आंध्र प्रदेश में हर गांव में खुलेंगे योग केंद्र, सीएम चंद्रबाबू नायडू का बड़ा ऐलान, योग को घर-घर पहुंचाने का लक्ष्य
विजयवाड़ा, 21 जून (आईएएनएस)। 12वें अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने राज्य में योग को जन-जन तक पहुंचाने के लिए कई महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य योग को हर घर तक पहुंचाना और लोगों को समग्र स्वास्थ्य प्रदान करना है। इसी दिशा में राज्य के हर गांव में स्थायी योग केंद्र स्थापित किए जाएंगे।
विजयवाड़ा के इंदिरा गांधी स्टेडियम में आयोजित राज्य स्तरीय अंतरराष्ट्रीय योग दिवस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू ने हिस्सा लिया। इस दौरान प्रसिद्ध योग गुरु बाबा रामदेव भी मौजूद रहे। बाबा रामदेव ने मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू और शिक्षा मंत्री नारा लोकेश को विभिन्न योगासन करवाए और उनका मार्गदर्शन किया।
'योगांध्र' लोगो वाली टी-शर्ट पहनकर मुख्यमंत्री ने प्राणायाम, अनुलोम-विलोम और कई अन्य योगासनों का अभ्यास किया। सुबह 5 बजे से शुरू हुए इस कार्यक्रम में बाबा रामदेव ने हजारों लोगों को योगाभ्यास कराया। स्टेडियम छात्रों, युवाओं, अधिकारियों, कर्मचारियों और आम नागरिकों से खचाखच भरा हुआ था।
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने लोगों को समाज के कल्याण और जिम्मेदार नागरिक बनने की शपथ भी दिलाई। उन्होंने बताया कि वर्तमान में राज्य के 1.33 लाख योग केंद्रों पर एक करोड़ से अधिक लोग नियमित रूप से योग कर रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि 'स्वर्ण ग्राम' और 'स्वर्ण वार्ड' कार्यालयों में स्थायी योग केंद्र बनाए जाएंगे। योग कार्यक्रमों की निगरानी के लिए जिला और मंडल स्तर पर अधिकारियों की नियुक्ति की जाएगी। साथ ही मानक योग प्रोटोकॉल तैयार करने के लिए विशेषज्ञों की एक टीम गठित की जाएगी। योग गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए 'योगांध्र' नाम से एक विशेष पोर्टल भी शुरू किया जाएगा।
चंद्रबाबू नायडू ने योग को वैश्विक पहचान दिलाने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने भारत की शक्ति को दुनिया के सामने प्रस्तुत किया है। उनके प्रयासों की बदौलत आज 190 देशों में अंतरराष्ट्रीय योग दिवस मनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि भारत विश्वगुरु है और पूरी दुनिया को दिशा दिखाने की क्षमता रखता है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि योग शारीरिक और मानसिक दोनों तरह की फिटनेस को मजबूत बनाता है। उन्होंने बाबा रामदेव के प्रयासों की भी सराहना की, जिन्होंने योग को आम लोगों तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
उन्होंने कहा कि भविष्य तकनीक और आध्यात्मिकता के मेल में है। एक स्वस्थ, समृद्ध और खुशहाल आंध्र प्रदेश का निर्माण योग और आध्यात्मिकता के माध्यम से किया जा सकता है। उन्होंने बताया कि वह पिछले 30 वर्षों से नियमित योग कर रहे हैं और व्यस्त जीवन तथा चुनौतियों के बीच भी योग उन्हें ऊर्जा और संतुलन देता है।
चंद्रबाबू नायडू ने लोगों से जंक फूड और फास्ट फूड से दूर रहने की अपील की। उन्होंने कहा कि सरकार प्राकृतिक खेती को बढ़ावा दे रही है और रसायन-मुक्त भोजन बीमारियों से बचाने में मदद करता है। राज्य में हरित क्षेत्र को 50 प्रतिशत तक बढ़ाने का लक्ष्य रखा गया है। साथ ही, 15 अगस्त से पूरे राज्य में ‘संजीवनी’ परियोजना लागू की जाएगी, जिसमें योग को भी शामिल किया जाएगा। उन्होंने लोगों से रोजाना कम से कम एक घंटा योग, ध्यान और प्राणायाम के लिए निकालने का आग्रह किया।
मुख्यमंत्री ने बताया कि अगले वर्ष अंतरराष्ट्रीय योग दिवस का आयोजन तिरुपति में किया जाएगा। उन्होंने याद दिलाया कि विशाखापत्तनम में आयोजित 'योगांध्र-2025' कार्यक्रम ने प्रधानमंत्री मोदी की उपस्थिति में गिनीज और विश्व रिकॉर्ड बनाए थे।
कार्यक्रम के दौरान राज्य में 1.07 करोड़ लोगों और 2.5 लाख योग प्रशिक्षकों की भागीदारी के लिए दो 'वर्ल्ड बुक ऑफ रिकॉर्ड्स' प्रमाण पत्र मुख्यमंत्री को मंच पर प्रदान किए गए। इस अवसर पर केंद्रीय मंत्री राममोहन नायडू, भूपतिराजु श्रीनिवास वर्मा, शिक्षा मंत्री नारा लोकेश, कई राज्य मंत्री, सांसद, वरिष्ठ अधिकारी, पतंजलि आयुर्वेद के सह-संस्थापक आचार्य बालकृष्ण और अन्य जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।
--आईएएनएस
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