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कर्नाटक के सॉलिड वेस्ट प्रबंधन निविदा में सबसे बड़ा घोटाला: कुमारस्वामी

 

बेंगलुरु, 12 जून (आईएएनएस)। केंद्रीय मंत्री एचडी कुमारस्वामी ने शुक्रवार को आरोप लगाया कि लगभग 39,000 करोड़ रुपए की सोलिड वेस्ट प्रबंधन निविदा में भारी अनियमितता है और यह कर्नाटक में अब तक के सबसे बड़े घोटालों में से एक है।

बेंगलुरु में पत्रकारों के सवालों का जवाब देते हुए कुमारस्वामी ने कहा कि विपक्ष के नेता आर. अशोक इस बारे में पहले ही बात कर चुके हैं। मैं जल्द ही दस्तावेज पेश करूंगा और इस मामले पर विस्तार से बात करूंगा।

उन्होंने बताया कि नियमों के अनुसार, यदि बोली अनुमानित लागत से पांच प्रतिशत भी अधिक हो तो निविदा देना प्रतिबंधित है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार एक कंपनी को 38 वर्षों के लिए लगभग 38,000 करोड़ रुपए का भुगतान करने की तैयारी कर रही है और उसे 35 वर्षों का अतिरिक्त विस्तार भी दे रही है। उन्होंने कहा कि ब्लैकलिस्ट की गई कंपनी को इतना बड़ा अनुबंध किस आधार पर दिया जा रहा है? इस सवाल का जवाब मिलना चाहिए।

कुमारस्वामी ने आगे तर्क दिया कि भविष्य में कौन सी तकनीकें उभरेंगी, इसका कोई अनुमान नहीं लगा सकता। फिर भी, उन्होंने आरोप लगाया कि निविदा केवल पैसा कमाने के उद्देश्य से दी जा रही है।

उन्होंने दावा किया कि वित्त विभाग की आपत्तियों के बावजूद अनुबंध को आगे बढ़ाया जा रहा है।

कुमारस्वामी ने चेतावनी देते हुए कहा कि वित्त विभाग ने स्वयं विपक्ष द्वारा उठाई गई चिंताओं का समर्थन किया है। आपत्तियां उठते ही एक समिति का गठन किया गया। उस समिति के अधिकारी उन्हें जो भी कहा जाता है, उसे बिना सोचे-समझे स्वीकार कर लेते हैं। हर कोई अपनी नौकरी को लेकर डरा हुआ है। यह धारणा बनी हुई है कि यदि वे बात नहीं मानेंगे, तो उन्हें हटा दिया जाएगा। इसलिए, वे उनके सामने रखी गई हर बात को मंजूरी दे रहे हैं। बेंगलुरु के लोगों के लिए एक बड़ा संकट आने वाला है।

गौरतलब है कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के वरिष्ठ नेता और कर्नाटक विधानसभा में विपक्ष के नेता (एलओपी) आर. अशोक ने बुधवार को मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार पर तीखा हमला बोलते हुए कांग्रेस सरकार पर भ्रष्टाचार, पारदर्शिता की कमी और बेंगलुरु कचरा निविदा विवाद में कथित तौर पर शामिल लोगों को संरक्षण देने का आरोप लगाया।

अशोका ने बुधवार को बेंगलुरु के लिए प्रस्तावित इंटीग्रेटेड सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट (आईएसडब्ल्यूएम) परियोजना की निविदा प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं की स्वतंत्र और समयबद्ध जांच की मांग की।

ये आरोप इसलिए महत्वपूर्ण हो गए क्योंकि ये मुख्यमंत्री शिवकुमार के नेतृत्व वाली नवगठित सरकार के खिलाफ भाजपा का पहला बड़ा भ्रष्टाचार का आरोप है।

--आईएएनएस

एमएस/