डीएससी घोटाले के खुलासों से डरी सरकार, सोशल मीडिया अकाउंट्स ब्लॉक कर रही: वाईएसआरसीपी
अमरावती, 6 सितंबर (आईएएनएस)। वाईएसआर कांग्रेस पार्टी (वाईएसआरसीपी) ने रविवार को आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू की आलोचना की। पार्टी ने उन सभी सोशल मीडिया अकाउंट्स को ब्लॉक करने के उनके कदम को तानाशाही पूर्ण रवैया बताया, जो डीएससी घोटाले का पर्दाफाश कर रहे थे। पार्टी का कहना है कि इस कदम से गड़बड़ियों की पुष्टि होती है।
ताडेपल्ली में वाईएएसआरसीपी के केंद्रीय कार्यालय में मीडिया को संबोधित करते हुए प्रवक्ता पुट्टा शिवा शंकर ने कहा कि चंद्रबाबू नायडू डीएससी के खिलाफ बढ़ती जन-राय को जितना दबाने की कोशिश करेंगे, इसे और उजागर करने का संकल्प उतना ही मजबूत होगा। उन्होंने वाईएएसआरसीपी और उसके समर्थकों के सोशल मीडिया हैंडल को ब्लॉक करने के कदम की निंदा की।
उन्होंने आरोप लगाया कि अनिवार्य टीईटी परीक्षा दिए बिना नौकरी पाने वाले व्यक्ति के मामले और आरक्षण नीति को मंजूरी देने के साथ-साथ स्पोर्ट्स कोटा में धांधली के खुलासे ने सरकार को डरा दिया है और इसी डर के कारण सोशल मीडिया पोस्ट को ब्लॉक किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि डीएससी में गड़बड़ियों के मुद्दे के जोर पकड़ने और सरकार के खिलाफ जन-राय बनने के कारण, राज्य सरकार ने साइबर क्राइम विंग के जरिए मेटा कंपनी से शिकायत की है। इसके तहत साक्षी मीडिया ग्रुप से लेकर पार्टी और उसके समर्थकों के फेसबुक, इंस्टाग्राम और अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स को ब्लॉक कराया गया है। उन्होंने कहा कि इस कदम से यह पुष्टि होती है कि डीएससी में नोटिफिकेशन से लेकर परीक्षा आयोजित करने और भर्ती तक गड़बड़ियां थीं, खासकर स्पोर्ट्स कोटा में।
उन्होंने कहा कि ऐसे कमजोर कदम वाईएसआरसीपी को अन्य प्लेटफॉर्म्स पर गड़बड़ियों को उजागर करने से नहीं रोक पाएंगे। साथ ही पार्टी मेटा कंपनी को गठबंधन द्वारा की जा रही गड़बड़ियों के बारे में बताएगी और अकाउंट्स को बहाल करने की कोशिश करेगी।
उन्होंने कहा कि वे सभी समर्थकों और इन्फ्लुएंसर्स की हरसंभव मदद करेंगे ताकि उनके अकाउंट्स बहाल हो सकें और उन्हें जरूरी कानूनी सहायता मिल सके।
इस बीच, डीएससी 2025 में गड़बड़ियों की सीबीआई जांच और शिक्षा मंत्री नारा लोकेश के इस्तीफे की मांग को दोहराते हुए वाईएसआरसीपी ने कहा है कि गठबंधन को सच्चाई सामने आने का डर है और वह जांच से बच रहा है। रविवार को राजमुंदरी में मीडिया से बात करते हुए वाईएसआरसीपी यूथ विंग के प्रेसिडेंट जक्कम्पूडी राजा ने कहा कि डीएससी में गड़बड़ियों को उजागर करने वाले ठोस सबूत सामने आए हैं और पार्टी चीफ वाईएस जगन मोहन रेड्डी के तीखे सवालों का कोई जवाब नहीं है, जो इस बात की पुष्टि करते हैं कि ये गड़बड़ियां सबके सामने हैं।
उन्होंने कहा कि जिस तरह से टीचर की पोस्ट बेचने के लिए स्पोर्ट्स कोटे का इस्तेमाल किया गया (जो ऑडियो लीक से साफ हो गया था जिसमें कीमत तय की गई थी) और जिस तरह से उन कैंडिडेट्स को नौकरियां दी गईं जिन्होंने जरूरी टीईटी परीक्षा पास नहीं की थी, जबकि नेशनल लेवल के खिलाड़ियों को नौकरी नहीं दी गई और ऐसे लोगों को नौकरी दी गई जिनके पास सिर्फ कम लोकप्रिय खेलों के पार्टिसिपेशन सर्टिफिकेट थे, उससे पता चलता है कि भर्ती का काम कितनी खराब तरीके से किया गया।
जक्कम्पूडी राजा ने कहा कि मुख्यमंत्री के तौर पर जगन मोहन रेड्डी ने एक ही बार में विलेज और वार्ड सचिवालयों में लाखों कैंडिडेट्स की भर्ती की थी और एक भी गड़बड़ी नहीं पाई गई थी, जिससे पता चलता है कि वह प्रक्रिया कितनी पारदर्शी थी।
--आईएएनएस
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