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बंगाल बंगाल: मालदा में विवेकानंद का पोस्टर फाड़ने के आरोप में टीएमसीपी के दो कार्यकर्ता गिरफ्तार

 

कोलकाता, 26 अगस्त (आईएएनएस)। पश्चिम बंगाल के मालदा जिले के एक कॉलेज में स्वामी विवेकानंद की तस्वीर वाला पोस्टर फाड़ने और उसे सबके सामने लात मारने के आरोप में तृणमूल कांग्रेस की छात्र शाखा तृणमूल छात्र परिषद (टीएमसीपी) के दो कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार किया गया है। हाल ही में सोशल मीडिया पर एक वीडियो क्लिप वायरल हुआ था, जिसमें मालदा जिले के समसी कॉलेज से जुड़े टीएमसीपी के तीन कार्यकर्ताओं को अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) का पोस्टर फाड़ते और फिर उसे पैरों तले रौंदते हुए देखा गया था।

जैसे ही वीडियो क्लिप वायरल हुआ टीएमसीपी कार्यकर्ताओं की हरकत पर तीखी प्रतिक्रियाएं आईं। पुलिस ने मामले की जांच शुरू की और इस घटना में शामिल तीन लोगों की पहचान की।

इसके बाद पुलिस ने इस मामले में शामिल तीन लोगों में से दो देबोजित साहा और अरिजीत रविदास को गिरफ्तार कर लिया है। मामले का तीसरा आरोपी तारिक अनवर अभी भी फरार है। उसे खोजने के लिए पुलिस ने तलाशी अभियान शुरू किया है।

इस बीच, स्थिति को बेकाबू होते देख तारिक ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो मैसेज पोस्ट करके अपनी हरकत के लिए माफी मांग ली थी।

इस मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए मालदा (उत्तर) में एबीवीपी के संगठन अध्यक्ष प्रसून चौधरी ने आरोप लगाया कि ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली पिछली तृणमूल कांग्रेस सरकार के दौरान टीएमसीपी कार्यकर्ताओं ने मालदा जिले के ही चंचल कॉलेज में गुरुदेव रवींद्रनाथ टैगोर की तस्वीर जला दी थी।

चौधरी ने कहा, "वे अभी भी ऐसी बुरी आदतों से बाज नहीं आए हैं। 22 अगस्त को उन्होंने स्वामी विवेकानंद की तस्वीर फाड़ दी। उन्होंने एबीवीपी का झंडा फाड़कर और उसे पैरों तले रौंदकर एक गलत संदेश देने की कोशिश की। उन्होंने गर्व के साथ इस वीडियो को सोशल मीडिया पर भी अपलोड किया। 23 अगस्त को हमने चंचल पुलिस स्टेशन में आरोपियों के खिलाफ लिखित शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने तुरंत कार्रवाई की। दोनों को गिरफ्तार किया जा चुका है। मुख्य आरोपी तारिक अभी भी फरार है।"

तारिक की तुरंत गिरफ़्तारी की मांग करते हुए उन्होंने कहा कि स्वामी विवेकानंद देश के आदर्श हैं और एबीवीपी उनकी तस्वीर का अपमान कभी बर्दाश्त नहीं करेगा।

याद दिला दें कि 2024 में मालदा जिले के चंचल कॉलेज में टीएमसीपी कार्यकर्ताओं ने गुरुदेव रवींद्रनाथ टैगोर की तस्वीर जला दी थी। इस घटना के बाद बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन हुए, जिनका नेतृत्व पश्चिम बंगाल विधानसभा में तत्कालीन विपक्ष के नेता और मौजूदा मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने किया था।

हर तरफ से हो रही आलोचनाओं के कारण पुलिस को टीएमसीपी की चंचल कॉलेज यूनिट के तत्कालीन अध्यक्ष को गिरफ्तार करना पड़ा था।

--आईएएनएस

एसएचके/पीएम