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उत्तराखंड: मुख्यमंत्री ने वाराणसी, प्रयागराज, अयोध्या के लिए सीधी उड़ानों की मांग की

 

देहरादून, 10 अप्रैल (आईएएनएस)। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने केंद्र सरकार से देहरादून से प्रमुख धार्मिक स्थलों वाराणसी, प्रयागराज और अयोध्या के लिए हवाई कनेक्टिविटी को बेहतर बनाने का आग्रह किया है।

मुख्यमंत्री के अनुरोध पर, नागरिक उड्डयन मंत्री राममोहन नायडू किंजरापु ने उन्हें एक औपचारिक पत्र के माध्यम से बताया कि देहरादून से 11 गंतव्यों के लिए प्रति सप्ताह 254 राउंड-ट्रिप उड़ानें संचालित हो रही हैं।

जिसमें अहमदाबाद, भुवनेश्वर, बेंगलुरु, मुंबई, कोलकाता, दिल्ली, शमशाबाद (हैदराबाद), जयपुर, लखनऊ, पुणे और कुल्लू शामिल हैं। ये सेवाएं प्रमुख एयरलाइनों इंडिगो, एलायंस एयर, एयर इंडिया और एयर इंडिया एक्सप्रेस द्वारा चलाई जा रही हैं।

मंत्री ने स्पष्ट किया कि भारत का घरेलू विमानन क्षेत्र पूरी तरह से डीरेगुलेटेड है। एयरलाइनों को अपने विमानों के प्रकार, रूट और बाजार चुनने की पूरी स्वतंत्रता है, जो उनकी परिचालन और व्यावसायिक व्यवहार्यता पर निर्भर करता है।

उन्होंने कहा कि किसी भी रूट पर सेवाएं शुरू करने या बढ़ाने का अंतिम निर्णय संबंधित एयरलाइन ऑपरेटरों के पास होता है।

हालांकि, राज्य के अनुरोध के जवाब में नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने देहरादून से वाराणसी, प्रयागराज और अयोध्या के लिए नई या बढ़ी हुई उड़ानों के प्रस्ताव सभी घरेलू एयरलाइनों को विचार के लिए भेज दिए हैं।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस विकास पर आशा व्यक्त की।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के मार्गदर्शन में केंद्र सरकार उत्तराखंड में हवाई सेवाओं के विस्तार में लगातार सहयोग कर रही है।

मुख्यमंत्री धामी ने कहा, 'यह पहल राज्य के लोगों को वाराणसी, प्रयागराज और अयोध्या से सीधे जोड़ने में मदद करेगा।'

प्रस्तावित रूट उत्तराखंड के लिए विशेष महत्व रखते हैं, क्योंकि राज्य से हजारों श्रद्धालु नियमित रूप से धार्मिक उद्देश्यों के लिए इन पवित्र शहरों की यात्रा करते हैं।

सीधी उड़ानें यात्रा समय को काफी कम करेंगी और यात्रियों व तीर्थयात्रियों दोनों को अधिक सुविधा प्रदान करेंगी।

उत्तराखंड सरकार केंद्र के साथ मिलकर हवाई कनेक्टिविटी मजबूत करने के लिए सक्रिय रूप से काम कर रही है, जिसमें हाल ही में दूरस्थ पहाड़ी क्षेत्रों के लिए सफल उड़ान सेवाएं शुरू करना भी शामिल है।

राज्य की तरफ से प्रमुख धार्मिक और व्यावसायिक केंद्रों से बेहतर कनेक्टिविटी के लिए लगातार प्रयास कर रहा है।

इस विकास से क्षेत्र में पर्यटन, धार्मिक यात्रा और समग्र आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। राज्य और केंद्र दोनों सरकारें आशावान हैं कि घरेलू एयरलाइंस जल्द ही इस प्रस्ताव पर सकारात्मक प्रतिक्रिया देंगी।

--आईएएनएस

एएमटी/डीकेपी