जुबीन गर्ग मौत मामले में अमृतप्रभा महंत जेल से रिहा, गुवाहाटी हाईकोर्ट ने दी थी जमानत
गुवाहाटी, 13 अक्टूबर (आईएएनएस)। असम के मशहूर सिंगर जुबीन गर्ग की मौत के मामले में आरोपी सिंगर अमृतप्रभा महंत मंगलवार को जेल से रिहा हो गईं। गुवाहाटी हाईकोर्ट से जमानत मिलने के चार दिन बाद उन्हें हाफलोंग सब-जेल से रिहा किया गया।
जरूरी कानूनी औपचारिकताएं पूरी होने के बाद वह जेल से बाहर आईं। इस मामले में मुख्य केस में जमानत पाने वाली वह पहली आरोपी हैं।
अमृतप्रभा महंत 17 अक्टूबर 2025 से जेल में बंद थीं। गुवाहाटी हाईकोर्ट के जस्टिस प्रांजल दास ने 9 अक्टूबर को उन्हें जमानत दी थी। कोर्ट ने 50 हजार रुपए के बॉन्ड और उतनी ही रकम की दो जमानत राशि जमा करने की शर्त रखी थी। मामले में कई दिनों तक सुनवाई चली थी। इसके बाद विशेष लोक अभियोजक जियाउल कमर ने कोर्ट के फैसले की पुष्टि की थी।
हाईकोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि शुरुआती तौर पर ऐसा लगता है कि जुबीन गर्ग की मौत से पहले उनकी सेहत को लेकर जरूरी मेडिकल सावधानियों का पालन नहीं किया गया था। सिंगर पहले से कई स्वास्थ्य समस्याओं से जूझ रहे थे। ऐसे में उनके साथ एक केयरटेकर या मेडिकल अटेंडेंट होना चाहिए था, जो यह सुनिश्चित करता कि डॉक्टरों की ओर से बताए गए मेडिकल प्रोटोकॉल का पालन हो रहा है।
हालांकि, कोर्ट ने यह भी साफ किया कि यह तय करना कि मेडिकल सावधानियों का पालन नहीं करने के लिए कौन आरोपी जिम्मेदार था और क्या इसके लिए उस पर आपराधिक मामला बनता है, इसका फैसला ट्रायल के दौरान किया जाएगा।
जुबीन गर्ग की 19 सितंबर 2025 को सिंगापुर में समुद्र में तैरते समय मौत हो गई थी। वह नॉर्थ ईस्ट इंडिया फेस्टिवल में हिस्सा लेने के लिए सिंगापुर गए थे। उनकी मौत की खबर सामने आने के बाद असम में लोगों के बीच काफी नाराजगी देखने को मिली थी। फैंस और कई सामाजिक संगठनों ने मामले की पूरी जांच की मांग की थी।
इसके बाद असम सरकार ने मामले की जांच के लिए विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया। एसआईटी की चार्जशीट में सात लोगों को आरोपी बनाया गया। फेस्टिवल के आयोजक श्यामकानु महंत, जुबीन के मैनेजर सिद्धार्थ शर्मा, बैंड के सदस्य शेखरज्योति गोस्वामी और अमृतप्रभा महंत पर हत्या के आरोप लगाए गए।
वहीं, जुबीन के कजिन संदीपन गर्ग पर गैर-इरादतन हत्या का आरोप लगाया गया। उनके निजी सुरक्षा अधिकारियों नंदेश्वर बोरा और परेश बैश्य पर आपराधिक साजिश और विश्वासघात के आरोप लगाए गए हैं।
--आईएएनएस
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