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रेड सी से गुजरने वाले जहाजों पर टैक्स लगाने की तैयारी में हूती विद्रोही, वीडियो में जाने वैश्विक व्यापार पर पड़ सकता है असर

 

यमन के हूती विद्रोही रेड सी (लाल सागर) के दक्षिणी हिस्से से गुजरने वाले कारोबारी जहाजों पर शुल्क (टैक्स) लगाने की योजना बना रहे हैं। समाचार एजेंसी रॉयटर्स ने सूत्रों के हवाले से दावा किया है कि इस प्रस्ताव पर आंतरिक स्तर पर चर्चा चल रही है। हालांकि, इसे कब से लागू किया जाएगा, इसकी कोई आधिकारिक समयसीमा तय नहीं की गई है।

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यदि यह योजना लागू होती है, तो दुनिया के सबसे व्यस्त समुद्री व्यापार मार्गों में शामिल रेड सी और बाब अल-मंदेब जलडमरूमध्य से गुजरने वाले अंतरराष्ट्रीय जहाजों की परिचालन लागत बढ़ सकती है। इसका असर वैश्विक व्यापार और ऊर्जा आपूर्ति श्रृंखला पर भी पड़ने की आशंका जताई जा रही है।

दुनिया के सबसे अहम समुद्री मार्गों में शामिल है बाब अल-मंदेब

बाब अल-मंदेब जलडमरूमध्य रेड सी को अदन की खाड़ी से जोड़ता है और यह एशिया, यूरोप तथा अफ्रीका के बीच समुद्री व्यापार का बेहद महत्वपूर्ण मार्ग माना जाता है। हर साल हजारों मालवाहक जहाज और तेल टैंकर इसी रास्ते से गुजरते हैं।विशेषज्ञों का मानना है कि यदि इस मार्ग पर अतिरिक्त शुल्क लगाया जाता है, तो शिपिंग कंपनियों की लागत बढ़ेगी, जिसका असर वैश्विक व्यापार और तेल की कीमतों पर भी पड़ सकता है।

ईरान ने दिया टैक्स लगाने का सुझाव

रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार, जुलाई में ईरान में आयोजित सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई के अंतिम संस्कार में शामिल होने पहुंचे हूती नेताओं को ईरानी अधिकारियों ने जहाजों पर शुल्क लगाने का सुझाव दिया था।रिपोर्ट में यह भी दावा किया गया है कि इसके बाद ईरानी सलाहकारों ने हूती अधिकारियों के साथ मिलकर जहाजों से टैक्स वसूलने के लिए एक संभावित व्यवस्था तैयार करने में मदद की। हालांकि, इस संबंध में न तो हूती प्रशासन और न ही ईरान की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने आई है।

चीनी जहाजों को मिल सकती है छूट

सूत्रों के मुताबिक, प्रस्तावित व्यवस्था के तहत चीनी जहाजों को इस शुल्क से छूट दी जा सकती है। माना जा रहा है कि चीन के साथ रणनीतिक और आर्थिक संबंधों को देखते हुए यह विचार सामने आया है।चीन, सऊदी अरब से सबसे अधिक तेल आयात करने वाला देश है और रेड सी का समुद्री मार्ग उसके ऊर्जा आयात के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है।

वैश्विक व्यापार पर बढ़ सकती है चिंता

विशेषज्ञों का कहना है कि यदि हूती विद्रोही इस योजना को लागू करते हैं, तो रेड सी से गुजरने वाले अंतरराष्ट्रीय व्यापारिक जहाजों के लिए नई चुनौती खड़ी हो सकती है। पहले से ही इस क्षेत्र में सुरक्षा संबंधी जोखिमों के कारण कई शिपिंग कंपनियां अतिरिक्त सुरक्षा उपाय अपना रही हैं। ऐसे में नए शुल्क से समुद्री परिवहन की लागत और बढ़ सकती है।फिलहाल इस प्रस्ताव को लेकर कोई औपचारिक घोषणा नहीं की गई है, लेकिन इसकी खबर सामने आने के बाद अंतरराष्ट्रीय व्यापार और शिपिंग उद्योग में हलचल तेज हो गई है। अब सभी की नजर इस बात पर है कि हूती विद्रोही इस योजना को कब और किस रूप में लागू करते हैं।