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रेणुकास्वामी हत्याकांड: गवाह को धमकाने के मामले में गिरफ्तार आरोपियों के मोबाइल से चैट डिलीट

 

बेंगलुरु, 3 जुलाई (आईएएनएस)। कन्नड़ अभिनेता दर्शन से जुड़े बहुचर्चित रेणुकास्वामी हत्याकांड में गवाह को धमकाने के मामले की जांच के दौरान पुलिस को अहम सुराग मिले हैं। जांच में पता चला है कि गिरफ्तार आरोपियों के मोबाइल फोन से चैट हिस्ट्री और कॉल रिकॉर्ड डिलीट कर दिए गए थे। अब पुलिस इन मोबाइल फोन को फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (एफएसएल) भेज रही है, ताकि डिलीट किए गए डेटा को रिकवर कर जांच में इस्तेमाल किया जा सके।

पुलिस सूत्रों के मुताबिक, गिरफ्तार चारों आरोपियों के मोबाइल जब्त किए जाने से पहले उनमें मौजूद डेटा डिलीट कर दिया गया था। व्हाट्सएप, इंस्टाग्राम और फेसबुक की चैट हिस्ट्री के साथ-साथ ग्रुप कॉल लॉग भी डिलीट पाए गए हैं।

कामाक्षीपाल्या पुलिस ने जब्त मोबाइल फोन एफएसएल भेजने की तैयारी शुरू कर दी है और विशेषज्ञों से जल्द रिपोर्ट देने का अनुरोध किया है, ताकि जांच को आगे बढ़ाया जा सके।

जांच एजेंसियां आरोपियों से यह भी पूछताछ कर रही हैं कि डिलीट किए गए डेटा को रिकवर किया जा सकता है या नहीं और क्या उसमें मुख्य गवाह को धमकाने की कथित साजिश से जुड़े सबूत मौजूद हैं।

पुलिस को संदेह है कि चार लोगों के एक समूह ने मुख्य आरोपी पुनीत को अभियोजन पक्ष के गवाह संदीप को धमकाने के लिए कहा था। हालांकि, पूछताछ के दौरान पुनीत लगातार यह दावा कर रहा है कि उसे इस घटना की कोई जानकारी नहीं है और किसी ने उसे धमकी देने के लिए नहीं कहा था।

पुनीत को पांच दिन की पुलिस हिरासत में भेजा गया है। उसका मोबाइल फोन भी फॉरेंसिक जांच के लिए भेजा गया है।

जांच के दौरान पुलिस को कुछ फिल्म निर्माताओं की भूमिका पर भी संदेह हुआ है। पुलिस का मानना है कि कुछ निर्माता गवाह को डराने-धमकाने में आरोपियों की मदद कर सकते हैं। इसी आधार पर कामाक्षीपाल्या पुलिस संबंधित दस्तावेज और अन्य साक्ष्य जुटा रही है।

इस मामले में अब तक पुनीत, वेणु और सुहास को गिरफ्तार किया जा चुका है। इन पर आरोप है कि इन्होंने रेणुकास्वामी हत्याकांड के 49वें अभियोजन गवाह संदीप को अदालत में दर्शन के खिलाफ गवाही नहीं देने के लिए धमकाया। आरोपियों ने कथित तौर पर संदीप से कहा था कि यदि वह अदालत में गवाही देगा तो उसे गंभीर परिणाम भुगतने होंगे।

संदीप तुमकुरु के दुर्गा बार में कैशियर है और इस मामले का अहम गवाह माना जाता है। जांच एजेंसियों के अनुसार, रेणुकास्वामी को चित्रदुर्ग से बेंगलुरु ले जाते समय आरोपी इसी बार पर रुके थे। ऐसे में संदीप की गवाही पीड़ित की आवाजाही और घटनाक्रम को स्थापित करने के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

पुलिस के अनुसार, पुनीत पिछले करीब छह वर्षों से अभिनेता दर्शन के सोशल मीडिया फैन पेज का संचालन करता था, जबकि वेणु और सुहास तुमकुरु दर्शन फैंस एसोसिएशन के सदस्य हैं।

जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपियों ने किसी जरूरी बातचीत का बहाना बनाकर संदीप को एक वाहन में बुलाया और फिर अदालत में गवाही न देने के लिए उसे धमकाया।

गवाह को धमकाने का यह मामला रेणुकास्वामी हत्याकांड की सुनवाई के दौरान सामने आया था। मामले की जानकारी मिलने पर ट्रायल कोर्ट ने पुलिस को जांच के निर्देश दिए थे, जिसके बाद आरोपियों की गिरफ्तारी हुई। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इस कथित साजिश में और कौन-कौन लोग शामिल थे। साथ ही जब्त मोबाइल फोन की फॉरेंसिक रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है।

--आईएएनएस

डीएससी