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कर्नाटक गुमशुदा मामला: महिला और बेटे का केरल के मदरसे में पता चला, 2 गिरफ्तार

 

मदिकेरी, 19 जून (आईएएनएस)। मदिकेरी जिले के कुशालनगर की एक महिला और उसके नौ वर्षीय बेटे के लापता होने का मामला उस समय विवादों में घिर गया जब दोनों का केरल के मलप्पुरम जिले के एक मदरसे में पता चला। इसके बाद कर्नाटक पुलिस ने दो लोगों को गिरफ्तार किया है।

इस मामले ने कई हिंदू संगठनों ने दावा किया है कि यह घटना एक कथित 'लव जिहाद' नेटवर्क से जुड़ी है। उन्होंने गहन जांच और इसमें शामिल लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है, और आरोप लगाया है कि मलप्पुरम जिले के पोन्नानी और मंजरी क्षेत्रों में भी इसी तरह के नेटवर्क सक्रिय हैं।

पुलिस सूत्रों के अनुसार, संचिता नाम की महिला कुशालनगर की एक कपड़ा दुकान में काम करती थी। बताया जाता है कि वह अपने बेटे के साथ लापता हो गई, जिससे परिवार के सदस्यों में चिंता फैल गई।

शुरू में आरोप लगाया गया कि वह कपड़ा दुकान के मालिक सलीम के साथ भाग गई थी। उसके पति ने बाद में अपनी पत्नी और बेटे की तलाश शुरू की और दुकान मालिक की संलिप्तता का संदेह जताते हुए कुशालनगर पुलिस से संपर्क किया। हिंदू कार्यकर्ताओं ने भी परिवार को समर्थन दिया और लापता दोनों को खोजने के प्रयासों में भाग लिया।

तलाशी अभियान के बाद, महिला और उसके बेटे का पता केरल के मलप्पुरम जिले के एक मदरसे में चला। जांच के दौरान, पुलिस को कथित तौर पर ऐसे सबूत मिले जिनसे पता चलता है कि महिला और उसके बेटे ने धर्म परिवर्तन कर लिया था। यह भी आरोप लगाया गया है कि केरल पहुंचने के बाद बच्चे का खतना संस्कार किया गया था।

पुलिस ने सलीम और एक अन्य आरोपी जलील को इस मामले में गिरफ्तार किया है। महिला और उसके बेटे के केरल जाने के कारणों और क्या इसमें किसी तरह का दबाव या प्रलोभन शामिल था, यह पता लगाने के लिए आगे की जांच जारी है।

प्रारंभिक जांच से पता चलता है कि सलीम पिछले लगभग एक दशक से कुशालनगर के पास एक कपड़ा दुकान चला रहा था, जबकि संचिता पिछले तीन वर्षों से वहां कार्यरत थी। जांचकर्ताओं को संदेह है कि आरोपियों ने महिला को प्रभावित किया होगा और मलप्पुरम के मदरसे में उसके स्थानांतरण में मदद की होगी। हालांकि, अधिकारियों ने अभी तक जांच का पूरा विवरण सार्वजनिक नहीं किया है।

--आईएएनएस

एमएस/