भारत में अमेरिकी मिशन ने बनाया रिकॉर्ड, अमेरिका में 20.5 अरब डॉलर का निवेश जुटाया
वाशिंगटन, 30 जून (आईएएनएस)। भारत में अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने बताया कि नई दिल्ली स्थित अमेरिकी दूतावास ने इस साल अमेरिका में 20.5 अरब डॉलर (20.5 बिलियन डॉलर) के नए निवेश आकर्षित किए हैं। इस उपलब्धि के साथ भारत में अमेरिकी मिशन निवेश बढ़ाने के मामले में दुनियाभर के सभी अमेरिकी दूतावासों में पहले स्थान पर पहुंच गया है।
अमेरिका-भारत रणनीतिक साझेदारी मंच (यूएसआईएसपीएफ) के लीडरशिप समिट में बोलते हुए सर्जियो गोर ने कहा कि यह उपलब्धि भारत में बढ़ते भरोसे और दोनों देशों के मजबूत होते आर्थिक संबंधों का बड़ा संकेत है।
उन्होंने कहा, "हमारी सभी अमेरिकी दूतावासों के बीच एक तरह की प्रतिस्पर्धा रहती है। इस साल नई दिल्ली स्थित अमेरिकी दूतावास ने 20.5 अरब डॉलर का नया निवेश अमेरिका तक पहुंचाया और हम बाकी सभी मिशनों से काफी आगे रहे। यह हमारे लिए बेहद गर्व और संतोष की बात है।"
सर्जियो गोर ने कहा कि आज भारत एक भरोसेमंद निवेश गंतव्य बनकर उभरा है। यही वजह है कि अमेरिकी कंपनियां भारत के साथ काम करने में पहले से ज्यादा विश्वास दिखा रही हैं।
उन्होंने बताया कि जब कोई अमेरिकी कंपनी उनसे पूछती है कि क्या भारत में निवेश करना सुरक्षित है? क्या यहां उनकी बौद्धिक संपदा (आईपी) सुरक्षित रहेगी? क्या कानून अचानक नहीं बदलेंगे? क्या टैक्स व्यवस्था स्थिर और भरोसेमंद है? तब उन्हें गर्व के साथ जवाब देने का मौका मिलता है कि अमेरिका भारत पर भरोसा करता है और भारत के साथ मिलकर काम करता है।
राजदूत ने कहा कि उन्होंने भारत में अपने छह महीने के कार्यकाल के दौरान कई सकारात्मक बदलाव देखे हैं। अमेरिकी दूतावास अब केवल औपचारिक बैठकों तक सीमित नहीं है, बल्कि उसका पूरा ध्यान ठोस आर्थिक परिणाम हासिल करने पर है।
उन्होंने कहा, "जैसा कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप कहते हैं, हम परिणामों पर काम करते हैं। मैं भारत सिर्फ स्वागत समारोहों में शामिल होने नहीं आया हूं। मेरा उद्देश्य इस महत्वपूर्ण साझेदारी को और मजबूत करना है, जो दोनों देशों के लिए बेहद जरूरी है।"
सर्जियो गोर ने कहा कि अमेरिकी दूतावास हमेशा निवेशकों और कारोबारियों के लिए खुला है। उन्होंने कंपनियों से अपील की कि अगर किसी निवेश या कारोबारी परियोजना में नियमों या सरकारी प्रक्रियाओं की वजह से कोई अड़चन आती है, तो वे सीधे दूतावास से संपर्क करें।
उन्होंने कहा, "हमारा दूतावास आपके लिए हमेशा खुला है। आइए, हमसे मिलिए और बताइए कि हम आपकी किस तरह मदद कर सकते हैं। कई बार दोनों देशों में फाइलें सरकारी प्रक्रियाओं में अटक जाती हैं। अगर हम सही व्यक्ति तक मामला पहुंचाकर उसे आगे बढ़ाने में मदद कर सकते हैं, तो जरूर करेंगे। आपको हमारा दूतावास हमेशा सहयोगी और सकारात्मक मिलेगा।"
अमेरिकी राजदूत ने कहा कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की सरकार आर्थिक कूटनीति को विदेश नीति का अहम हिस्सा मानती है। उनका कहना था कि ट्रंप खुद भी अमेरिकी कंपनियों को विदेशों में कारोबार बढ़ाने में सक्रिय भूमिका निभाते हैं।
उन्होंने कहा, "कोई भी सौदा छोटा नहीं होता। अगर किसी निवेश से अमेरिका में रोजगार पैदा होता है, तो राष्ट्रपति खुद उस कंपनी के समर्थन में फोन करने के लिए भी तैयार रहते हैं। यह बेहद सक्रिय तरीका है, जैसा हमने पहले किसी भी राजनीतिक दल की सरकार में नहीं देखा।"
सर्जियो गोर ने कहा कि अमेरिका भारत के साथ तकनीक, रक्षा, विमानन (एविएशन) और विनिर्माण (मैन्युफैक्चरिंग) जैसे कई महत्वपूर्ण क्षेत्रों में कारोबारी और निवेश संबंधों को और मजबूत करना चाहता है। उन्होंने कहा कि भारत और अमेरिका का रिश्ता भरोसे, साझा अवसरों और दीर्घकालिक साझेदारी पर आधारित है।
उन्होंने यह भी कहा कि रक्षा, तकनीक और ऊर्जा सहयोग के साथ-साथ अब कॉमर्शियल डिप्लोमेसी भी भारत-अमेरिका रणनीतिक साझेदारी का एक मजबूत और महत्वपूर्ण स्तंभ बन चुकी है।
--आईएएनएस
वीकेयू/पीएम