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जब जावेद अख्तर ने फिल्म इंडस्ट्री की हकीकत से पहली बार किया सामना, सुनाया दिलचस्प किस्सा

 

मुंबई, 23 जून (आईएएनएस)। दिग्गज गीतकार, पटकथा लेखक और कवि जावेद अख्तर अक्सर अपने विचारों और अनुभवों को लेकर चर्चा में रहते हैं। सोशल मीडिया पर भी उनके इंटरव्यू और किस्सों को लोग बड़े ध्यान से सुनते हैं। हाल ही में उनका एक पुराना वीडियो फिर से वायरल हो रहा है, जिसमें उन्होंने फिल्म इंडस्ट्री के शुरुआती दिनों का एक दिलचस्प अनुभव साझा किया।

यह वीडियो लोकप्रिय शो ‘मूवर्स एंड शैकर्स’ का है, जिसमें जावेद अख्तर ने बताया कि जब वह फिल्म इंडस्ट्री में नए-नए आए थे, तब उन्हें एक निर्माता को अपनी कहानी सुनाने का मौका मिला था।

जावेद अख्तर ने कहा, “मैं आपको एक दिलचस्प कहानी सुनाता हूं। जब मैं पहली बार फिल्म इंडस्ट्री में आया, तब मुझे यहां के तौर-तरीकों की ज्यादा जानकारी नहीं थी। मैंने एक कहानी लिखी, जो मुझे बिल्कुल नई और अलग लगी। बड़ी मुश्किल से मुझे एक निर्माता से मिलने का समय मिला। उस दौर में किसी निर्माता के दफ्तर तक पहुंचना भी आसान नहीं था।”

उन्होंने आगे कहा, “मैंने अपनी कहानी सुनानी शुरू की। मैंने देखा कि निर्माता बड़े ध्यान से कहानी सुन रहे हैं। मुझे लगा कि उन्हें कहानी पसंद आ रही है। जब कहानी खत्म हुई तो कमरे में कुछ देर तक सन्नाटा रहा। मैंने उनसे पूछा कि उन्हें कहानी कैसी लगी।”

जावेद अख्तर के मुताबिक, निर्माता का जवाब उनके लिए चौंकाने वाला था। उन्होंने कहा, “निर्माता ने कहा कि कहानी अच्छी है, लेकिन इसमें एक जोखिम है। जोखिम यह है कि मुझे याद नहीं पड़ता कि ऐसी कहानी मैंने पहले कभी किसी फिल्म में देखी हो। अभी तक इस तरह की कहानी किसी फिल्म में नहीं आई है।”

उन्होंने मुस्कुराते हुए कहा, “तब मुझे समझ में आया कि वह दरअसल वही कहानी चाहते थे, जो पहले किसी फिल्म में आ चुकी हो। फिल्म निर्माता की मांग बड़ी दिलचस्प होती है। वह ऐसी बिल्कुल नई कहानी चाहते हैं, जो पहले भी कहीं दिखाई जा चुकी हो।”

जावेद अख्तर का यह किस्सा फिल्म उद्योग में जोखिम लेने की सीमित प्रवृत्ति को उजागर करता है। उनका मानना है कि आज भी कई निर्माता ऐसी फिल्मों को प्राथमिकता देते हैं, जिनकी सफलता की संभावना पहले से साबित हो चुकी हो, जबकि नई और प्रयोगधर्मी कहानियों को लेकर हिचकिचाहट बनी रहती है।

सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा यह वीडियो दर्शकों को न केवल फिल्म इंडस्ट्री की सोच से रूबरू कराता है, बल्कि यह भी बताता है कि रचनात्मकता और व्यावसायिक सफलता के बीच संतुलन बनाने की चुनौती आज भी कायम है।

--आईएएनएस

डीएससी