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दिल्ली में त्रिपुरा के युवक से कथित नस्लीय दुर्व्यवहार पर राजनीतिक दलों ने जताया विरोध, कार्रवाई की मांग

 

अगरतला, 21 अक्टूबर (आईएएनएस)। दिल्ली में त्रिपुरा के एक आदिवासी युवक के साथ कथित नस्लीय दुर्व्यवहार के मामले में त्रिपुरा के राजनीतिक दलों और नेताओं ने कड़ी निंदा की है। माकपा, कांग्रेस और टिपरा मोथा पार्टी (टीएमपी) के नेताओं ने इस घटना को त्रिपुरा और पूर्वोत्तर के लोगों का अपमान बताते हुए आरोपी कंटेंट क्रिएटर के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।

मामले में सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक वीडियो सामने आने और व्यापक आलोचना के बाद कंटेंट क्रिएटर आमिर शोकीन ने माफी मांगी। फेसबुक पर एक पोस्ट में शोकीन ने दावा किया कि वीडियो पहले से तय पटकथा के अनुसार बनाया गया था और उसमें दिख रहा युवक उनका परिचित था। उन्होंने कहा कि वह युवक पहले अहमदाबाद में उनके एक दोस्त के कैफे में काम करता था। शोकीन ने इसे मजाकिया वीडियो बताते हुए कहा कि दोनों एक-दूसरे के साथ मजाक कर रहे थे और उनका किसी का अपमान करने का इरादा नहीं था। हालांकि, टीएमपी के संस्थापक और सत्तारूढ़ भाजपा के सहयोगी प्रद्योत बिक्रम माणिक्य देबबर्मा ने युवा संगठनों से संबंधित कानूनों के तहत शोकीन के खिलाफ मामला दर्ज कराने की अपील की। उन्होंने त्रिपुरा पुलिस से आरोपी को गिरफ्तार करने के लिए दिल्ली में पुलिस टीम भेजने की भी मांग की।

टीएमपी की युवा इकाई यूथ त्रिपुरा फेडरेशन (वाईटीएफ) ने बुधवार को अगरतला के एनसीसी पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराई। शिकायत में शोकीन पर साइबर बुलिंग, नस्लीय उत्पीड़न, घृणास्पद भाषण और त्रिपुरा के मूल निवासियों की मानहानि करने का आरोप लगाया गया है।

देबबर्मा ने फेसबुक पोस्ट में कहा, "यह दुखद दिन है कि भारतीय होने के नाते हमें इस तरह की घटनाएं देखनी पड़ रही हैं।" उन्होंने आरोप लगाया कि शोकीन ने त्रिपुरा के लोगों का मजाक उड़ाया और राज्य के ऐतिहासिक नाम को विकृत किया, जो पूरे राज्य का अपमान है।

उन्होंने कहा, "मैं मांग करता हूं कि उचित कार्रवाई की जाए। वाईटीएफ, टीएसएफ और टीआईएसएफ को तुरंत मामला दर्ज कराना चाहिए और इस व्यक्ति को गिरफ्तार करने के लिए पुलिस टीम भेजी जानी चाहिए।"

मंगलवार को सोशल मीडिया पर एक कथित वीडियो वायरल हुआ था, जिसमें शोकीन को त्रिपुरा के युवक के खिलाफ कथित तौर पर अपमानजनक टिप्पणियां करते हुए दिखाया गया। वीडियो में युवक को कथित तौर पर 'चिंकी', 'चीन का राष्ट्रपति' और 'माइकल जैक्सन' जैसे शब्दों से संबोधित किया गया। वीडियो सामने आने के बाद पूर्वोत्तर के कई हिस्सों में आक्रोश देखने को मिला।

त्रिपुरा विधानसभा में विपक्ष के नेता और माकपा के प्रदेश सचिव जितेंद्र चौधरी ने शोकीन से संबंधित युवक, त्रिपुरा के लोगों, टिपरासा यानी राज्य के मूल आदिवासी समुदाय और पूर्वोत्तर के लोगों से तत्काल माफी मांगने की मांग की। चौधरी ने फेसबुक पोस्ट में कहा, "यह कोई हंसी-मजाक नहीं है। आपने सार्वजनिक रूप से इस देश के एक युवक का अपमान किया और उसे अपमानित किया, जबकि आप भी इसी देश का हिस्सा हैं। इस तरह आपने पूरे समुदाय और पूर्वोत्तर क्षेत्र के प्रति घोर अनादर दिखाया है।" उन्होंने आगे कहा कि आरोपी के शब्दों और व्यवहार के गंभीर परिणाम होंगे और इस तरह की हरकत को माफ नहीं किया जा सकता।

माकपा पोलित ब्यूरो के सदस्य और पूर्व मंत्री चौधरी ने कहा कि शोकीन को कथित आपत्तिजनक टिप्पणियों के लिए पीड़ित युवक, त्रिपुरा के लोगों और टिपरासा समुदाय से ईमानदारी के साथ बिना किसी शर्त के माफी मांगनी चाहिए। विपक्ष के नेता ने दिल्ली पुलिस से कंटेंट क्रिएटर के खिलाफ तत्काल, सख्त और उदाहरण पेश करने वाली कार्रवाई करने की भी अपील की। उन्होंने कहा कि आरोपी को गिरफ्तार कर कानून के तहत मुकदमा चलाया जाना चाहिए, ताकि भविष्य में कोई भी त्रिपुरा और टिपरासा समुदाय का अपमान करने की हिम्मत न करे।

कांग्रेस के वरिष्ठ विधायक और पूर्व मंत्री बिराजित सिन्हा ने भी त्रिपुरा के युवक के साथ कथित दुर्व्यवहार की निंदा की और शोकीन के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की। अपने आधिकारिक फेसबुक अकाउंट पर सिन्हा ने इस घटना को बेहद चिंताजनक बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि कंटेंट क्रिएटर ने सोशल मीडिया मंचों पर पूर्वोत्तर के लोगों के साथ नस्लीय भेदभाव और यौन उत्पीड़न जैसे व्यवहार को सामान्य बनाने की कोशिश की।

सिन्हा ने कहा, "नस्लीय भेदभाव कोई मजाक नहीं है। हमने अतीत में नस्लीय दुर्व्यवहार, हिंसा और मौत की कई घटनाएं देखी हैं, जिनमें त्रिपुरा के एंजेल चकमा का मामला भी शामिल है।" त्रिपुरा कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष सिन्हा ने मुख्यमंत्री माणिक साहा और राज्य पुलिस से कानूनी प्रक्रिया के तहत मामले को आगे बढ़ाने की अपील की। उन्होंने आरोपी के लिए कठोरतम सजा की मांग भी की।

--आईएएनएस

डीएससी