तमिलनाडु उपचुनाव में टीवीके का दबदबा, मदुरंतकम और धारापुरम सीट जीतने के बाद जश्न का माहौल
चेन्नई, 9 अक्टूबर (आईएएनएस)। सत्ताधारी तमिलगा वेट्री कझगम (टीवीके) ने मदुरंतकम और धारापुरम विधानसभा उपचुनाव जीत लिए हैं। मरगथम कुमारवेल और सत्यभामा ने अपने-अपने डीएमके प्रतिद्वंद्वियों को हराया, जिससे पार्टी कार्यकर्ताओं में जश्न का माहौल है और इसी के साथ तमिलनाडु में मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय के नेतृत्व वाली सरकार की राजनीतिक स्थिति मजबूत हुई है।
मरागाथम कुमारवेल ने 17,554 वोटों के अंतर से मदुरंतकम सीट जीती, जबकि सत्यभामा ने 10,196 वोटों से धारापुरम में जीत हासिल की। दोनों सीटों पर डीएमके दूसरे नंबर पर रही और उसके बाद एआईएडीएमके का स्थान रहा।
मंत्रियों ने इन दो जीतों को टीवीके सरकार के पिछले चार महीनों के कामकाज पर जनता की मुहर बताया।
राज्य की मुख्य पार्टियों के बीच कड़े मुकाबले वाले चुनाव प्रचार के बाद टीवीके के लिए इन नतीजों से नई राजनीतिक गति मिली है।
मदुरंतकम में मरागाथम कुमारवेल को 61,470 वोट मिले, जबकि डीएमके उम्मीदवार परंथमन को 43,916 वोट मिले। एआईएडीएमके उम्मीदवार गनिथा संपत 38,770 वोटों के साथ तीसरे स्थान पर रहीं। नाम तमिलर काची के उम्मीदवार जानकीरमन को 1,703 वोट मिले, जबकि सीपीआईएम उम्मीदवार सुगंधि को 1,441 वोट मिले।
इस सीट पर कुल 27 उम्मीदवार मैदान में थे और वोटों की गिनती 21 राउंड में पूरी हुई। मदुरंतकम के 2,13,788 रजिस्टर्ड वोटरों में से 1,84,413 लोगों ने वोट डाला, जिससे वोटिंग प्रतिशत 86.26 प्रतिशत रहा था।
इस सीट पर धारापुरम के मुकाबले ज्यादा वोटिंग हुई, जहां कुल वोटरों में से चार-पांचवें हिस्से से कुछ ज्यादा लोगों ने वोट डाला था।
धारापुरम में सत्यभामा को 62,596 वोट मिले और उन्होंने डीएमके उम्मीदवार सुकन्या को हराया, जिन्हें 52,400 वोट मिले थे। एआईएडीएमके की भानुमती 41,078 वोटों के साथ तीसरे स्थान पर रहीं। नाम तमिलर काची की उम्मीदवार कार्तिका को 4,954 वोट मिले, जबकि सीपीआई उम्मीदवार लक्ष्मणन को 1,099 वोट मिले।
इस सीट पर कुल 22 उम्मीदवार मैदान में थे और वोटों की गिनती 23 राउंड में हुई। धारापुरम में 80.30 प्रतिशत मतदान हुआ, जहां कुल 2,23,306 रजिस्टर्ड वोटरों में से 1,79,314 ने वोट डाले।
एआईएडीएमके के टिकट पर चुने गए विधायकों के विधानसभा से इस्तीफा देने और टीवीके में शामिल होने के बाद ये उपचुनाव जरूरी हो गए थे।
उनके जाने से इन दो सीटों पर नए सिरे से चुनाव का रास्ता खुला और सत्ताधारी पार्टी को अपना समर्थन दिखाने का मौका मिला। चुनाव प्रचार में टीवीके, डीएमके, एआईएडीएमके, वामपंथी पार्टियों और नाम तमिलर काची के बीच पांच-तरफा मुकाबला देखने को मिला।
इस चुनाव को लेकर काफी उत्सुकता थी, क्योंकि इसके नतीजे सरकार और विपक्ष, दोनों के लिए अहम थे।
जीत पक्की होने पर टीवीके कार्यकर्ताओं ने जोर-शोर से जश्न मनाया। तनावपूर्ण चुनाव प्रचार के बाद इन नतीजों ने सत्ताधारी पार्टी को राहत दी है, जबकि डीएमके और एआईएडीएमके को यह सोचना पड़ रहा है कि वे दोनों में से कोई भी सीट क्यों नहीं जीत पाए।
भले ही यह चुनाव सिर्फ दो सीटों तक सीमित था, लेकिन नतीजों ने सीएम विजय की सरकार को राजनीतिक मजबूती दी है और टीवीके को इन जीतों को वोटरों का लगातार भरोसा बने रहने के सबूत के तौर पर पेश करने का मौका दिया है।
--आईएएनएस
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