'हम पेपर लीक के दोषियों को कड़ी सजा देंगे', प्रधानमंत्री के ऐलान पर बोले गृह मंत्री अमित शाह
नई दिल्ली, 26 जुलाई (आईएएनएस)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को देश की परीक्षा प्रणाली में व्यापक सुधार की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए इंफोसिस के सह-संस्थापक और आधार परियोजना के प्रमुख वास्तुकार नंदन नीलेकणि की अध्यक्षता में एक हाई-पावर्ड टास्क फोर्स के गठन का ऐलान किया है। प्रधानमंत्री मोदी के इस ऐलान पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि हम पेपर लीक के दोषियों को कड़ी सजा देंगे।
अमित शाह ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में कहा कि मोदी सरकार हमारी नई पीढ़ी के भविष्य की रक्षा के लिए निरंतर सुधार के सिद्धांत का पालन करती है।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने व्यापक परीक्षा सुधारों के प्रति मोदी सरकार की प्रतिबद्धता के तहत नंदन नीलेकानी के नेतृत्व में उच्चस्तरीय कार्य बल का गठन किया है। यह कार्य बल सुनिश्चित करेगा कि कोई भी हमारी परीक्षा प्रणाली की पवित्रता को भंग न कर सके।
गृह मंत्री ने कहा कि हम पेपर लीक के दोषियों को कड़ी सजा देंगे और यह सुनिश्चित करेंगे कि कोई भी दोबारा ऐसा अपराध करने की हिम्मत न करे।
इससे पहले दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि भारत का युवा देश की सबसे बड़ी शक्ति है और उनके सपनों, परिश्रम तथा आकांक्षाओं की रक्षा करना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक बार फिर यह स्पष्ट किया है कि सरकार प्रत्येक छात्र को निष्पक्ष, पारदर्शी और विश्वसनीय शिक्षा व्यवस्था उपलब्ध कराने के लिए पूर्णतः प्रतिबद्ध है।
उन्होंने कहा कि पेपर लीक जैसी अनियमितताओं पर कठोर कार्रवाई, सशक्त कानूनी प्रावधानों के माध्यम से परीक्षा प्रणाली को अधिक सुरक्षित एवं विश्वसनीय बनाना सरकार की प्राथमिकता है। इससे पहले प्रधानमंत्री ने कहा कि इस टास्क फोर्स की रिपोर्ट के आधार पर आगामी परीक्षाओं की विश्वसनीयता, पारदर्शिता और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए जल्द कदम उठाए जाएंगे।
यह घोषणा ऐसे समय में हुई है, जब कथित परीक्षा पेपर लीक मामलों को लेकर देशभर में छात्रों का आंदोलन केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद समाप्त हुआ है।
रविवार को जारी अपने वीडियो संदेश में प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि केंद्र सरकार छात्रों के भविष्य की सुरक्षा के लिए लगातार कई कदम उठा रही है। उन्होंने कहा, "जिन लोगों ने छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया, वे आज जेल में हैं। हमने फास्ट-ट्रैक अदालतें स्थापित की हैं और संसद में कड़े कानूनी प्रावधानों वाला नया कानून लाने की दिशा में भी आगे बढ़ रहे हैं।"
--आईएएनएस
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