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केएमवीएसटीडीसीएल का फंड राहुल गांधी के घर भेजा गया, कर्नाटक भाजपा ने लगाया आरोप

 

बेंगलुरु, 25 अगस्त (आईएएनएस)। कर्नाटक के पूर्व मंत्री और भाजपा नेता बी. श्रीरामुलु ने मंगलवार को आरोप लगाया कि कर्नाटक महर्षि वाल्मीकि अनुसूचित जनजाति विकास निगम लिमिटेड (केएमवीएसटीडीसीएल) से कथित तौर पर गबन किए गए फंड को कांग्रेस नेता राहुल गांधी के आवास तक पहुंचाया गया था।

बेंगलुरु में भाजपा के राज्य मुख्यालय 'जगन्नाथ भवन' में मीडिया से बात करते हुए श्रीरामुलु ने आरोप लगाया कि भाजपा नेताओं ने विधानसभा में नारे लगाए थे कि वाल्मीकि कॉर्पोरेशन का गलत तरीके से इस्तेमाल किया गया। फंड राहुल गांधी के घर तक पहुंचा था और सरकार ने विधानसभा सत्र छोटा कर दिया।

श्रीरामुलु ने कहा कि भाजपा ने 1 सितंबर से पदयात्रा करने का फैसला किया है, जिसकी अगुवाई राज्य भाजपा अध्यक्ष बी.वाई. विजयेंद्र करेंगे और इसमें भाजपा नेता जी. जनार्दन रेड्डी, आर. अशोक, बंगारू हनुमंतु और पार्टी के अन्य नेता शामिल होंगे।

उन्होंने बताया कि 10 दिन की यह पदयात्रा 1 सितंबर को रायचूर से शुरू होगी और 10 सितंबर को बल्लारी में खत्म होगी। इस पदयात्रा में सिंचाई के मामले में सरकार की कथित लापरवाही, एसटी कॉर्पोरेशन में भ्रष्टाचार और वाल्मीकि कॉर्पोरेशन के मुद्दे जैसे मसले उठाए जाएंगे। कांग्रेस दलितों को नजरअंदाज करती रही है। भाजपा यह बड़ी पदयात्रा इसलिए कर रही है क्योंकि हम दलितों के साथ अन्याय नहीं होने देंगे।

श्रीरामुलु ने कांग्रेस नेताओं पर दलितों से जुड़े मुद्दों पर 'मगरमच्छ के आंसू' बहाने का आरोप लगाया।

उन्होंने आरोप लगाया कि इस मुद्दे पर भाजपा के विरोध-प्रदर्शन को देखते हुए सरकार ने विधानसभा सत्र छोटा कर दिया। विधानसभा और विधान परिषद दोनों में विरोध-प्रदर्शन हुए। कांग्रेस नेताओं ने बाबासाहेब अंबेडकर, बाबू जगजीवन राम और दलित समुदाय के साथ धोखा किया है।

गौरतलब है कि वाल्मीकि कॉर्पोरेशन घोटाले में केएमवीएसटीडीसीएल से फंड को कथित तौर पर गैर-कानूनी तरीके से दूसरी जगह भेजने का मामला शामिल है।

यह कथित घोटाला मई 2024 में कॉर्पोरेशन के 52 वर्षीय सुपरिटेंडेंट चंद्रशेखर पी. की आत्महत्या के बाद सामने आया। उन्होंने एक सुसाइड नोट छोड़ा था, जिसमें बिना इजाजत फंड ट्रांसफर और भ्रष्टाचार का ब्योरा था।

शुरुआत में गड़बड़ियां छोटी रकम से जुड़ी थीं, लेकिन प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) और केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) जैसी जांच एजेंसियों ने कुल हेराफेरी और दूसरी जगह भेजे गए फंड का आंकड़ा करीब 89 करोड़ रुपए बताया।

फिलहाल, नागेंद्र ने मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार के नेतृत्व वाली कैबिनेट में योजना और सांख्यिकी मंत्री का पद संभाला है। भाजपा और जेडी (एस) ने घोषणा की है कि वे तब तक आंदोलन करेंगे जब तक नागेंद्र को कैबिनेट से हटाया नहीं जाता।

--आईएएनएस

एससीएच/एबीएम