वायरल वीडियो में अपमानजनक व्यवहार पर बवाल, त्रिपुरा स्टूडेंट्स फोरम की दिल्ली में एफआईआर की मांग
नई दिल्ली, 22 अक्टूबर (आईएएनएस)। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे एक वीडियो को लेकर विवाद बढ़ गया है। इस वीडियो में त्रिपुरा के एक व्यक्ति के साथ उत्पीड़न, नस्लीय टिप्पणी और अपमानजनक व्यवहार दिख रहा है।
इस मामले में त्रिपुरा स्टूडेंट्स फोरम दिल्ली ने गुरुवार को दिल्ली पुलिस में औपचारिक शिकायत दर्ज कराई है और एफआईआर दर्ज कर तत्काल जांच की मांग की है।
यह मामला तब सामने आया, जब केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने सोशल मीडिया पर इस मुद्दे को उठाया। वहीं, त्रिपुरा पुलिस भी इस मामले में संबंधित कानूनी धाराओं के तहत केस दर्ज कर रही है और कानून के अनुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।
त्रिपुरा स्टूडेंट्स फोरम दिल्ली ने अपनी शिकायत में पुलिस से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है। फोरम ने एक सोशल मीडिया कंटेंट क्रिएटर पर त्रिपुरा के व्यक्ति के साथ गलत व्यवहार करने का आरोप लगाया है।
शिकायत में कहा गया है, "त्रिपुरा स्टूडेंट्स फोरम दिल्ली की ओर से हम इंस्टाग्राम पर प्रसारित हो रहे एक परेशान करने वाले वीडियो में तत्काल हस्तक्षेप की मांग करते हुए यह औपचारिक शिकायत दर्ज करा रहे हैं, जिसमें कथित तौर पर त्रिपुरा के एक व्यक्ति को एक सोशल मीडिया कंटेंट क्रिएटर द्वारा उत्पीड़न और अपमानजनक व्यवहार का शिकार बनाया जा रहा है।"
फोरम ने कहा कि अगर जांच में ये आरोप सही पाए जाते हैं, तो यह व्यक्ति की गरिमा और सुरक्षा के साथ-साथ नॉर्थ-ईस्ट के लोगों के नस्लीय भेदभाव और उत्पीड़न से बचाव को लेकर गंभीर चिंता का विषय है।
फोरम ने आरोप लगाया है कि वीडियो में 'चिंकी' और 'चाइनीज' जैसे नस्लीय अपमानजनक शब्दों का इस्तेमाल किया गया है। शिकायत में कहा गया, "जब ऐसे शब्दों का इस्तेमाल किसी व्यक्ति को उसकी जातीय या क्षेत्रीय पहचान के आधार पर नीचा दिखाने या अपमानित करने के लिए किया जाता है, तो यह गरिमा और समान व्यवहार को लेकर गंभीर चिंताएं पैदा करता है।"
फोरम ने वीडियो में त्रिपुरा राज्य के लिए अपमानजनक भाषा के इस्तेमाल पर भी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि यह न केवल संबंधित व्यक्ति का, बल्कि पूरे राज्य के लोगों का अपमान है। ऐसी भाषा से त्रिपुरा समुदाय के लोगों में गुस्सा है। इसे राज्य की गरिमा और प्रतिष्ठा पर हमला माना जा रहा है।
फोरम का कहना है कि सोशल मीडिया पर ऐसी सामग्री का प्रसार राज्य और उसके लोगों के प्रति मजाक और अवमानना को सामान्य बना सकता है, खासकर जब इसके साथ उत्पीड़न और अपमान की घटनाएं जुड़ी हों।
फोरम ने पुलिस से कई मांगें की हैं। उन्होंने सामग्री की जांच के बाद लागू कानूनी प्रावधानों को तय करने, पीड़ित व्यक्ति का बयान दर्ज करने और पूरी जांच करने का आग्रह किया है। इसके साथ ही औपचारिक रूप से एफआईआर दर्ज करने की भी मांग की है।
इसके अलावा फोरम ने इंस्टाग्राम अकाउंट चलाने वाले व्यक्ति की पहचान करने, पीड़ित से सुरक्षित और गोपनीय तरीके से संपर्क कर उसका बयान दर्ज करने और उसे आगे की धमकी या उत्पीड़न से बचाने की मांग की है। उन्होंने इलेक्ट्रॉनिक सबूत जैसे मूल रिकॉर्डिंग, मेटाडेटा और अपलोड हिस्ट्री को सुरक्षित रखने की भी मांग की है।
--आईएएनएस
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