अमेरिका की हर गली तक पहुंची भारत की प्राचीन परंपरा, जोर-शोर से चल रही अंतरराष्ट्रीय योग दिवस की तैयारी: राजदूत क्वात्रा
वॉशिंगटन, 10 जून (आईएएनएस)। अमेरिका में 12वें अंतरराष्ट्रीय योग दिवस की तैयारियां जोरों पर हैं। इस मौके पर अमेरिका में भारत के राजदूत विनय मोहन क्वात्रा ने कहा कि योग अब अमेरिकी समाज का एक अभिन्न हिस्सा बन चुका है। उन्होंने बताया कि अब अमेरिका में "लगभग हर गली" में एक योग स्टूडियो देखने को मिल जाता है। राजदूत ने इसे भारत की प्राचीन सभ्यता की एक बड़ी धरोहर बताया और कहा कि इसकी लोकप्रियता पूरी दुनिया में लगातार बढ़ रही है।
उन्होंने आईएएनएस से बातचीत में कहा, “अगर आप वॉशिंगटन डीसी में या फिर पूरे अमेरिका में कहीं भी घूमते हैं, तो आपको लगभग हर गली में एक योग स्टूडियो दिख जाएगा।”
अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के मौके पर भारत के सभी राजनयिक मिशन अमेरिका में बड़े स्तर पर कार्यक्रम आयोजित करने की तैयारी कर रहे हैं। ये कार्यक्रम वॉशिंगटन के लिंकन मेमोरियल से लेकर न्यूयॉर्क के टाइम्स स्क्वायर और शिकागो के नेवी पियर तक होंगे। इस साल की थीम है 'योग फॉर हेल्दी एजिंग' यानी स्वस्थ बुढ़ापे के लिए योग। इसका मकसद लोगों को शारीरिक सेहत, मानसिक शांति और स्वस्थ जीवनशैली के लिए योग से जोड़ना है।
वॉशिंगटन में भारतीय दूतावास 19 जून को लिंकन मेमोरियल पर मुख्य कार्यक्रम आयोजित करेगा। दूतावास ने लोगों को आमंत्रित करते हुए कहा है, “साल के सबसे बड़े योग सत्र के लिए हमारे साथ जुड़ें”
क्वात्रा ने कहा कि हर साल मनाया जाने वाला यह दिन इस बात का प्रतीक है कि भारत की यह प्राचीन परंपरा अब पूरी दुनिया में स्वीकार की जा चुकी है।
उन्होंने कहा, “अंतरराष्ट्रीय योग दिवस का प्रस्ताव 2014 में संयुक्त राष्ट्र में पारित हुआ था, जिसमें 21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस घोषित किया गया। यह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पहल थी, जिसे 175 देशों का समर्थन मिला।”
योग को भारत की एक महत्वपूर्ण विरासत बताते हुए उन्होंने कहा, “योग सिर्फ भारत की प्राचीन परंपरा नहीं है, बल्कि यह हमारी सभ्यतागत विरासत का एक बड़ा खजाना है।”
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी भी इसे प्राचीन परंपरा का अनमोल उपहार मानते हैं।
क्वात्रा ने कहा, “योग शरीर, मन, विचार और आत्मा इन सबको एक साथ जोड़ने की क्षमता रखता है।”
उनके अनुसार यही वजह है कि योग दुनिया भर में लोगों को जोड़ रहा है और अलग-अलग संस्कृतियों व धर्मों के लोग इसे अपना रहे हैं।
उन्होंने कहा, “योग किसी व्यक्ति के भीतर बहुत गहराई से जुड़ता है, और इसी कारण यह सीमाओं से परे जाकर पूरी दुनिया में फैल गया है।”
इस साल की थीम “योग फॉर हेल्दी एजिंग” पर बात करते हुए उन्होंने कहा कि यह योग को स्वस्थ, सक्रिय और संतुलित जीवन जीने के तरीके के रूप में दर्शाता है।
इस बार के योग दिवस कार्यक्रमों में पद्मश्री एचआर नागेंद्र भी शामिल होंगे, जिन्हें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का योग गुरु माना जाता है। वे न्यूयॉर्क में कई कार्यक्रमों में हिस्सा लेंगे, जिनमें टाइम्स स्क्वायर पर 21 जून को होने वाला बड़ा योग आयोजन भी शामिल है।
न्यूयॉर्क में भारतीय महावाणिज्य दूतावास टाइम्स स्क्वायर एलायंस के साथ मिलकर 'माइंड ओवर मैडनेस योग' कार्यक्रम आयोजित करेगा। इस सत्र का नेतृत्व आर्ट ऑफ लिविंग फाउंडेशन की रुचिका लाल करेंगी, जबकि एचआर नागेंद्र इसमें मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे।
संयुक्त राष्ट्र महासभा ने 11 दिसंबर 2014 को भारत के प्रस्ताव को मंजूरी देकर अंतरराष्ट्रीय योग दिवस घोषित किया था। 21 जून को इसलिए चुना गया, क्योंकि यह उत्तरी गोलार्ध में साल का सबसे लंबा दिन होता है।
2015 में पहली बार मनाए जाने के बाद से योग दिवस एक बड़े वैश्विक आयोजन में बदल चुका है। अब हर साल दुनिया भर में लाखों लोग सरकारों, संस्थाओं, स्कूलों, कॉलेजों और योग संगठनों के साथ मिलकर इसमें हिस्सा लेते हैं। यह भारत की सॉफ्ट पावर और सांस्कृतिक पहचान का एक बहुत बड़ा प्रतीक बन चुका है।
--आईएएनएस
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