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तमिलनाडु उपचुनाव: टीवीके ने पूर्व एआईएडीएमके विधायकों को बनाया उम्मीदवार

 

चेन्नई, 10 सितंबर (आईएएनएस)। तमिलनाडु की सत्तारूढ़ तमिलगा वेत्री कझगम (टीवीके) ने 6 अक्टूबर को होने वाले मदुरंतकम और धारापुरम विधानसभा उपचुनाव के लिए गुरुवार को अपने उम्मीदवारों की घोषणा कर दी। पार्टी ने पूर्व एआईएडीएमके विधायक के. मरगतम कुमारवेल और पी. सत्यभामा को मैदान में उतारा है।

दोनों नेता 25 मई को एआईएडीएमके छोड़कर टीवीके में शामिल हुए थे और विधायक पद से इस्तीफा देने के बाद इन दोनों सीटों पर उपचुनाव की स्थिति बनी थी। मदुरंतकम और धारापुरम दोनों अनुसूचित जाति (एससी) के लिए आरक्षित विधानसभा क्षेत्र हैं। निर्वाचन आयोग ने इन सीटों पर 6 अक्टूबर को मतदान और 9 अक्टूबर को मतगणना तय की है।

के. मरगतम कुमारवेल पहले मदुरंतकम से विधायक रह चुके हैं और वर्तमान में टीवीके के उप महासचिव हैं। वहीं, धारापुरम की पूर्व विधायक पी. सत्यभामा पार्टी की तिरुप्पुर दक्षिण-पूर्व जिला सचिव हैं।

पार्टी सूत्रों के अनुसार, टीवीके में शामिल होने के तुरंत बाद से ही दोनों नेताओं को उपचुनाव में टिकट दिए जाने की संभावना जताई जा रही थी।

टीवीके अध्यक्ष और मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय ने पार्टी पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं से दोनों उम्मीदवारों की जीत सुनिश्चित करने के लिए एकजुट होकर काम करने की अपील की। उन्होंने कहा कि मरगतम कुमारवेल और सत्यभामा धर्मनिरपेक्ष सामाजिक न्याय विजय गठबंधन के उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ेंगे।

इस घोषणा के साथ ही दोनों सीटों पर मुकाबला दिलचस्प हो गया है। द्रमुक (डीएमके) ने मदुरंतकम से आई. परंथमन और धारापुरम से एस. सुगन्या को उम्मीदवार बनाया है।

वहीं, एआईएडीएमके इन दोनों सीटों पर दोबारा कब्जा जमाने की तैयारी में है और उसने भाजपा समेत अपने सहयोगी दलों से समर्थन मांगा है।

टीवीके के लिए सरकार बनने के बाद यह उपचुनाव एक अहम राजनीतिक परीक्षा माना जा रहा है। पार्टी ने ऐसे उम्मीदवारों पर दांव लगाया है, जिनके पास पहले चुनाव जीतने का अनुभव, स्थानीय संगठनात्मक पकड़ और संबंधित क्षेत्रों की अच्छी समझ है।

उधर, एआईएडीएमके इन चुनावों को अपने पुराने गढ़ वापस हासिल करने का अवसर बताने की तैयारी में है, जबकि डीएमके बहुकोणीय मुकाबले का लाभ उठाने की कोशिश करेगी।

नामांकन प्रक्रिया पूरी होने के बाद चुनाव प्रचार तेज होने की संभावना है। गठबंधन की ताकत, स्थानीय मुद्दे और उम्मीदवारों का व्यक्तिगत प्रभाव चुनाव परिणाम तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। इन दोनों सीटों के नतीजों को विजय सरकार के प्रति जनता के शुरुआती रुझान और तमिलनाडु की बदलती राजनीतिक परिस्थितियों का संकेत माना जाएगा।

--आईएएनएस

डीएससी