करुणानिधि की 103वीं जयंती पर सीएम विजय ने दी श्रद्धांजलि, बोले- उनकी विरासत पीढ़ियों को करती रहेगी प्रेरित
चेन्नई, 3 जून (आईएएनएस)। तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय ने बुधवार को पूर्व मुख्यमंत्री और डीएमके के दिग्गज नेता एम. करुणानिधि को 103वीं जयंती पर श्रद्धांजलि अर्पित की।
उन्होंने करुणानिधि को एक ऐसी महान शख्सियत बताया, जिनका योगदान केवल राजनीति तक सीमित नहीं था, बल्कि साहित्य, सिनेमा, प्रशासन और सामाजिक जीवन के अनेक क्षेत्रों में उनकी अमिट छाप आज भी दिखाई देती है।
मुख्यमंत्री विजय ने संदेश में कहा कि करुणानिधि का व्यक्तित्व बेहद बहुआयामी था। तमिल भाषा, साहित्य, सिनेमा, राजनीति और प्रशासन पर उनकी गहरी पकड़ थी। उन्होंने लेखक, नाटककार, पटकथा लेखक, प्रशासक और राजनीतिक नेता के रूप में जो योगदान दिया, वह आने वाली पीढ़ियों के लिए हमेशा प्रेरणा का स्रोत बना रहेगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य स्वायत्तता और राज्यों के अधिकारों की रक्षा को लेकर करुणानिधि का दृष्टिकोण आज भी याद किया जाता है और उसकी सराहना की जाती है। उन्होंने सामाजिक न्याय और संघीय व्यवस्था को मजबूत करने के लिए जो प्रयास किए, वे तमिलनाडु के राजनीतिक इतिहास में महत्वपूर्ण मील के पत्थर हैं।
सीएम विजय ने कहा कि करुणानिधि की उपलब्धियों ने उन्हें जनता के दिलों में एक विशेष स्थान दिलाया है और उनकी विरासत आने वाले वर्षों तक समाज को प्रेरित करती रहेगी।
वहीं, डीएमके अध्यक्ष एमके स्टालिन ने चेन्नई के मरीना बीच स्थित करुणानिधि स्मारक पर आयोजित श्रद्धांजलि कार्यक्रम का नेतृत्व किया। वरिष्ठ पार्टी नेताओं, सांसदों, विधायकों और पूर्व मंत्रियों के साथ उन्होंने दिवंगत द्रविड़ नेता को पुष्पांजलि अर्पित की।
सोशल मीडिया पर किए गए पोस्ट में एमके स्टालिन ने अपने पिता को ऐसा अथक नेता बताया, जिन्होंने जीवन के अंतिम क्षणों तक तमिलनाडु और उसके लोगों के विकास के लिए लगातार काम किया। उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं से करुणानिधि के संघर्ष, सामाजिक न्याय के प्रति समर्पण और जनसेवा की भावना से प्रेरणा लेने का आह्वान किया।
तमिलनाडु विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष और डीएमके यूथ विंग के सचिव उदयनिधि स्टालिन ने भी चेन्नई स्थित पार्टी मुख्यालय में अपने दादा करुणानिधि को पुष्पांजलि अर्पित की।
करुणानिधि पांच बार तमिलनाडु के मुख्यमंत्री रहे और लगभग पांच दशकों तक डीएमके का नेतृत्व किया। द्रविड़ आंदोलन के सबसे प्रभावशाली नेताओं में शामिल करुणानिधि को तमिल साहित्य और सिनेमा में उनके असाधारण योगदान, जनकल्याणकारी योजनाओं और आधुनिक तमिलनाडु की राजनीतिक दिशा तय करने में निभाई गई महत्वपूर्ण भूमिका के लिए आज भी याद किया जाता है।
--आईएएनएस
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