×

नोएडा में इंसानियत हुई शर्मसार? दिव्यांग महिला को कैब से उतारने का वीडियो वायरल, वीडियो देख खौल जाएगा खून 

 

उत्तर प्रदेश के नोएडा में एक दिव्यांग महिला ने आरोप लगाया है कि एक उबर ड्राइवर ने उन्हें अपनी व्हीलचेयर रखने से मना करने के बाद कैब से उतरने को कहा। प्रतिष्ठा देवेश्वर शर्मा द्वारा इंस्टाग्राम पर शेयर की गई इस घटना ने दिव्यांग लोगों के लिए सुलभता और समावेशिता पर व्यापक बहस छेड़ दी है। शारीरिक रूप से दिव्यांग प्रतिष्ठा ऑक्सफोर्ड से ग्रेजुएट हैं और एक मोटिवेशनल स्पीकर और एक्टिविस्ट हैं। उन्होंने दिल्ली के एक मशहूर मॉल से घर लौटने के लिए कैब बुक की थी, लेकिन गाड़ी में बैठने के बाद ड्राइवर ने उन्हें बाहर निकाल दिया।

प्रतिष्ठा देवेश्वर शर्मा ने वीडियो में क्या कहा?

प्रतिष्ठा ने अपने वीडियो में बताया, "उसने मुझे अपनी कार से बाहर निकाल दिया और कहा कि मैं अपनी व्हीलचेयर अंदर नहीं रख सकती। इसलिए, मुझे वापस अपनी कुर्सी पर बैठना पड़ा और दूसरी कैब बुक करनी पड़ी। यह उबर थी।" उन्होंने ड्राइवर के व्यवहार पर निराशा भी जताई और आरोप लगाया कि उसे अपनी हरकत पर कोई पछतावा नहीं था। उन्होंने कहा, "उसका चेहरा देखिए; उसे कोई शर्म या पछतावा नहीं है। दिव्यांग लोगों के लिए जीवन की यही सच्चाई है - एक ऐसी दुनिया जिसे हमारे लिए बहुत मुश्किल बना दिया गया है - और मैं चाहती हूं कि यह व्यक्ति अपने किए का नतीजा भुगते।"

एक लड़की जो चल नहीं सकती है वो Wheel Chair के मदद लेती है उनके साथ UBER ने क्या किया देखो 😡।

वो बाहर कुछ काम से गई थी तब वो Uber book करती है लेकिन जो Taxi आया वो इनका Wheel Chair को लेने से इनकार कर दिया!

और इनको बाहर कर दिया ,रात में एक Disability लड़की के साथ ऐसा करना क्या… pic.twitter.com/H7cMxJIQeH

— Subhajit Das (@SantaniSubhajit) June 14, 2026

एक लड़की जो चल नहीं सकती है वो Wheel Chair के मदद लेती है उनके साथ UBER ने क्या किया देखो 😡।

वो बाहर कुछ काम से गई थी तब वो Uber book करती है लेकिन जो Taxi आया वो इनका Wheel Chair को लेने से इनकार कर दिया!

और इनको बाहर कर दिया ,रात में एक Disability लड़की के साथ ऐसा करना क्या… pic.twitter.com/H7cMxJIQeH

— Subhajit Das (@SantaniSubhajit) June 14, 2026



कंपनी की ओर से कोई प्रतिक्रिया नहीं

प्रतिष्ठा ने सोशल मीडिया पर लोगों से कंपनी को टैग करने और उनके सामने यह मुद्दा उठाने की अपील की। ​​अपनी पोस्ट के कैप्शन में उन्होंने लिखा, "@uber_india और समाज को बेहतर काम करना चाहिए और ऐसे लोगों को जवाबदेह ठहराना चाहिए! इंसानियत खत्म नहीं होनी चाहिए। इस वीडियो को 400,000 से ज़्यादा बार देखा जा चुका है, फिर भी @uber_india की ओर से एक शब्द भी नहीं आया है। इसमें कोई हैरानी की बात नहीं है कि उन्हें अपने दिव्यांग यात्रियों की कोई परवाह नहीं है।"

प्रतिष्ठा को पहले भी ऐसे हालात का सामना करना पड़ा है

यह पहली बार नहीं है जब प्रतिष्ठा को कैब ड्राइवर के ऐसे व्यवहार का सामना करना पड़ा है। लगभग दो महीने पहले, अप्रैल में, रैपिडो (Rapido) के ज़रिए बुक की गई राइड के एक कैब ड्राइवर ने उन्हें लेने से मना कर दिया था क्योंकि वह व्हीलचेयर पर थीं।

**ड्राइवर के व्यवहार की आलोचना और कार्रवाई की मांग**

वीडियो वायरल होने के बाद, बड़ी संख्या में लोग महिला के समर्थन में आगे आए। कई सोशल मीडिया यूज़र्स ने ड्राइवर के व्यवहार की आलोचना की और कंपनियों से अपील की कि वे अपने ड्राइवरों को संवेदनशीलता और बुनियादी शिष्टाचार का प्रशिक्षण दें। कुछ लोगों ने सुझाव दिया कि ऐप-आधारित टैक्सी सेवाओं को दिव्यांग यात्रियों के लिए विशेष विकल्प और सुविधाएँ देनी चाहिए।