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हैदराबाद में साइबर अपराधियों के साथ 70 फर्जी खाते साझा करने के आरोप में दो गिरफ्तार

 

हैदराबाद, 11 अक्टूबर (आईएएनएस)। हैदराबाद की साइबर अपराध पुलिस ने दो व्यक्तियों को गिरफ्तार किया है। दोनों पर लगभग 70 फर्जी खाते एकत्र करने और उन्हें साइबर अपराधियों को उपलब्ध कराने का आरोप है।

पुलिस ने रविवार को बताया कि ये खाते कथित तौर पर भारत भर में 450 साइबर अपराध मामलों में शामिल थे, जिनमें लगभग 60-70 करोड़ रुपए के लेनदेन शामिल थे।

आरोपियों की पहचान हैदराबाद के रामंथपुर निवासी 39 वर्षीय गुम्मा रमेश और 19 वर्षीय मुदाले अनिल के रूप में हुई है।

गिरफ्तारियां एक ऐसे मामले के संबंध में की गई हैं, जिसमें उन्होंने फेसबुक पर सोशल मीडिया के माध्यम से नकली पुराने नोटों के नाम पर धोखाधड़ी की थी।

पीड़ित ने शिकायत की थी कि अज्ञात व्यक्तियों ने उसे एक पुराने एक रुपए के नोट के बदले 45 लाख रुपए देने का झांसा देकर 7,93,351 रुपए की राशि एकत्र की थी। शिकायत के आधार पर, सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की धारा 66C और 66डी तथा साइबर अपराध अधिनियम की धारा 318(4), 319(2), 336(3), और 340(2) के तहत मामला दर्ज किया गया।

पूछताछ के दौरान, आरोपियों ने अपराध में अपनी संलिप्तता स्वीकार की।

साइबर अपराध पुलिस स्टेशन के प्रभारी पुलिस उपायुक्त एस. चैतन्य कुमार के अनुसार, आरोपियों ने पुलिस को बताया कि उनकी आय उनके निजी खर्चों और अन्य वित्तीय जरूरतों को पूरा करने के लिए अपर्याप्त थी। इसलिए उन्होंने साइबर अपराधियों को भारी कमीशन के बदले फर्जी बैंक खाते और सिम कार्ड उपलब्ध कराने का फैसला किया था।

रमेश पहले कर्नाटक के बीदर जिले में रहता था। इस बीच वह आर्थिक तंगी के कारण हैदराबाद आ गया और टैक्सी चालक का काम करने लगा। आरोप है कि उसने साइबर जालसाजों से संपर्क स्थापित किया। इसके बाद, उसने एक फरार आरोपी के साथ मिलकर रामंथपुर और उसके आसपास के इलाकों में छात्रों, डिलीवरी पार्टनरों और अन्य लोगों से संपर्क किया और कमीशन के बदले लगभग 60-70 लोगों से उनके बैंक खाते और सिम कार्ड हासिल कर लिए।

उनसे बैंक खाता पासबुक, एटीएम/डेबिट कार्ड, इंटरनेट बैंकिंग क्रेडेंशियल और सिम कार्ड प्राप्त करने के बाद उसने उन्हें साइबर अपराध करने के लिए हरियाणा राज्य के लोगों को कूरियर के माध्यम से भेज दिया।

सिम कार्ड और बैंक खातों को प्राप्त करके, मुख्य आरोपियों पर सैकड़ों पीड़ितों को ठगने का संदेह है, जिसमें लगभग 60-70 करोड़ रुपए के लेनदेन शामिल हैं।

दूसरे आरोपी अनिल ने रमेश से कमीशन लेकर अलग-अलग बैंकों में तीन बचत खाते खोले और खाते से संबंधित क्रेडेंशियल भी उसे सौंप दिए।

--आईएएनएस

एमएस/