हिन्दू-मुस्लिम कार्ड न खेले ओवैसी: शहाबुद्दीन रजवी
बरेली, 10 जनवरी (आईएएनएस)। ऑल इंडिया मुस्लिम जमात के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना शहाबुद्दीन रजवी ने एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी पर हमला करते हुए कहा कि वे अपने बयानों से हिन्दू-मुस्लिम के बीच टकराव की स्थिति पैदा करना चाहते हैं।
मौलाना शहाबुद्दीन रजवी ने ओवैसी के उस बयान पर पलटवार किया है, जिसमें उन्होंने कहा था कि हिजाब पहनने वाली महिला भी भारत की प्रधानमंत्री बन सकती है। मौलाना शहाबुद्दीन रजवी ने ओवैसी को नसीहत देते हुए कहा कि उन्हें हिंदू-मुस्लिम का कार्ड नहीं खेलना चाहिए।
बरेली में मौलाना शहाबुद्दीन रजवी ने आईएएनएस से बातचीत में कहा कि असदुद्दीन ओवैसी कहते हैं कि हिजाब पहनने वाली महिला भारत की पीएम बन सकती है। बिल्कुल भारत की प्रधानमंत्री बन सकती है, लेकिन यह जरूरी नहीं है, जरूरी यह है कि चाहे वह हिजाब पहने या न पहने, चाहे कोई पुरुष भगवा कपड़े पहने, सफेद कुर्ता-पायजामा पहने या कोई महिला साड़ी पहने। अगर किसी व्यक्ति में काबिलियत, क्षमता और टैलेंट है तो वह देश के सर्वोच्च पद तक पहुंच सकता है, लेकिन ओवैसी साहब हिजाब की बात उठाकर हिंदू और मुसलमानों के बीच नया विवाद खड़ा करना चाहते हैं। उन्हें समझना चाहिए कि भारत एक धर्मनिरपेक्ष (सेक्युलर) गणराज्य है। यहां किसी का कोई मजहब सर्वोपरि नहीं होता। भारत की खूबसूरती यही है कि सभी धर्मों के लोग भाईचारे के साथ रहते हैं, इसलिए हिंदू-मुस्लिम टकराव पैदा करने की कोशिश नहीं करनी चाहिए।
उन्होंने अयोध्या में राम मंदिर के आसपास नॉन-वेज बिक्री पर प्रतिबंध को लेकर आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि अयोध्या में राम मंदिर के 15 किलोमीटर के दायरे में तथा पंच कोसी परिक्रमा मार्ग पर मांस की बिक्री पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। मांस की ऑनलाइन डिलीवरी पर भी रोक लगा दी गई है। यह आदेश अयोध्या जिला प्रशासन ने जारी किया है, जो गलत है। भारतीय संविधान हर व्यक्ति को अपनी इच्छानुसार भोजन करने की आजादी देता है। संविधान के अनुसार ही हर व्यक्ति अपनी मर्जी से कपड़े भी पहन सकता है। अयोध्या प्रशासन को किसने यह अधिकार दिया कि वह लोगों के रसोईघर में झांके और यह तय करे कि कौन क्या खाएगा और क्या नहीं खाएगा?
--आईएएनएस
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