आम उत्पादकों की समस्याओं को लेकर कुमारस्वामी ने शिवराज सिंह चौहान को लिखा पत्र, सहायता की मांग
बेंगलुरु, 17 जून (आईएएनएस)। केंद्रीय भारी उद्योग एवं इस्पात मंत्री एच.डी. कुमारस्वामी ने कर्नाटक के आम उत्पादकों की समस्याओं को लेकर केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान को पत्र लिखकर किसानों को प्राइस डेफिशिएंसी पेमेंट स्कीम के तहत मार्केट इंटरवेंशन स्कीम के माध्यम से सहायता देने का आग्रह किया है।
कुमारस्वामी ने अपने पत्र में कहा कि वर्ष 2026-27 के दौरान बाजार में आम की कीमतों में भारी गिरावट, अधिक उत्पादन और खेती की बढ़ती लागत के कारण किसान गंभीर आर्थिक संकट का सामना कर रहे हैं। उन्होंने किसानों और बागवानी क्षेत्र के व्यापक हित को देखते हुए इस मामले पर सहानुभूतिपूर्वक विचार करने की अपील की।
उन्होंने बताया कि कर्नाटक देश के प्रमुख आम उत्पादक राज्यों में शामिल है, जहां लगभग 1.45 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में आम की खेती होती है और मौजूदा सीजन में करीब 10 लाख मीट्रिक टन उत्पादन का अनुमान है।
कुमारस्वामी ने कहा कि कोलार, चिक्कबल्लापुर, रामनगर, बेंगलुरु ग्रामीण, धारवाड़, तुमकुरु और हावेरी जैसे जिलों में हजारों किसान परिवार अपनी आजीविका के लिए बागवानी और विशेष रूप से आम की खेती पर निर्भर हैं।
उन्होंने कहा कि बाजार में अधिक आपूर्ति और कीमतों में गिरावट के कारण किसानों को अपनी उपज बेहद कम दामों पर बेचने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है।
कर्नाटक कृषि मूल्य आयोग के अनुमान का हवाला देते हुए कुमारस्वामी ने कहा कि आम की खेती की कॉस्ट सी-3 लगभग 3,951 रुपये प्रति क्विंटल आंकी गई है, जबकि मौजूदा बाजार भाव इससे काफी कम हैं। इससे सिंचाई, श्रम और कटाई पर भारी निवेश करने वाले किसानों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है।
उन्होंने कहा कि पीडीपीएस के तहत सहायता मिलने से बाजार मूल्य और लाभकारी मूल्य के बीच की खाई को पाटा जा सकेगा और किसानों की आय की सुरक्षा सुनिश्चित होगी, साथ ही बाजार व्यवस्था भी प्रभावित नहीं होगी। विशेष रूप से कोलार जैसे बागवानी आधारित जिलों के किसानों को इससे बड़ा लाभ मिलेगा।
कुमारस्वामी ने केंद्र सरकार से कर्नाटक सरकार के साथ समन्वय स्थापित कर इस प्रस्ताव पर जल्द विचार करने और आम उत्पादकों को पीडीपीएस के तहत उचित सहायता प्रदान करने के लिए आवश्यक प्रशासनिक प्रक्रिया शीघ्र शुरू करने का अनुरोध किया है।
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