पिता के वकील ने जांच को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि फिलहाल परिवार का क्राइम ब्रांच के साथ कोई संवाद नहीं हो पा रहा है। साहिल के माता-पिता अनशन पर बैठे हैं और इस वजह से जांच एजेंसी के साथ उनकी बातचीत नहीं हो पाई है।

कांबले ने कहा कि जांच एजेंसी की ओर से भी अब तक साहिल के माता-पिता से कोई बातचीत नहीं की गई है। उन्होंने कहा कि जांच किस दिशा में आगे बढ़ रही है, इसकी हालिया जानकारी परिवार को नहीं मिल रही है। मामले की जांच से जुड़ी जो भी जानकारी परिवार को मिल रही है, वह मुख्य रूप से मीडिया के माध्यम से ही सामने आ रही है।

--आईएएनएस

एसएके/वीसी