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चेन्नई नगर निगम बजट की परियोजनाओं की लागत की समीक्षा के आदेश

 

चेन्नई, 21 जुलाई (आईएएनएस)। तमिलगा वेत्री कझगम (टीवीके) सरकार ने ग्रेटर चेन्नई कॉरपोरेशन के 2026-27 के बजट में घोषित 90 परियोजनाओं की लागत का व्यापक पुनर्मूल्यांकन करने का आदेश दिया है। सरकार को आशंका है कि कई योजनाओं के लिए तय की गई अनुमानित लागत वास्तविक बाजार कीमतों की तुलना में काफी अधिक हो सकती है।

यह कदम निगम के स्कूलों के लिए प्रिंटर खरीद से जुड़े एक प्रस्ताव की प्रारंभिक जांच के बाद उठाया गया है।

निगम के बजट में 100 स्कूलों के लिए प्रिंटर खरीदने के लिए 60 लाख रुपए का प्रावधान किया गया था। हालांकि, टीवीके सरकार के सत्ता में आने के बाद यही खरीद प्रक्रिया केवल 22.12 लाख रुपए में पूरी कर ली गई, जिससे 37.78 लाख रुपए की बचत हुई।

अनुमानित और वास्तविक लागत के बीच इतने बड़े अंतर के बाद सरकार ने बजट में शामिल अन्य परियोजनाओं की भी जांच शुरू कर दी है। रिपोर्टों के अनुसार, अधिकारियों को सभी 90 परियोजनाओं की लागत का दोबारा आकलन करने का निर्देश दिया गया है।

इस समीक्षा का उद्देश्य यह पता लगाना है कि परियोजनाओं के लिए तय की गई राशि मौजूदा बाजार दरों के अनुरूप है या नहीं और क्या सार्वजनिक धन का सही तरीके से बजट में प्रावधान किया गया है।

समीक्षा के दौरान प्रत्येक परियोजना की अलग-अलग जांच की जाएगी, ताकि लागत के संभावित अधिक आकलन की पहचान की जा सके और जरूरत पड़ने पर संशोधित लागत तय की जा सके।

सरकार यह भी जांच करेगी कि योजनाओं के लिए किए गए मूल वित्तीय अनुमान उचित थे या नहीं, इससे पहले कि आगे की परियोजनाओं को मंजूरी दी जाए।

यह घटनाक्रम चेन्नई की मेयर आर. प्रिया के लिए नई चुनौती बन सकता है, क्योंकि समीक्षा के दायरे में आई परियोजनाएं पिछली सरकार के दौरान पेश किए गए ग्रेटर चेन्नई कॉरपोरेशन के 2026-27 के बजट में घोषित की गई थीं।

यदि लागत अनुमानों में बड़े बदलाव किए जाते हैं तो इससे परियोजनाओं के क्रियान्वयन, फंड आवंटन और समय-सीमा पर भी असर पड़ सकता है।

फरवरी में पेश किए गए निगम बजट में 7,717 करोड़ रुपए की आय और 9,319 करोड़ रुपए के खर्च का अनुमान लगाया गया था, जिससे 1,602 करोड़ रुपए के राजकोषीय घाटे का अनुमान सामने आया था।

बजट में यह भी बताया गया था कि निगम विश्व बैंक और जापान डेवलपमेंट बैंक समेत विभिन्न वित्तीय संस्थानों से लिए गए लगभग 2,000 करोड़ रुपए के ऋण पर हर साल 95.20 करोड़ रुपए ब्याज के रूप में चुका रहा है।

बजट में घोषित प्रमुख परियोजनाओं में निगम स्कूलों के आसपास 50 किलोमीटर लंबे सुरक्षित कॉरिडोर विकसित करने के लिए 200 करोड़ रुपए, 30 जलाशयों के पुनरुद्धार के लिए 100 करोड़ रुपए, 60 पार्कों के वैज्ञानिक तरीके से नवीनीकरण के लिए 60 करोड़ रुपए और शहर के जलमार्गों के किनारे बाढ़ सुरक्षा दीवारों के निर्माण के लिए 55 करोड़ रुपए शामिल थे।

समीक्षा के नतीजे तय करेंगे कि ये परियोजनाएं संशोधित लागत अनुमान के साथ आगे बढ़ेंगी या नहीं। सरकार का कहना है कि उसका उद्देश्य चेन्नई के शहरी विकास कार्यक्रमों में अधिक पारदर्शिता, वित्तीय अनुशासन और सार्वजनिक धन के बेहतर उपयोग को सुनिश्चित करना है।

--आईएएनएस

एएमटी/डीकेपी