×

आईएईए पर अमेरिका का दबाव, राजनीतिक इस्तेमाल न हो तभी कूटनीतिक समाधान संभव : ईरान

 

तेहरान, 6 जून (आईएएनएस)। ईरान ने अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (आईएईए) पर राजनीति करने का आरोप लगाया है। इसके साथ ही, अपील की कि अगर वह कूटनीतिक समाधान का हिस्सा बनना चाहती है तो अपनी तकनीकी रिपोर्ट को "राजनीतिक दबाव के हथियार" के रूप में न बदले।

ईरान के विदेश मंत्रालय में कानूनी और अंतरराष्ट्रीय मामलों के उप विदेश मंत्री काजेम गरीबाबादी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर कहा कि निरीक्षण और सुरक्षा से जुड़ी व्यवस्थाओं को तब तक मजबूत नहीं किया जा सकता जब तक निष्पक्षता, अंतरराष्ट्रीय कानून का पालन, देशों की संप्रभुता का सम्मान और निगरानी में शामिल परमाणु सुविधाओं पर हमलों की स्पष्ट निंदा नहीं की जाती।

गरीबाबादी ने कहा कि आईएईए प्रमुख राफेल ग्रोसी ईरान के परमाणु कार्यक्रम में कमी और अस्पष्टता की बात करते हैं, लेकिन यह नहीं बताते कि इसकी वजह अमेरिका और इजरायल के हमले हैं।

उन्होंने कहा कि केवल सैन्य कार्रवाई, धमकियां और प्रस्ताव पारित करने से परमाणु सुरक्षा मजबूत नहीं होती। उनके अनुसार, असली मजबूती तभी आती है जब सब निष्पक्ष हों और नियमों का सम्मान किया जाए।

गरीबाबादी ने आगे कहा कि जिन परमाणु केंद्रों पर अंतरराष्ट्रीय निगरानी का जिम्मा है, उन पर बमबारी करना, निरीक्षण की पहुंच और सुरक्षा को खत्म करना और फिर उन्हीं हमलों के परिणामों को “अनिश्चितता” के रूप में ईरान के खिलाफ इस्तेमाल करना उचित नहीं है।

ईरानी उप विदेश मंत्री का आरोप है कि आईएईए प्रमुख अमेरिका और पश्चिमी देशों के प्रभाव में काम कर रहे हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि ऐसी स्थिति में एजेंसी निष्पक्ष कैसे रह सकती है।

गरीबाबादी ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी की रिपोर्ट्स में बार-बार "60 प्रतिशत" यूरेनियम संवर्धन का उल्लेख करना और संभावित हथियार संबंधी परिदृश्यों को पेश करना, बिना स्पष्ट कानूनी संदर्भ दिए, तकनीकी से अधिक राजनीतिक कदम प्रतीत होता है।

उन्होंने कहा कि अप्रसार संधि (एनपीटी) में यूरेनियम संवर्धन के प्रतिशत की कोई निश्चित सीमा निर्धारित नहीं की गई है। कानूनी दृष्टि से मुख्य मानदंड यह है कि परमाणु सामग्री और गतिविधियों का उपयोग सैन्य उद्देश्यों के लिए न किया जाए।

गरीबाबादी ने दावा किया कि ईरान का परमाणु कार्यक्रम पूरी तरह शांतिपूर्ण रहा है और देश ने हमेशा अपनी कानूनी प्रतिबद्धताओं के दायरे में रहकर काम किया है।

उन्होंने आगे कहा कि एजेंसी एक ओर तो सैन्य हमलों से परमाणु सुविधाओं को हुए नुकसान की रिपोर्ट जारी करती है, लेकिन दूसरी ओर उन हमलों के जिम्मेदार पक्षों की जवाबदेही की अनदेखी करती है। इसके बाद यदि वही एजेंसी ईरान से उन हमलों के कारण पैदा हुई असुरक्षा और तकनीकी बाधाओं की कीमत चुकाने की अपेक्षा करती है, तो यह उचित नहीं है।

--आईएएनएस

केआर/