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त्रिपुरा में जंगली हाथी का कहर: बुजुर्ग महिला की मौत के बाद भड़के ग्रामीण, वन विभाग पर हमला

 

अगरतला, 4 अप्रैल (आईएएनएस)। त्रिपुरा के खोवाई जिले में शनिवार सुबह एक जंगली हाथी के हमले में 70 वर्षीय बुजुर्ग महिला की मौत हो गई। इस घटना के बाद इलाके में तनाव फैल गया और गुस्साए ग्रामीणों ने वन विभाग के खिलाफ प्रदर्शन किया।

घटना तेलियामुरा उपखंड के जुम्बारी गांव में हुई, जहां मनिमाला देबबर्मा अपने घर के आंगन में थीं। तभी अचानक एक जंगली हाथी ने उन पर हमला कर दिया, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। मृतका के बेटे अजीत देबबर्मा के अनुसार, हमला सुबह तड़के हुआ और उनकी मां को बचाने का मौका नहीं मिला।

इस घटना के बाद स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश फैल गया। हालात इतने बिगड़ गए कि सूचना जुटाने पहुंचे एक पत्रकार और सब-डिविजनल फॉरेस्ट ऑफिसर (एसडीएफओ) पर भी भीड़ ने हमला कर दिया। गुस्साए लोगों ने स्थानीय वन कार्यालय में भी तोड़फोड़ की।

हिंसा में एसडीएफओ घायल हो गए, जबकि सब-डिविजनल मजिस्ट्रेट (एसडीएम) को स्थिति बिगड़ने पर वहां से निकलना पड़ा। प्रत्यक्षदर्शियों का आरोप है कि मौके पर मौजूद पुलिसकर्मी निष्क्रिय बने रहे और हालात को काबू में करने में नाकाम रहे।

घटना के बाद प्रशासन ने मुआवजे का ऐलान किया है। वन विभाग की ओर से 1 लाख रुपये और राज्य आपदा प्रतिक्रिया कोष (एसडीआरएफ) से 4 लाख रुपये देने की बात कही गई है।

प्रशासन ने भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए जुम्बारी क्षेत्र में सोलर इलेक्ट्रिक फेंसिंग और हाथी-रोधी खाइयां (ट्रेंच) बनाने का आश्वासन दिया है। साथ ही, समस्या पैदा कर रहे हाथी को नियमानुसार स्थानांतरित करने की प्रक्रिया भी शुरू की जाएगी।

अधिकारियों के अनुसार, यह इलाका पहले भी मानव-हाथी संघर्ष से प्रभावित रहा है। पिछले कुछ वर्षों में केवल खोवाई जिले में ही कम से कम पांच लोगों की मौत हाथियों के हमलों में हो चुकी है।

विशेषज्ञों का कहना है कि जंगलों में भोजन और पानी की कमी तथा मानव अतिक्रमण के कारण हाथी अक्सर आबादी वाले इलाकों की ओर आ जाते हैं, जिससे इस तरह की दुखद घटनाएं होती हैं।

--आईएएनएस

डीएससी