हिंदू बच्चे को कलमा पढ़ाने के विवाद पर भड़के संत सीताराम दास, शिक्षक को बर्खास्त करने की मांग
अयोध्या, 16 जुलाई (आईएएनएस)। हैदराबाद के एक स्कूल शिक्षक द्वारा कथित तौर पर हिंदू बच्चे को कलमा पढ़ने और कुरान पढ़ने का होमवर्क दिए जाने के मामले पर अयोध्या के संत सीताराम दास ने नाराजगी जताई है। उन्होंने कहा कि जिस तरह से सनातनी बच्चों को गुमराह करने और जबरन धर्म परिवर्तन कराने की साजिश की जा रही है, वह बेहद निंदनीय और दुखद है। उन्होंने इसकी कड़ी निंदा करते हुए सरकार से मांग की कि ऐसे शिक्षक को नौकरी से बर्खास्त किया जाए।
संत सीताराम दास ने कहा, "ऐसे लोगों को हम कतई बर्दाश्त नहीं करेंगे। यह मानसिकता समाज में वैमनस्य फैलाने वाली है। जो लोग भाईचारे की बात करते हैं, उन्हें ऐसा व्यवहार नहीं करना चाहिए।"
हाल ही में वायरल हुए मौलाना जरजिस के उस वीडियो पर भी उन्होंने कड़ी प्रतिक्रिया दी, जिसमें मौलाना ने श्रीमद्भगवद्गीता का हवाला देते हुए भगवान श्रीकृष्ण को मुस्लिम बताया था। संत सीताराम दास ने इस दावे को पूरी तरह निराधार और आपत्तिजनक बताया। उन्होंने कहा कि मौलाना जरजिस को अपने बयान पर समाज से माफी मांगनी चाहिए। उन्होंने कहा, "अगर वह माफी नहीं मांगते हैं तो सरकार को उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई करनी चाहिए। ऐसे बयान समाज में तनाव पैदा कर सकते हैं।
राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले पर उत्तर प्रदेश विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना के उस बयान का समर्थन करते हुए, जिसमें उन्होंने कहा था कि "जिन्होंने सच्ची श्रद्धा से दान नहीं किया, उन्हीं का चढ़ावा चोरी हुआ", संत सीताराम दास ने कहा कि सतीश महाना ने "यथार्थ सत्य" कहा है। उन्होंने कहा कि जिन लोगों की भगवान राम के प्रति आस्था और श्रद्धा नहीं है, वही इस तरह के सवाल खड़े करते हैं। उनके अनुसार, श्रद्धा, समर्पण और सत्यपूर्वक कमाई से किया गया दान ही भगवान स्वीकार करते हैं। उन्होंने कहा कि संत परंपरा में भी दान की शुद्धता को महत्व दिया जाता रहा है और धर्मपूर्वक अर्जित धन से किया गया अर्पण ही सार्थक माना जाता है।
वाराणसी के गंगा-वरुणा कॉरिडोर परियोजना को केंद्रीय मंत्रिमंडल की मंजूरी मिलने का उन्होंने स्वागत किया। उन्होंने कहा, "गंगा और वरुणा के विकास के लिए 25 हजार करोड़ रुपये का बजट दिया जाना बेहद महत्वपूर्ण और सराहनीय कदम है। इससे काशी के विकास को गति मिलेगी और धार्मिक नगरी का महत्व और बढ़ेगा।"
उन्होंने कहा कि सरकार जिस तरह से धार्मिक स्थलों के विकास और सनातन संस्कृति को विश्व स्तर पर स्थापित करने का काम कर रही है, वह सराहनीय है।
समान नागरिक संहिता (यूसीसी) को लेकर मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव के बयान पर भी संत सीताराम दास ने समर्थन जताया। उन्होंने कहा, "एक देश में एक संविधान, एक कानून और एक नियम होना चाहिए। अगर हिंदू समाज में एक विवाह की व्यवस्था है तो सभी धर्मों के लिए समान कानून होना चाहिए।"
उन्होंने कहा कि संत समाज लंबे समय से समान नागरिक संहिता की मांग करता रहा है और जिन राज्यों में भाजपा की सरकार है, वहां इसे लागू करने की दिशा में कदम उठाए जाने चाहिए।
कांवड़ यात्रा को लेकर उत्तर प्रदेश पुलिस की तैयारियों पर अयोध्या के संत सीताराम दास ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सरकार में कांवड़ यात्रियों के लिए बेहतर व्यवस्थाएं की जा रही हैं। उन्होंने कहा, "पहले कांवड़ यात्रियों को कई परेशानियों का सामना करना पड़ता था, लेकिन अब उनकी सुरक्षा और सुविधा के लिए प्रशासन सक्रिय है।" उन्होंने प्रशासन की जांच प्रक्रिया की सराहना करते हुए कहा कि किसी भी तरह की अराजकता और धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाली गतिविधियों को रोकना जरूरी है
--आईएएनएस
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