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ईरानी यूरेनियम पर 'स्पेस फोर्स' का पहरा, ट्रंप की सीधी चेतावनी- 'पास फटके तो उड़ा दिए जाओगे'

 

वाशिंगटन, 11 मई (आईएएनएस)। ईरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर अमेरिका और ईरान के बीच तनाव चरम पर है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने साफ चेतावनी दी है कि ईरान के संवर्धित यूरेनियम की निगरानी अब अमेरिकी 'स्पेस फोर्स' कर रही है। ट्रंप का यह भी कहना है कि अगर किसी ने भी वहां पहुंचने की कोशिश की, तो उसे सीधे 'उड़ा' दिया जाएगा।

डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि अमेरिका, मलबे के नीचे दबे ईरान के संवर्धित यूरेनियम पर लगातार नजर रखे हुए है। उन्होंने बताया कि इस पूरे मामले की जिम्मेदारी अमेरिकी स्पेस फोर्स संभाल रही है।

ट्रंप ने एक इंटरव्यू में स्वतंत्र पत्रकार शेरिल एटकिंसन से कहा, "अगर कोई भी व्यक्ति ईरान के संवर्धित यूरेनियम के पास पहुंचने की कोशिश करेगा, तो अमेरिका को तुरंत इसकी जानकारी मिल जाएगी और उसे “उड़ा दिया जाएगा।”

ट्रंप ने दावा किया कि अगर अमेरिका चाहता, तो वह सिर्फ दो हफ्तों में ईरान के हर सैन्य ठिकाने को निशाना बना सकता था। उनके मुताबिक ईरान सैन्य रूप से काफी कमजोर हो चुका है।

उन्होंने कहा, “हम दो और हफ्तों तक कार्रवाई जारी रखते और हर लक्ष्य को खत्म कर सकते थे। हमने जिन ठिकानों को निशाना बनाना चाहा था, उनमें से करीब 70 प्रतिशत पर हमला कर चुके हैं। हमारे पास कुछ और टारगेट भी हैं जिन पर हम संभावित रूप से हमला कर सकते हैं।”

इस बीच, ईरान ने युद्ध खत्म करने के लिए अमेरिका की तरफ से दिए गए नए प्रस्ताव पर अपना जवाब पाकिस्तान के जरिए भेजा है। ईरान की सरकारी समाचार एजेंसी आईआरएन के मुताबिक, फिलहाल बातचीत का मुख्य उद्देश्य क्षेत्र में चल रहे संघर्ष को खत्म करना है।

अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने कहा कि ईरान को साफ तौर पर बताना होगा कि वह परमाणु हथियार नहीं बनाना चाहता। अमेरिका इसे शांति समझौते के लिए बेहद जरूरी मान रहा है।

ईरान की ओर से बातचीत के लिए जो नया मसौदा तैयार किया गया है, उसमें सभी मोर्चों पर तुरंत संघर्ष रोकने की मांग की गई है। साथ ही यह भी कहा गया है कि भविष्य में ईरान के खिलाफ किसी तरह की सैन्य कार्रवाई नहीं होनी चाहिए। अर्ध-सरकारी न्यूज़ एजेंसी तस्नीम के अनुसार, ईरान ने अमेरिका से प्रतिबंध हटाने और समुद्री नाकेबंदी खत्म करने की भी मांग की है।

रिपोर्ट में कहा गया है कि प्रस्ताव में ईरान पर दोबारा हमला न होने की गारंटी और राजनीतिक समझौते के तहत कई अन्य मुद्दों को भी शामिल किया गया है।

इसके अलावा, ईरान ने मांग की है कि उसके तेल निर्यात पर लगे अमेरिकी प्रतिबंध 30 दिनों के भीतर हटाए जाएं और शुरुआती समझौते के बाद ईरान की जब्त संपत्तियां भी वापस की जाएं।

बता दें कि 28 फरवरी को अमेरिका और इजरायल ने मिलकर तेहरान समेत ईरान के कई शहरों पर हमले किए थे। इन हमलों में ईरान के तत्कालीन सर्वोच्च नेता अली खामेनेई समेत कई वरिष्ठ अधिकारी और आम नागरिक मारे गए थे। इसके जवाब में ईरान ने इजरायल और क्षेत्र में मौजूद अमेरिकी ठिकानों पर मिसाइल और ड्रोन हमले किए। साथ ही उसने होर्मुज स्ट्रेट पर अपनी निगरानी और सख्ती बढ़ा दी।

--आईएएनएस

एएस/