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सेंट्रल बैंक डिजिटल करेंसी लोगों की व्यक्तिगत आजादी के ल‍िए खतरा: स्कॉट बेसेंट

 

वाशिंगटन, 29 मई (आईएएनएस)। ट्रंप प्रशासन ने अमेरिका में सेंट्रल बैंक डिजिटल करेंसी (सीबीडीसी) बनाने की संभावना को साफ तौर पर खारिज कर दिया है। ट्रेजरी सचिव स्कॉट बेसेंट का कहना है कि सरकार की ओर से जारी की जाने वाली डिजिटल मुद्रा लोगों की वित्तीय गतिविधियों पर नजर रखने का जरिया बन सकती है और इससे व्यक्तिगत आजादी को खतरा हो सकता है।

व्हाइट हाउस की एक प्रेस ब्रीफिंग में बेसेंट ने कहा कि डिजिटल डॉलर को लेकर सरकार का रुख बिल्कुल साफ है।उन्होंने कहा क‍ि इस प्रशासन ने साफ कर दिया है कि कोई सेंट्रल बैंक डिजिटल करेंसी नहीं होगी।

बेसेंट ने यह भी कहा कि सीबीडीसी से सरकार को लोगों के निजी वित्तीय लेनदेन पर ज्यादा नियंत्रण और निगरानी का मौका मिल सकता है। उन्होंने कहा क‍ि मुझे लगता है कि यह ट्रैकिंग की तरफ जाने वाला पहला कदम होगा।

इन बातों से साफ है कि अमेरिका उन देशों की सूची में है जो सरकारी डिजिटल मुद्रा को लेकर सतर्क या विरोधी रुख रखते हैं, जबकि दुनिया के कई देश अपनी-अपनी डिजिटल करेंसी पर अभी भी काम कर रहे हैं या उसे टेस्ट कर रहे हैं।

डिजिटल डॉलर का समर्थन करने के बजाय, बेसेंट ने कहा कि सरकार निजी क्षेत्र की डिजिटल संपत्तियों और स्टेबलकॉइन को एक रेगुलेटेड (नियमों के तहत) सिस्टम में बढ़ावा देना चाहती है।

उन्होंने कहा, “हमने स्टेबलकॉइन से जुड़ा कानून दोनों पार्टियों के समर्थन से पास किया है, और 'क्लैरिटी एक्ट' अभी संसद में है, जिसे भी दोनों पार्टियों का समर्थन मिल रहा है।”

ट्रेजरी सचिव का कहना है कि अगर डिजिटल एसेट्स को अमेरिका के नियमों के तहत लाया जाए, तो इससे ज्यादा सुरक्षा मिलेगी, बजाय इसके कि यह इंडस्ट्री बाहर बिना सही निगरानी के चलती रहे।

उन्होंने कहा क‍ि सबसे जरूरी बात यह है कि हम डिजिटल एसेट्स को अमेरिका के अंदर लाएं और अमेरिका को इसका घर बनाएं। हमारे नियम और हमारी बेहतर प्रैक्टिस ही अच्छे स्टैंडर्ड तय करेंगे। उन्होंने विदेशी डिजिटल एसेट मार्केट्स की भी आलोचना की और उन्हें कम नियंत्रित बताया।

एक सवाल के जवाब में उन्होंने कांग्रेस से अपील की कि डिजिटल एसेट्स के लिए साफ और मजबूत कानून बनाए जाएं, ताकि उद्योग को दिशा मिले और साथ ही लोगों की सुरक्षा भी बेहतर हो सके।

--आईएएनएस

एवाई/एएस