सीएमआरएल-एक्सालॉजिक मामले में एफआईआर क्यों नहीं दर्ज हुई? केरल भाजपा अध्यक्ष ने सरकार से पूछा सवाल
तिरुवनंतपुरम, 24 सितंबर (आईएएनएस)। केरल भाजपा अध्यक्ष और विधायक राजीव चंद्रशेखर ने गुरुवार को मुख्यमंत्री वीडी सतीशन से सवाल किया कि प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की ओर से राज्य सरकार को जानकारी और सबूत सौंपे जाने के बावजूद सीएमआरएल-एक्सालॉजिक लेनदेन मामले में अब तक एफआईआर क्यों दर्ज नहीं की गई।
चंद्रशेखर ने कहा कि सीएमआरएल पर गंभीर आरोप हैं कि उसने बिना कोई सेवा लिए एक्सालॉजिक को पैसे का भुगतान किया। उन्होंने कहा, "ये आरोप पूर्व मुख्यमंत्री पिनराई विजयन की बेटी टी. वीणा से जुड़ी कंपनी से संबंधित हैं।"
चंद्रशेखर ने कहा, "यह राजनीतिक भ्रष्टाचार का गंभीर आरोप है और इसकी उचित जांच होनी चाहिए।" उन्होंने सवाल किया कि राज्य सरकार इस मामले में एफआईआर दर्ज क्यों नहीं कर रही है या विजिलेंस जांच का आदेश क्यों नहीं दे रही है।
प्रदेश भाजपा अध्यक्ष ने कहा, "अगर आरोपों में कोई सच्चाई नहीं है तो जांच से यह बात सामने आ जानी चाहिए। फिर राज्य सरकार एफआईआर दर्ज क्यों नहीं कर रही है?"
चंद्रशेखर ने उन खबरों का भी जिक्र किया, जिनमें सीएमआरएल की डायरी में मुख्यमंत्री वीडी सतीशन का नाम सामने आने की बात कही गई है।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री सतीशन को स्पष्ट करना चाहिए कि क्या उन्होंने डायरी में दर्ज किसी रकम को लिया था।
उन्होंने कहा, "इस सवाल का जवाब मुख्यमंत्री को खुद देना चाहिए। अगर आरोप बेबुनियाद हैं तो जांच होने दीजिए और सच्चाई सामने आने दीजिए।"
चंद्रशेखर ने राज्य सरकार के सत्ता में 150 दिन पूरे होने के बाद उसके कामकाज पर भी सवाल उठाए।
उन्होंने पूछा कि क्या पिछली एलडीएफ सरकार से जुड़े कथित भ्रष्टाचार, दोहरे मापदंड और वादों को पूरा न करने का सिलसिला मौजूदा यूडीएफ सरकार में भी जारी है।
चंद्रशेखर ने सवाल किया, "पिनराई विजयन ने 10 साल में सब कुछ ठीक करने का वादा करने के बाद केरल को क्या दिया?"
उन्होंने आगे कहा, "क्या लोगों को भ्रष्टाचार के आरोपों, विकास की कमी, बेरोजगारी और महंगाई का सामना नहीं करना पड़ा?"
चंद्रशेखर ने आरोप लगाया कि मौजूदा यूडीएफ सरकार पिछली एलडीएफ सरकार के राजनीतिक और प्रशासनिक तौर-तरीकों को ही आगे बढ़ा रही है।
उन्होंने रेंज रोवर और प्राइवेट जेट के इस्तेमाल से जुड़े विवाद का भी जिक्र किया। चंद्रशेखर ने सवाल किया कि क्या सत्ता में 150 दिन पूरे करने के बाद राज्य सरकार के पास लोगों को दिखाने के लिए यही सब है।
चंद्रशेखर ने कहा कि भ्रष्टाचार के आरोपों की कानून के मुताबिक जांच होनी चाहिए और ऐसे मामलों का राजनीतिक समझौते के जरिए निपटारा नहीं किया जाना चाहिए।
--आईएएनएस
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