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ट्रंप ने हेगसेथ को रक्षा मंत्री पद पर बनाए रखने का किया समर्थन, रिपब्लिकन सांसद ने फिर उठाई महाभियोग की मांग

 

वाशिंगटन, 5 नवंबर (आईएएनएस)। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने गुरुवार को कहा कि वह रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ को उनके पद पर बनाए रखना चाहते हैं। वहीं, रिपब्लिकन सांसद थॉमस मैसी ने ईरान के साथ युद्ध और अन्य सैन्य अभियानों के संचालन को लेकर हेगसेथ के खिलाफ महाभियोग चलाने की मांग फिर से उठाई है।

ट्रंप ने एबीसी न्यूज के पत्रकार जोनाथन कार्ल से बातचीत में कहा, "मेरा उन्हें पद पर बनाए रखने का पूरा इरादा है।" कार्ल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर इस बातचीत की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि ट्रंप ने स्वीकार किया कि उन्हें ऐसे लोगों के फोन आए हैं, जो हेगसेथ से खुश नहीं हैं।

इसके जवाब में केंटकी से रिपब्लिकन सांसद थॉमस मैसी ने एक्स पर कहा कि यदि ट्रंप हेगसेथ जैसे अधिकारियों को बदलना चाहते हैं तो उन्हें ऐसा जल्द करना चाहिए, ताकि उनके उत्तराधिकारियों की सीनेट से नियुक्ति की पुष्टि कराई जा सके। मैसी ने यह भी कहा कि जब डेमोक्रेट्स कांग्रेस का नियंत्रण संभालेंगे तो वे सुनवाई और मुकदमे की प्रक्रिया शुरू करेंगे।

यह घटनाक्रम मैसी के बुधवार शाम दिए गए उस बयान के बाद सामने आया, जिसमें उन्होंने कहा था कि यदि हेगसेथ इस्तीफा नहीं देते हैं तो वह उनके खिलाफ महाभियोग के प्रस्ताव दोबारा पेश करेंगे।

मैसी ने लिखा, "एकमात्र ऐसी स्थिति जिसमें मैं महाभियोग के प्रस्ताव दोबारा पेश नहीं करूंगा, वह है हेगसेथ का इस्तीफा देना।"

सीएनएन की रिपोर्ट के मुताबिक, मैसी ने नेटवर्क को बताया कि अगले सप्ताह कांग्रेस का सत्र दोबारा शुरू होने पर वह प्रतिनिधि सभा में इस प्रस्ताव पर मतदान कराने की कोशिश करेंगे। अगले सप्ताह होने वाली कोई भी कार्रवाई मौजूदा कांग्रेस के कार्यकाल में होगी। यह चुनाव के बाद और जनवरी में नई कांग्रेस के कार्यभार संभालने के बीच का सत्र होगा।

मैसी ने इससे पहले 15 सितंबर को प्रतिनिधि सभा में महाभियोग के आठ अनुच्छेद पेश किए थे। इनमें से तीन अनुच्छेद 1973 के वॉर पावर्स रेजोल्यूशन से जुड़े हैं। इनमें आरोप लगाया गया है कि हेगसेथ ने कांग्रेस की अनुमति के बिना ईरान के खिलाफ सैन्य अभियान शुरू किए या उन्हें जारी रखा।

पहले अनुच्छेद में आरोप लगाया गया है कि हेगसेथ ने 28 फरवरी को ईरान के खिलाफ अमेरिकी सेना को सैन्य कार्रवाई में शामिल होने का निर्देश दिया, जबकि न तो युद्ध की औपचारिक घोषणा की गई थी और न ही कांग्रेस से इसके लिए विशेष कानूनी मंजूरी ली गई थी। इसके अलावा अमेरिका, उसके क्षेत्रों या सशस्त्र बलों पर हमले के कारण कोई राष्ट्रीय आपातकाल भी घोषित नहीं किया गया था।

दूसरे अनुच्छेद में आरोप है कि जून में कांग्रेस की ओर से राष्ट्रपति को ईरान के खिलाफ बिना अनुमति जारी सैन्य कार्रवाई से अमेरिकी सैनिकों को वापस बुलाने का निर्देश देने वाला प्रस्ताव पारित किए जाने के बाद भी अभियान जारी रखा गया। तीसरे अनुच्छेद में कहा गया है कि सैन्य कार्रवाई निर्धारित कानूनी समयसीमा समाप्त होने के बाद भी जारी रही।

मैसी ने सितंबर में अपने कार्यालय की ओर से जारी बयान में कहा था, "कांग्रेस की अनुमति के बिना ईरान में 90 दिनों से अधिक समय तक सैन्य कार्रवाई करके रक्षा मंत्री हेगसेथ कानून तोड़ रहे हैं और उन्हें जवाबदेह ठहराया जाना चाहिए।"

महाभियोग के बाकी पांच अनुच्छेदों में हेगसेथ पर नागरिकों की मौत कम करने से जुड़े कानूनों की अनदेखी करने, समुद्र में मादक पदार्थों की तस्करी के संदिग्ध लोगों पर गैरकानूनी घातक हमलों की निगरानी करने, सीनेटर मार्क केली के भाषण को लेकर उनके खिलाफ कार्रवाई करने और प्रतिशोध लेने के आरोप लगाए गए हैं।

इसके अलावा उन पर वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी को बिना कानूनी अधिकार के हिरासत में लेने का निर्देश देने तथा यमन में बिना अनुमति सैन्य अभियान शुरू करने के आरोप भी शामिल हैं।

ट्रंप की जोनाथन कार्ल से बातचीत मुख्य रूप से इस सवाल पर केंद्रित थी कि क्या वह हेगसेथ को रक्षा मंत्री पद पर बनाए रखना चाहते हैं। मैसी ने इसके जवाब में कहा कि उनके द्वारा पहले पेश किए गए महाभियोग के आठ अनुच्छेद उन कदमों की तुलना में कम गंभीर हैं, जिन्हें उनके अनुमान के मुताबिक आने वाली कांग्रेस में डेमोक्रेट्स उठा सकते हैं।

अमेरिकी संविधान के तहत संघीय अधिकारियों के खिलाफ महाभियोग चलाने का विशेष अधिकार प्रतिनिधि सभा के पास है। प्रतिनिधि सभा साधारण बहुमत से महाभियोग के अनुच्छेदों को मंजूरी दे सकती है। प्रत्येक अनुच्छेद में एक आरोप दर्ज होता है, जिस पर प्रतिनिधि सभा की मंजूरी मिलने के बाद सीनेट में सुनवाई होती है।

वहीं, महाभियोग के मामलों की सुनवाई का विशेष अधिकार सीनेट के पास है। किसी अधिकारी को दोषी ठहराने और पद से हटाने के लिए मौजूद सीनेटरों के दो-तिहाई सदस्यों का समर्थन जरूरी होता है। यदि सभी 100 सीनेटर मौजूद हों तो इसके लिए 67 वोटों की आवश्यकता होगी।

--आईएएनएस

डीएससी