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यूक्रेनी ड्रोन के डर से पहली बार ब‍िना सैन्‍य उपकरणों के होगी रूस की 'विक्ट्री डे' परेड : जेलेंस्‍की

 

येरेवन, 4 मई (आईएएनएस)। यूक्रेन के राष्ट्रपति व्लादिमीर जेलेंस्की ने सोमवार को कहा कि 9 मई को मॉस्को में होने वाली रूस की 'विक्ट्री डे' परेड इस बार ब‍िना सैन्‍य उपकरणों के हो सकती है। जेलेंस्‍की ने दावा क‍िया क‍ि असल में रूस में धीरे-धीरे कमजोर हो रहा है।

जेलेंस्की ने सोशल मीड‍िया अकाउंट एक्‍स पर लिखा, “अगर ऐसा होता है तो यह कई वर्षों में पहली बार होगा। उनके पास सैन्य उपकरणों के लिए पैसे नहीं हैं और उन्हें डर है कि ड्रोन रेड स्क्वायर के ऊपर उड़ सकते हैं।”

आर्मेनिया की राजधानी येरेवन में हो रहे 8वें यूरोपीय राजनीतिक समुदाय शिखर सम्मेलन में बोलते हुए जेलेंस्की ने कहा कि रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन इस गर्मी में तय करेंगे कि आगे क्या करना है 'युद्ध को बढ़ाना है या बातचीत की तरफ जाना है और हमें उन्हें बातचीत की ओर धकेलना चाहिए।'

उन्होंने कहा कि रूस अभी मजबूत स्थिति में नहीं है और उस पर दबाव बनाए रखना चाहिए, खासकर प्रतिबंधों के जरिए। उन्होंने कहा कि रूस के 'छिपे हुए तेल नेटवर्क' (शैडो ऑयल फ्लीट) के खिलाफ लड़ने वालों का धन्यवाद और ऐसे प्रतिबंधों का विरोध करने वालों से अपील की कि वे इसे कमजोर न करें।

जेलेंस्की ने मध्य पूर्व की स्थिति पर भी बात की और कहा कि ईरान में चल रहा युद्ध अभी खत्म नहीं हुआ है, और इससे लंबे समय तक अस्थिरता बनी रह सकती है।

उन्होंने कहा कि अगर ईरान में संघर्ष लंबे समय तक चलता है तो इस साल दुनिया भर में महंगाई बढ़ सकती है, जिससे बड़े राजनीतिक बदलाव भी हो सकते हैं।

उन्होंने यूरोपीय देशों से कहा कि ऊर्जा और सुरक्षा के क्षेत्र में सहयोग 'असल सहयोग' होना चाहिए। साथ ही उन्होंने कहा कि सभी देशों को सर्दियों की तैयारी और ऊर्जा चुनौतियों से निपटने के लिए एक-दूसरे की मदद करनी चाहिए।

यूक्रेन के राष्ट्रपति ने कहा कि यूरोप को ऐसा बनना चाहिए कि वह अपनी सुरक्षा के लिए जरूरी हर चीज खुद बना सके, खासकर बैलिस्टिक हमलों और दूसरे हथियारों से बचाव के लिए। उन्होंने कहा कि इसमें ड्रोन जैसे क्षेत्रों में यूक्रेन भी योगदान दे सकता है।

उन्होंने आगे कहा क‍ि ड्रोन डील्स का मतलब है मिलकर काम करना, मिलकर उत्पादन करना और मिलकर सुरक्षा करना। हमें इस दिशा में आगे बढ़ना चाहिए।

अंत में उन्होंने कहा कि यूरोपियन देशों को पूरे महाद्वीप में मजबूत सुरक्षा चाहिए चाहे वह हवाई हमले हों, समुद्र से खतरे हों या जमीन पर किसी भी तरह के हमले।

--आईएएनएस

एवाई/डीकेपी