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अमेरिका में 'बर्थ टूरिज्‍म' के खिलाफ अभियान तेज, 600 से ज्यादा विदेशी नागरिकों के वीजा रद्द

 

वॉशिंगटन, 13 अगस्त (आईएएनएस)। अमेरिका ने 'बर्थ टूरिज्‍म' के खिलाफ एक नए अभियान के तहत 600 से ज्यादा विदेशी नागरिकों के वीजा रद्द कर दिए हैं। अमेरिकी विदेश विभाग ने बुधवार को यह जानकारी दी।

विदेश विभाग ने बताया कि उसने 'बर्थ टूरिज्‍म प्रिवेंशन टास्क फोर्स' नाम की एक विशेष टीम बनाई है। इसका काम उन वीजा धारकों की पहचान करना है जो अमेरिका में बच्चे को जन्म देने के लिए वहां गए थे। साथ ही, उन लोगों और नेटवर्क का पता लगाना भी है जो ऐसी यात्राओं की व्यवस्था करते हैं।

यह टास्क फोर्स दुनिया भर के वीजा धारकों की गतिविधियों और यात्रा इतिहास की समीक्षा करती है। इसके अलावा यह विदेश विभाग, होमलैंड सिक्योरिटी विभाग और अन्य संघीय एजेंसियों के पास मौजूद जानकारी का भी विश्लेषण करती है।

इसका उद्देश्य 'बर्थ टूरिज्‍म' से जुड़े मामलों की पहचान करना, वीजा रद्द करना और इस गतिविधि से कमाई करने वाले नेटवर्क को खत्म करना है।

विदेश विभाग ने एक फैक्ट शीट में कहा, “बर्थ टूरिज्म टास्क फोर्स ने इस दुरुपयोग से देश की सुरक्षा के लिए दुनिया भर के विदेशी नागरिकों के 600 से अधिक वीजा रद्द किए हैं।”

विभाग ने कहा कि आम तौर पर वीजा तब रद्द किए जाते हैं जब किसी व्यक्ति के वीजा के लिए अयोग्य होने के संकेत मिलते हैं। विदेश मंत्री मार्को रुबियो के पास वीजा रद्द करने का व्यापक अधिकार है।

यह कदम राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ओर से छह अगस्त को जारी किए गए एक कार्यकारी आदेश के बाद उठाया गया है। इस आदेश में 'बर्थ टूरिज्‍म' को उस स्थिति के रूप में परिभाषित किया गया है जब कोई विदेशी नागरिक गैर-प्रवासी वीजा पर अमेरिका में सिर्फ बच्चे को जन्म देने के उद्देश्य से प्रवेश करता है। इसमें ऐसी यात्राओं को सुविधाजनक बनाने वाली गतिविधियां भी शामिल हैं।

इस आदेश के तहत विदेश मंत्री और होमलैंड सिक्योरिटी मंत्री को ऐसे लोगों की एंट्री रोकने, वीजा देने से इनकार करने या वीजा रद्द करने, यात्रियों को देश से निकालने और 'बर्थ टूरिज्‍म' में शामिल पाए जाने वालों पर स्थायी प्रतिबंध लगाने का अधिकार दिया गया है। हालांकि मानवीय या राष्ट्रीय हित से जुड़े मामलों में छूट दी जा सकती है।

विदेश विभाग का कहना है कि कुछ लोगों ने इस प्रथा को एक बड़े और लाभदायक कारोबार का रूप दे दिया है। कुछ लोग खुद को डूला, दाई या वेलनेस सलाहकार बताकर अमेरिका में प्रसव सेवाओं, वीजा संबंधी सलाह और अस्पतालों की व्यवस्था का प्रचार करते हैं।

विभाग के मुताबिक कुछ संचालक मेडिकल दस्तावेजों में फर्जीवाड़ा भी करते हैं या अपने ग्राहकों को यात्रा का असली उद्देश्य छिपाने और अस्पताल का बिल न चुकाने के तरीके बताते हैं। ऑनलाइन विज्ञापनों में 'अपने आप अमेरिकी नागरिकता' और 'सीमाओं से मुक्त भविष्य' जैसे वादे किए जाते हैं।

अधिकारियों ने ऐसे कई मामलों का जिक्र भी किया जिन्हें वाणिज्य दूतावास अधिकारियों ने पकड़ा।

एक मामले में एक दंपति ने अमेरिका जाकर बच्चे को जन्म देने के लिए एक कॉन्फ्रेंस और शॉपिंग ट्रिप को बहाना बनाया। उन्होंने दो अलग-अलग वीजा आवेदनों में अपने असली उद्देश्य के बारे में झूठ बोला और दूसरे आवेदन के दौरान अपने एक बच्चे की जानकारी भी छिपाई। बाद में उनके वीजा रद्द कर दिए गए।

एक अन्य मामले में एक विदेशी सरकारी अधिकारी ने एक सप्ताह की आधिकारिक यात्रा के लिए वीजा लिया था। लेकिन वह अमेरिका में तीन महीने तक रही, वहां बच्चे को जन्म दिया और फिर वापस चली गई। उसका वीजा भी रद्द कर दिया गया।

एक अन्य यात्री ने कहा था कि वह ऑरलैंडो में छुट्टियां मनाने जा रही है। लेकिन वह लॉस एंजिलिस पहुंची और अमेरिका आने के सिर्फ पांच दिन बाद ही बच्चे को जन्म दिया। उसका वीजा भी रद्द कर दिया गया।

अमेरिकी संविधान का 14वां संशोधन, जिसे 1868 में लागू किया गया था, कहता है कि अमेरिका में जन्मे या वहां नागरिकता प्राप्त करने वाले और उसके अधिकार क्षेत्र के अधीन आने वाले लोग अमेरिकी नागरिक माने जाएंगे। इसी प्रावधान के आधार पर लंबे समय से अमेरिका में जन्म से नागरिकता की व्यवस्था लागू है।

--आईएएनएस

एवाई/पीएम