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इबोला से बचाव के लिए युगांडा ने उठाए सख्त कदम, सीमावर्ती इलाकों में अलर्ट

 

कंपाला, 11 जून (आईएएनएस)। इबोला संक्रमण के प्रसार की आशंका के चलते युगांडा ने अतिरिक्त एहतियाती कदमों की घोषणा की है। देश के स्वास्थ्य मंत्रालय ने सीमावर्ती जिलों में निगरानी बढ़ाने के साथ-साथ सार्वजनिक आयोजनों पर भी प्रतिबंध लगाए हैं।

बुधवार को राष्ट्रपति योवेरी मुसेवेनी के राष्ट्र के नाम संबोधन के बाद स्वास्थ्य मंत्री क्रिस बार्योमुंसी ने बताया कि वर्तमान इबोला प्रकोप के केंद्र डीआरसी से लगने वाले सभी जिलों को विशेष रोकथाम दिशा-निर्देश जारी कर दिए गए हैं।

सरकार ने शादी समारोहों, बाजार दिवसों और अन्य बड़े सार्वजनिक आयोजनों को अस्थायी रूप से निलंबित कर दिया है। वहीं स्कूलों को स्वास्थ्य मंत्रालय के दिशा-निर्देशों का कड़ाई से पालन करने के निर्देश दिए गए हैं।

स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, पिछले पांच दिनों में युगांडा में इबोला का कोई नया मामला सामने नहीं आया है। अब तक देश में कुल 19 पुष्ट मामले दर्ज किए गए हैं, जिनमें दो लोगों की मौत हो चुकी है।

मंत्रालय की स्थायी सचिव डियाना एटवाइन ने बताया कि हालिया अध्ययन से संकेत मिले हैं कि लक्षण दिखाई देने के बाद इबोला वायरस रक्त की तुलना में लार, उल्टी और मल में अधिक मात्रा में पाया जाता है।

उन्होंने लोगों से कप, गिलास या अन्य पीने के बर्तनों को किसी और से शेयर न करने की अपील की। साथ ही कटे फल खाने से बचने की सलाह दी, क्योंकि यह पता लगाना मुश्किल होता है कि उन्हें किसी जानवर ने पहले छुआ या खाया है या नहीं।

उधर, डीआरसी में इबोला के मामलों की संख्या बढ़कर 635 हो गई है। स्वास्थ्य मंत्री रोजर कांबा ने बताया कि 9 जून तक दर्ज आंकड़ों के अनुसार, प्रकोप अभी भी चुनौती बना हुआ है, लेकिन राहत और उपचार प्रयासों में प्रगति हो रही है।

उन्होंने कहा कि संक्रमित लोगों के संपर्क में आए व्यक्तियों की निगरानी का प्रतिशत बढ़कर 61.1 प्रतिशत हो गया है, जो एक दिन पहले 56.4 प्रतिशत था। स्वास्थ्य टीमें हर प्रभावित क्षेत्र और संभावित संक्रमण संकेतों पर लगातार नजर रख रही हैं।

कांबा ने आठ नए मरीजों के स्वस्थ होने की भी जानकारी दी। इनमें सात मरीज नयनाकुंदे और एक मोंगबावलू से है। इसके साथ ही स्वस्थ हुए मरीजों की कुल संख्या 30 पहुंच गई है।

उन्होंने कहा, "हर मरीज का ठीक होना यह संदेश देता है कि समय पर इलाज जीवन बचा सकता है।"

सरकार ने अब तक 490 टन दवाएं प्रभावित क्षेत्रों में भेजी हैं, टेस्टिंग लैब्स को मजबूत किया है और इतुरी, नॉर्थ कीवू तथा साउथ कीवू में चौबीसों घंटे काम करने वाली आपातकालीन टीमें तैनात की हैं।

डीआरसी ने 15 मई को इस नए इबोला प्रकोप की घोषणा की थी। इसके दो दिन बाद विश्व स्वास्थ्य संगठन ने इसे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सार्वजनिक स्वास्थ्य आपातकाल घोषित कर दिया था।

स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि संक्रमण की रोकथाम, शीघ्र पहचान और समय पर उपचार ही इस घातक बीमारी को नियंत्रित करने की सबसे प्रभावी रणनीति है।

--आईएएनएस

केआर/