नेपाल बाढ़: ट्रंप ने कहा- हर मदद को तैयार अमेरिका, भेजी पांच लाख डॉलर की आपातकालीन मदद
वॉशिंगटन, 28 अगस्त (आईएएनएस)। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने नेपाल को हर जरूरी मदद देने की पेशकश की है। अमेरिकी स्टेट डिपार्टमेंट ने बताया कि नेपाल-तिब्बत सीमा पर आई विनाशकारी बाढ़ से लगभग 90 अमेरिकी नागरिक प्रभावित हो सकते हैं।
व्हाइट हाउस में गुरुवार को पत्रकारों से बात करते हुए ट्रंप ने कहा कि हमने नेपाल से संपर्क किया है और उन्हें जो भी मदद चाहिए, उसकी पेशकश की है। 'यह बहुत भयानक आपदा थी।'
अमेरिकी विदेश विभाग ने बताया कि नेपाल में फंसे तीन अमेरिकी नागरिकों को सुरक्षित बचा लिया गया है। विभाग के अनुसार, गुरुवार सुबह 8 बजे (ईस्टर्न टाइम) तक किसी अमेरिकी नागरिक की मौत की जानकारी नहीं मिली थी।
विभाग ने कहा कि नेपाल और चीन में मौजूद अमेरिकी दूतावास स्थानीय टूर ऑपरेटरों और अधिकारियों के साथ मिलकर प्रभावित क्षेत्रों में अमेरिकी नागरिकों की मदद कर रहे हैं।
एक विदेश विभाग के प्रवक्ता ने बताया कि नेपाल के नेतृत्व में खोज और बचाव अभियान लगातार जारी है। अमेरिका ने इस क्षेत्र में एक डिजास्टर रिस्पॉन्स एडवाइजर भी तैनात किया है और कैथोलिक रिलीफ सर्विसेज के साथ अपनी वैश्विक सहायता योजना के माध्यम से पांच लाख डॉलर की आपातकालीन मदद उपलब्ध कराई है।
यह धनराशि बाढ़ प्रभावित इलाकों में अस्थायी आश्रय, राहत सामग्री, स्वच्छ पानी, सफाई व्यवस्था और स्वास्थ्य संबंधी सहायता उपलब्ध कराने के लिए इस्तेमाल की जाएगी। विदेश विभाग ने प्रभावित क्षेत्रों में मौजूद अमेरिकी नागरिकों से स्थानीय समाचारों पर नजर रखने, स्थानीय प्रशासन के निर्देशों का पालन करने और स्मार्ट ट्रैवलर एनरोलमेंट प्रोग्राम में पंजीकरण कराने की अपील की है।
भारतीय मूल के अमेरिकी लॉमेकर राजा कृष्णमूर्ति और सुहास सुब्रमण्यम ने अलग-अलग बयान जारी कर विदेश विभाग से लापता अमेरिकियों की तलाश के लिए और ज्यादा प्रयास करने की मांग की। इलिनोइस से राजा कृष्णमूर्ति ने कहा कि विदेश विभाग को खोज और बचाव अभियान में हर उपलब्ध संसाधन का इस्तेमाल करना चाहिए और नेपाल व क्षेत्र के अन्य अधिकारियों के साथ मिलकर काम करना चाहिए।
उन्होंने कहा, "नेपाल और तिब्बत में आई इस विनाशकारी बाढ़ से प्रभावित सभी लोगों के साथ मेरी संवेदनाएं हैं, खासकर उन सैकड़ों लोगों के साथ जो अभी भी लापता हैं।"
उन्होंने कहा कि यह खबर बेहद चिंताजनक है कि अब भी लापता लोगों में अमेरिकी नागरिक भी शामिल हैं। मेरा कार्यालय अपने परिवार के सदस्यों और दोस्तों को खोजने की कोशिश कर रहे लोगों की मदद कर रहा है। कृष्णमूर्ति ने कहा कि जिन परिवारों को अपने प्रियजनों की जानकारी का इंतजार है, उन्हें जवाब दिलाने में अमेरिका को हर संभव मदद करनी चाहिए।
वर्जीनिया के 10वें कांग्रेसनल जिले का प्रतिनिधित्व करने वाले लॉमेकर सुहास सुब्रमण्यम ने कहा कि उत्तरी वर्जीनिया के उनके कई मतदाता भी इस आपदा से प्रभावित हुए हैं।
उन्होंने कहा कि नेपाल-तिब्बत सीमा पर आई अचानक बाढ़ की खबर बेहद दुखद है। इस भयानक आपदा से प्रभावित सभी लोगों के लिए मेरी प्रार्थनाएं हैं।
उन्होंने कहा कि मुझे खास चिंता इस बात की है कि बड़ी संख्या में अमेरिकी नागरिक प्रभावित हुए हैं और अभी भी लापता हैं। इनमें उत्तरी वर्जीनिया के मेरे कई मतदाता भी शामिल हैं।
सुब्रमण्यम ने बताया कि कुछ लापता लोग सामुदायिक नेता थे, जो आध्यात्मिक उद्देश्य से हिमालय क्षेत्र की यात्रा पर गए थे।
उन्होंने कहा, "उनमें से कुछ लोग आध्यात्मिक जुड़ाव की तलाश में हिमालय गए थे।"
उन्होंने बताया कि उनका कार्यालय लगातार विदेश विभाग के संपर्क में है, ताकि खोज और बचाव अभियान पूरी तरह प्रभावी ढंग से चलाया जा सके और परिवारों को नियमित जानकारी मिलती रहे। नेपाल में प्रभावित अमेरिकी नागरिक अमेरिकी दूतावास से संपर्क कर सकते हैं।
--आईएएनएस
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