हर संकट से निपटने की तैयारी, ट्रंप ने पेश की अमेरिका की नई राष्ट्रीय रेजिलिएंस रणनीति
वॉशिंगटन, 24 जून (आईएएनएस)। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बुधवार को एक नई 'राष्ट्रीय रेजिलिएंस रणनीति' पेश की। इसका मकसद यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी दुश्मन देश, संकट या व्यवधान अमेरिका के मुख्य हितों को खतरे में न डाल सके।
इस योजना में राष्ट्रीय सुरक्षा, सप्लाई चेन, बुनियादी ढांचे और तकनीक को सरकार की व्यापक सुधार प्रक्रिया के केंद्र में रखा गया है।
व्हाइट हाउस की ओर से जारी इस रणनीति में एक राष्ट्रीय लक्ष्य तय किया गया है कि 'कोई भी दुश्मन या खतरा अमेरिका या उसके मुख्य हितों को जोखिम में न डाल सके।' इसके तहत देश की सुरक्षा खतरों, आर्थिक झटकों, सार्वजनिक स्वास्थ्य आपात स्थितियों और बुनियादी ढांचे की विफलताओं से निपटने की क्षमता को मजबूत करने पर जोर दिया गया है।
दस्तावेज में 'रेजिलिएंस' को एक ऐसी रणनीतिक क्षमता बताया गया है जो समृद्धि बढ़ाती है, विरोधियों को हतोत्साहित करती है और संकट के समय अमेरिका की स्वतंत्र रूप से फैसले लेने की क्षमता को बनाए रखती है।
रणनीति के साथ जारी अपने संदेश में ट्रंप ने लिखा, "जब से मैं पिछले साल दोबारा राष्ट्रपति पद पर लौटा, मैंने देश और दुनिया से यह वादा किया था कि मेरे कार्यकाल में कोई भी दुश्मन या खतरा अमेरिका को जोखिम में नहीं डाल पाएगा।"
उन्होंने कहा कि मेरी राष्ट्रीय 'रेजिलिएंस रणनीति' यह सुनिश्चित करेगी कि यह महत्वपूर्ण लक्ष्य आने वाली पीढ़ियों तक कायम रहे।
इस योजना में चार मुख्य सिद्धांत बताए गए हैं। प्राथमिकता तय करना, आधुनिकीकरण करना, संसाधनों को विभिन्न स्थानों पर वितरित करना और प्रक्रियाओं को सरल बनाना। इन्हें चार प्रमुख क्षेत्रों में लागू किया जाएगा: राष्ट्रीय सुरक्षा, अर्थव्यवस्था, सार्वजनिक स्वास्थ्य और सुरक्षा तथा राष्ट्रीय बुनियादी ढांचा।
अमेरिकी प्रशासन का कहना है कि रेजिलिएंस को एक राष्ट्रीय लक्ष्य बनाया जाएगा, जिसमें सरकार, उद्योग, स्थानीय समुदाय और आम नागरिक सभी की भूमिका होगी। इस रणनीति का एक महत्वपूर्ण हिस्सा आधुनिकीकरण है।
दस्तावेज में पुराने हो चुके बुनियादी ढांचे को अपग्रेड करने, सप्लाई चेन को मजबूत बनाने और नई उभरती तकनीकों के इस्तेमाल को बढ़ाने की बात कही गई है।
रणनीति में कहा गया है, "हमें अमेरिका की तकनीकों को सुरक्षित और किफायती तरीके से अपनाने को बढ़ावा देना होगा, ताकि देश की रेजिलिएंस अधिकतम हो सके। इसमें भरोसेमंद अमेरिकी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) क्षमताएं भी शामिल हैं।"
यह दस्तावेज रेजिलिएंस को आर्थिक प्रतिस्पर्धा से भी जोड़ता है। इसमें महत्वपूर्ण वस्तुओं, सेवाओं, संसाधनों और नेटवर्क की सुरक्षा पर जोर दिया गया है। साथ ही विरोधी देशों की अमेरिकी उन्नत तकनीकों तक पहुंच सीमित करने और अमेरिकी बाजारों और शोध फंडिंग के विदेशी दुरुपयोग को रोकने की बात कही गई है।
राष्ट्रीय सुरक्षा के संदर्भ में रणनीति कहती है कि मजबूत संचार नेटवर्क, आधुनिक बुनियादी ढांचा और विभिन्न स्थानों पर फैली कमांड प्रणालियां यह सुनिश्चित करने के लिए जरूरी हैं कि कोई भी विरोधी अमेरिका की निर्णय लेने की प्रक्रिया या महत्वपूर्ण अभियानों को बाधित न कर सके।
यह योजना ट्रंप की संघीय व्यवस्था पर दी जाने वाली प्राथमिकता को भी दर्शाती है। रणनीति के अनुसार रेजिलिएंस की जिम्मेदारी केवल वॉशिंगटन सरकार की नहीं होनी चाहिए, बल्कि इसमें आम नागरिकों, व्यवसायों, राज्यों और स्थानीय सरकारों की भी साझा भूमिका होनी चाहिए।
ट्रंप ने लिखा, "मेरे नेतृत्व में हम सत्ता को फिर से अमेरिकी जनता के पास लौटा रहे हैं। हम अधिकारों को वॉशिंगटन डीसी से राज्यों और स्थानीय समुदायों को दे रहे हैं।"
रणनीति में नौकरशाही कम करने, सरकारी प्रक्रियाओं को सरल बनाने और विभिन्न सरकारी एजेंसियों और क्षेत्रों के बीच बेहतर जानकारी साझा करने की भी बात कही गई है।
व्हाइट हाउस का कहना है कि यह ढांचा एक 'अमेरिका फर्स्ट' रेजिलिएंस मॉडल तैयार करने में मदद करेगा, जो लोगों की जान की सुरक्षा करेगा, आर्थिक विकास को मजबूत बनाएगा और लंबे समय तक राष्ट्रीय सुरक्षा को समर्थन देगा।
--आईएएनएस
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