होर्मुज से गुजरने पर 2 मिलियन डॉलर लेने का दावा निराधार: ईरान
नई दिल्ली, 23 मार्च (आईएएनएस)। होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले जहाजों पर 2 मिलियन डॉलर वसूले जाने के दावे को लेकर फैल रही खबरों पर भारत स्थित ईरानी दूतावास ने स्पष्ट और कड़ा रुख अपनाया है। दूतावास ने अपने आधिकारिक बयान में कहा कि इस तरह के सभी दावे पूरी तरह से झूठे, भ्रामक और निराधार हैं, और इनका वास्तविकता से कोई संबंध नहीं है।
दूतावास ने यह भी साफ किया कि इस तरह की बातें कुछ व्यक्तियों के निजी विचार हो सकते हैं, लेकिन इन्हें किसी भी स्थिति में ईरान सरकार की आधिकारिक नीति या रुख के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए। बयान में जोर देकर कहा गया कि ईरान ने अंतरराष्ट्रीय समुद्री मार्गों को लेकर कोई ऐसी नीति घोषित नहीं की है, जिसमें जहाजों से इस प्रकार की भारी रकम वसूली जा रही हो।
दरअसल, क्षेत्र में जारी संघर्ष और अनिश्चितता के माहौल में कई तरह की अपुष्ट खबरें और दावे सामने आ रहे हैं, जिनमें से कुछ को बिना आधिकारिक पुष्टि के ही व्यापक रूप से साझा किया जा रहा है। ईरान के दूतावास ने ऐसे ही दावों को खारिज करते हुए स्पष्ट किया कि देश की आधिकारिक स्थिति को केवल आधिकारिक स्रोतों के आधार पर ही समझा जाना चाहिए, न कि व्यक्तिगत बयानों या अफवाहों के आधार पर।
एक्स पोस्ट में जारी बयान में लिखा- "इस तरह की खबरें पूरी तरह निराधार हैं और इनका ईरान की आधिकारिक नीति से कोई संबंध नहीं है। इस तरह के दावे कुछ व्यक्तियों की निजी राय हैं, जो ईरान सरकार के आधिकारिक रुख को नहीं दर्शाते।"
इस पूरे घटनाक्रम के बीच ईरान की ओर से यह भी संकेत दिया गया है कि होर्मुज जलडमरूमध्य अंतरराष्ट्रीय आवाजाही के लिए खुला है, हालांकि मौजूदा भू-राजनीतिक परिस्थितियों के कारण कुछ देशों के संदर्भ में अलग रुख अपनाया जा सकता है।
सोमवार को भारतीय झंडे वाले दो बड़े गैस टैंकरों को होर्मुज स्ट्रेट पार करते हुए ट्रैक किया गया। शिप-ट्रैकिंग डेटा के मुताबिक, जग वसंत और पाइन गैस नाम के ये टैंकर दोपहर बाद (स्थानीय समयानुसार) यूएई से निकलकर ईरान के तट के पास से गुजरते हुए आगे बढ़ते दिखे।
--आईएएनएस
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